/नेपाल में सम्मानित हुए मनोज भावुक…

नेपाल में सम्मानित हुए मनोज भावुक…

नेपाल की राजधानी काठमांडू में आयोजित तीन दिवसीय (13-15 सितम्बर 2013) अंतर्राष्ट्रीय ब्लागर सम्मेलन में भोजपुरी के सुप्रसिद्ध साहित्यकार व लगभग एक दशक से इंटरनेट पर भोजपुरी की तमाम विधाओं में रचना करने वाले लोकप्रिय कवि, फिल्म समीक्षक व टीवी एंकर मनोज भावुक को  ”परिकल्पना लोक भूषण सम्मान” से विभूषित किया गया.Manoj Bhawuk

उन्हें सम्मान प्रदान किया नेपाल सरकार के पूर्व मंत्री तथा संविधान सभा के अध्यक्ष अर्जुन नरसिंह केसी ने.

मनोज को यह सम्मान भोजपुरी साहित्य में किये गए उनके बहुमूल्य व बहुआयामी योगदान के लिए दिया गया. पहली बार किसी भोजपुरी साहित्यकार को यह सम्मान दिया गया. इस बार आयोजित सम्मेलन में हिन्दी के साथ हीं साथ नेपाली, भोजपुरी, अवधी, छतीसगढ़ी, मैथिली आदि भाषाओं के रचनाकारों को भी परिकल्पना सम्मान से नवाजा गया.

विदित हो कि मनोज ने भोजपुरी भाषा व साहित्य का प्रचार प्रसार न सिर्फ हिन्दुस्तान बल्कि अफ्रिका व ग्रेट ब्रिटेन आदि देशों में भी किया है. मनोज भोजपुरी एसोसियेशन ऑफ युगांडा व भोजपुरी समाज, लन्दन के संस्थापक, अखिल भारतीय भोजपुरी साहित्य सम्मलेन के पूर्व प्रबंध मंत्री, विश्व भोजपुरी सम्मेलन, दिल्ली के अध्यक्ष हैं. सम्प्रति अंजन टीवी में एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर हैं .

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.