/विद्यार्थियों ने नरेन्द्र मोदी को ‘युवा नेता’ के रूप में नकारा…

विद्यार्थियों ने नरेन्द्र मोदी को ‘युवा नेता’ के रूप में नकारा…

-नचिकेता देसाई||

ट्विटर, फेसबुक सहित न्यू मीडिया के सभी हथकंडे अपनाने के बाद भी प्रधानमंत्री पद का ख्याली पुलाव पकाने वाले नरेंद्र मोदी को महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी के छात्रों ने ‘युवा नेता’ मानने से इनकार कर दिया और हाल ही में हुए छात्र संघ के चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के सभी प्रत्याशियों को हार की धूल चटा दी.narendra-modi

विद्यार्थी परिषद् ने छात्र संघ के चुनाव में अपने प्रत्याशियों के प्रचार के लिए यूनिवर्सिटी कैंपस की दीवारों को मोदी की फोटो वाले पोस्टरों से पाट दिया गया था. साथ ही ट्विटर और फेसबुक के फर्जी पेज और अकाउंट बना कर युवक युवतियों को आकर्षित करने का जोरदार प्रयास किया था. इसके बावजूद छात्र संघ के सभी पदों के लिए हुए चुनाव में परिषद् के प्रत्याशियों को मुंह की खानी पड़ी. बल्कि दस साल में विद्यार्थी परिषद् को छात्र संघ चुनाव में पहली बार हार का सामना करना पड़ा.

इस हार की शर्मिंदगी के बाद यूनिवर्सिटी परिसर में लगे मोदी के सारे पोस्टर्स और बैनर्स तुरंत हटा लिए गए.

Facebook Comments

संबंधित खबरें:

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.