/आसाराम की जमानत पर सुनवाई कल तक के लिए टली…

आसाराम की जमानत पर सुनवाई कल तक के लिए टली…

-संगीता शर्मा||

जोधपुर, नाबालिग छात्रा से यौन शोषण के आरोपी  आसाराम  को अब एक ओर रात जोधपुर जेल में बितानी होगी. उनकी जिला व सेशन न्यायालय में मंगलवार को जमानत की अर्जी पर बहस पूरी नहीं हो सकी इसलिए उन्हें राहत नहीं मिल पार्इ. उनके वकीलों ने उन्हें राजनैतिक साजिश के तहत फ़साने और उनके स्वास्थ्य खराब होने का हवाला दिया लेकिन अभियोजन पक्ष की सुनवार्इ नहीं होने से कल तक सुनवार्इ टाल दी गर्इ. . अब उनकी जमानत की अर्जी पर सुनवार्इ बुधवार को होने की उम्मीद है. जेल में बंद आसाराम के बेटे नारायण स्वामी या परिवार के कोर्इ भी सदस्य उनके जोधपुर पहुंचने के बाद उनकी सुध नही लेने पहुंचा है. वहीं जेल के बाहर सोमवार शाम पुलिस की लाठीचार्ज के बाद उनके समर्थक आज कोर्ट में और ना ही जेल परिसर के बाहर नजर नहीं आए. गौरतलब है कि आसाराम को मंगलवार को जोधपुर की सेंट्रल जेल में भेज दिया गया है. उन्हें सोमवार को कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें 15 सितम्बर तक चौदह दिन की न्यायिक हिरासत पर भेज दिया है.asa

आसाराम की जमानत पर मंगलवार सुबह सुनवार्इ शुरू हुर्इ लेकिन सेशन न्यायाधीश ने दोपहर ढार्इ बजे तक सुनवार्इ को स्थगित कर दिया. लंच के बाद जमानत अर्जी पर बहस और सुनवार्इ शुरू हुर्इ. आसाराम के वकील जे के मेनन और जगमाल चौधरी ने उनको निर्दोष बताते हुए राजनीतिक साजिश के तहत फंसाने की बात कही और उनके स्वास्थ्य खराब होने की दलील दी . उन्होने कहा कि लड़की डेढ घंटे तक कमरे में थी तो उसके माता पिता बाहर क्या कर रहे थे और उन्होने तब क्यूँ नहीं आवाज उठार्इ. उन्होने मामले का फर्जी करार देते हुए उनकी जमानत की अपील की. वहीं पीड़िता के वकील आनंद पुरोहित ने बताया कि नाबालिग छात्रा से दुराचार करने और पुलिस अनुसंधान में आरोप सही पाए गए. बुधवार को जमानत की अर्जी का विरोध किया जाएगा.

इधर उनके सहयोगी शिवा को भी पुलिस ने पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें भी जेल भेज दिया गया. वहीं छिंदवाडा आश्रम की वार्डन शिल्पी फरार है. उसकी तलाश के लिए एक पुलिस टीम गठित की गर्इ है.  इधर आसाराम के मर्दानगी परीक्षण की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. इस रिपोर्ट से यह साबित होता है कि आसाराम 16 साल की उस लड़की के साथ यौन शोषण और रेप जैसा अपराध करने लायक हैं. गौरतलब है कि उन्हें कल जोधपुर लाने के बाद कोर्ट में पेश किया गया था. वहां से आसाराम को एक दिन के लिए पुलिस रिमांड पर भेजा गया. पुलिस पीड़िता के बयानों की तस्दीक करवाने आसाराम को मणाइ गांव ले गइ. वहां उससे 15 अगस्त की रात मध्यप्रदेश में उनके आश्रम में पढने वाली छात्रा से दुराचार करने के बारे में दिए बयानों के बारे में गहन पूछताछ की गयी थी.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.