/मुजफ्फरनगर दंगा प्रकरण में अब तक चार विधायक गिरफ्तार…

मुजफ्फरनगर दंगा प्रकरण में अब तक चार विधायक गिरफ्तार…

मुजफ्फरनगर दंगा भड़काने के मामले में गिरफ्तार भाजपा विधायक को शनिवार को लखनऊ से मुजफ्फरनगर लाकर एसीजेएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. इस बीच कोर्ट परिसर में भाजपा के एक दर्जन कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया, जिस पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. सुरेश राणा थाना भवन से विधायक हैं. वहीं दूसरी ओर इस मामले में आज भाजपा विधायक हुकूम सिंह, बसपा विधायक नूर सलीम राणा और भाजपा विधायक संगीत सोम को भी गिरफ्तार कर लिया गया.suresh-rana-under-custody

एक ओर शनिवार सुबह जहां सरधना के सलावा गांव में भाजपा के स्थानीय विधायक संगीत सोम ने हजारों समर्थकों के भारी विरोध के बीच अपनी गिरफ्तारी दी, वहीं चरथावल के बसपा विधायक नूर सलीम राणा को पुलिस ने मेरठ और मुजफ्फरनगर के बीच गिरफ्तार कर लिया गया. दोनों विधायकों को कडी सुरक्षा व्यवस्था में मुजफ्फरनगर लाया जा रहा है.

सलावा गांव में गिरफ्तारी देने से पहले भाजपा विधायक संगीत सोम मीडिया से मुखातिब हुए और अपने पर लगाए सभी आरोपों को नकार दिया. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भेदभावपूर्ण नीति पर कार्य कर रही है. गिरफ्तार करने पहुंचे एसपी देहात एमएम बेग से उन्होंने वारंट दिखाने के लिए भी कहा. जब वह पार्टी कार्यकर्ता सुनील भराला की गाड़ी से पुलिस के साथ गांव से निकलने लगे तो समर्थक सड़क पर लेट गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. इसके बाद संगीत सोम अपनी गाड़ी में बैठकर पुलिस की घेरेबंदी में वहां से रवाना हो गए. इनकी गिरफ्तारी के लिए कई थानों की पुलिस के अलावा अ‌र्द्धसैनिक बल व पीएसी को काफी मशक्कत करनी पड़ी. इससे कई घंटे हंगामा हुआ.

कुछ देर पहले ही तीसरे आरोपी बसपा विधायक नूर सलीम राणा को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. हालाँकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि राणा की गिरफ्तारी कहाँ से हुई है.

रालोद महासचिव जयंत चौधरी ने गुपचुप तरीके से काकड़ा पहुंचकर मृतकों के परिजनों से मुलाकात की, जबकि कुटबा में फर्जी नामजदगी में शामिल लोगों के परिजनों से मिलकर उनके कंधे से कंधा मिलाकर चलने का आश्वासन दिया. सांसद जयंत चौधरी के आने की भनक पुलिस को नहीं लग पाई थी. इधर, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह का दौरा रद हो गया. फिर भी सड़क मार्ग से उनके पहुंचने की आशंका में पुलिस-प्रशासन पूरी तरह चौकस है.

पुरबालियान में सांप्रदायिक दंगे में घायल हुए सोरम निवासी विपिन की दिल्ली में उपचार के दौरान मौत हो गई. उनका शव गांव लाया जा रहा है. इसके मददेनजर गांव में सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है. एनेक्सी के मीडिया सेंटर में राणा की गिरफ्तारी की घोषणा एडीजी/आइजी (कानून-व्यवस्था) राजकुमार विश्वकर्मा और गृह सचिव सर्वेश चंद्र मिश्र ने की. उन्होने बताया मुजफ्फरनगर पुलिस ने राणा की गिरफ्तारी के लिए लखनऊ पुलिस से सहयोग मांगा था. राणा को दफा 188 , 153 क (धर्म जाति के बीच विद्वेष की भावना भड़काना), 435 (आगजनी), 353 (सरकारी कार्य में बाधा) और सेवेन क्रिमिनल लॉ अमेडमेंट के तहत गिरफ्तार किया गया है. मुजफ्फरनगर जिले के उपनिरीक्षक और मामले के विवेचक हरपाल सिंह ने राणा को मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर ट्रांजिट  रिमांड मांगी है.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.