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गुजरात अब आसाराम के लिए नरक.. अवैध आश्रम खाली करवा रही है नमो सरकार..

By   /  September 5, 2013  /  1 Comment

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आसाराम के कारनामें सामने आने और जेल के सींखचों के पीछे पहुँच जाने से नरेन्द्र मोदी की छवि को हुए भारी नुकसान के बाद गुजरात सरकार डैमेज कंट्रोल करने में जुट गई है. जिसके चलते आसाराम द्वारा अहमदाबाद और गुजरात के अन्य स्थानों पर सरकारी ज़मीनों पर ज़बरन अवैध कब्ज़ा कर बनाये गए आश्रमों को खाली करवाने की कवायद शुरू कर दी गई है.asaram-ashram-ahamdabad

गौरतलब है कि अहमदाबाद में जो आसाराम का आश्रम है वही उनका मुख्यालय है. यह सरदार पटेल क्रिकेट स्टेडियम के पास 10 एकड़ भूमि पर स्थित है. यह ज़मीन उन्हें राज्य सरकार ने दी थी. फरवरी 2009 में गुजरात सरकार ने विधानसभा में स्वीकार किया कि आसाराम के आश्रम ने 67,089 वर्ग मीटर जमीन कब्जा ली है. इसके बावजूद नरेन्द्र मोदी सरकार ने आसाराम से इस ज़मीन को छुडवाने के लिए कोई प्रयास नहीं किये थे.

मगर देश भर में आसाराम के खिलाफ उपजे आक्रोश ने नरेन्द्र मोदी को भीतर तक हिला दिया है. जिसके चलते नरेन्द्र मोदी ने आसाराम द्वारा गुजरात में सरकारी ज़मीनों पर कब्ज़ा कर बनाये गए आश्रमों को खाली करवा कर ज़मीन पर वापिस सरकारी कब्ज़ा लेने के सख्त आदेश अपने अधिकारीयों को दे दिए हैं.

इसके बाद से गुजरात सरकार के अधिकारीयों ने मुस्तैदी दिखाते हुए ऐसे अवैध आश्रम खाली करने के नोटिस जारी कर दिए हैं. जूनागढ़ में भी कई सौ एकड़ सरकारी ज़मीन पर आसाराम ने कब्जा कर रखा है तो सूरत और भावनगर में भी आसाराम ने सरकारी ज़मीन पर अवैध कब्ज़ा कर आश्रम बनाए हैं.. अब प्रशासन आश्रम के अवैध कब्जों को गिराने के लिए ज़मीन की नाप जोख करने में जुट गया है.

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

1 Comment

  1. This media darbar is an ass…crap…fuck it n ban it

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