/चीन ने फिर की घुसपैठ, भारतीय सेना को गश्त करने से रोका…

चीन ने फिर की घुसपैठ, भारतीय सेना को गश्त करने से रोका…

चीन ने एक बार फिर दुस्‍साहस करते हुए भारत की जमीन को हड़प लिया है. एक रिपोर्ट के अनुसार, लद्दाख क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन ने 640 वर्ग किलोमीटर भारतीय क्षेत्र पर अपना कब्‍जा जमा लिया है. इस मामले के तूल पकड़ने के बाद रक्षा मंत्री एके एंटनी आज संसद में बयान देंगे. वहीं विपक्षी पार्टियों ने पीएम से जवाब देने को कहा है. china1
इस बात का खुलासा हुआ है प्रधानमंत्री के सुरक्षा सलाहकार बोर्ड की तरफ से पीएम को सौंपी गई रिपोर्ट में. यह खुलासा ऐसे वक्त में हुआ है जब चीन की तरफ से भारतीय सीमा में लगातार घुसपैठ की खबरें आती रहीं हैं और सरकार की तरफ से इस मामले में कोई गंभीर कार्रवाई अब तक नहीं की गई.
चीन लगातार भारतीय सीमा में घुसता रहा है और धीरे-धीरे भारत की जमीन पर कब्‍जा जमाता रहा. वहीं, सरकार अब तक इस मामले में बिलकुल सोई हुई है. सुरक्षा मामलों में सलाह देने वाले बोर्ड के प्रमुख श्याम सरन हैं.
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि लद्दाख के डेपसांग, चुमार, पैंगांग इलाके में चीनी पीएलए ने भारतीय सैनिकों को गश्त लगाने से रोका. वहीं, चीन सीमा पर हालात का जायजा लेने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ओर से बनाई गई एक समिति के बारे में समझा जाता है कि उसने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि चीनी सेना ने भारतीय जवानों को गश्ती के लिए वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) तक जाने की इजाजत नहीं दी थी. इसी के चलते 640 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में भारतीय सेना निगरानी नहीं कर पा रही.
यह रिपोर्ट पिछले महीने पीएम को सौंपी गई थी. जानकारी के अनुसार, कैबिनेट की सुरक्षा समिति में भी इस पर चर्चा की गई थी लेकिन मॉनसून सत्र में संसद को अब तक सूचित नहीं किया गया.
गौरतलब है कि बीते एक साल में कई बार चीनी सेना की ओर से भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की घटना सामने आई. अप्रैल में डेप्सांग घाटी में चीनी सेना ने भारतीय जमीन पर 21 दिनों तक तंबू गाड़े रखा. इसके बाद भी लगातार चीनी घुसपैठ की खबरें आती रहीं. जबकि सरकार हर बार यह कहती रही कि चीन के साथ सीमा पर हालात सामान्य हैं. ऐसे में हालात अब बेहद गंभीर हैं और सरकार के समक्ष ये खासा मुश्किलें खड़ी करेगा. सवाल राष्‍ट्रीय सुरक्षा का है और सरकार का अब तक का रवैया बेहद लापरवाही भरा रहा है.
उधर, बीजेपी ने प्रधानमंत्री के विशेष दूत श्याम सरन की रिपोर्ट में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन के 640 वर्ग किलोमीटर भारतीय क्षेत्र पर कब्जा करने संबंधी जानकारी को गंभीर विषय करार देते हुए रक्षा मंत्री एके एंटनी से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है.
लोकसभा में गुरुवार रात इस विषय को उठाते हुए भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने कहा कि अभी अभी खबर आई है कि प्रधानमंत्री के विशेष दूत श्याम सरन को वास्तविक नियंत्रण रेखा की स्थिति का अध्ययन करने का दायित्व दिया गया था और उन्होंने अपनी रिपोर्ट पेश की है, जिसमें कहा है कि चीन ने भारत की 640 वर्ग किलोमीटर जमीन पर कब्जा कर लिया है.
उन्होने कहा कि स्थिति यह है कि ऐसी गंभीर खबर चल रही है और संसद अंजान है और सरकार चुप है. रक्षा मंत्री को तत्काल बुलाया जाए और वे इस विषय पर सफाई दें. इस विषय पर सब कुछ छोड़कर चर्चा कराई जाए.
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड (एनएसएबी) के अध्यक्ष श्याम सरन की अध्यक्षता वाली इस टीम ने सीमा पर आधारभूत संरचना विकास और वहां के हालात का जायजा लेने के लिए 2 अगस्त से 9 अगस्त के बीच लद्दाख का दौरा किया था.
माना जा रहा है कि समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारत जिसे एलएसी मानता है उसके भीतर दौलत बेग ओल्डी और लद्दाख के अन्य सेक्टरों में चीनी सैनिकों ने मोटर के आने-जाने लायक सड़कें बना दी हैं. सूत्रों ने बताया, समझा जाता है कि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारतीय सेना को चीनी सैनिकों ने गश्त करने से रोका था.

 

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.