/दुर्गा शक्ति ने की अखिलेश यादव से मुलाकात, कल हो सकती है बहाल…

दुर्गा शक्ति ने की अखिलेश यादव से मुलाकात, कल हो सकती है बहाल…

उत्तर प्रदेश से आज की सबसे बड़ी खबर है अखिलेश यादव और रेत खनन माफिया से टकराने वाली निलम्बित आइएएस दुर्गाशक्ति नागपाल की मुलाकात. आखिरकार दुर्गाशक्ति नागपाल ने मुख्यमंत्री के सामने अपना पक्ष रखते हुए सफाई दे दी है.DURGA SHAKTI NAGPAL

मिली जानकारी के अनुसार दुर्गा शक्ति नागपाल ने शनिवार दोपहर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से छोटी-सी मुलाकात की और पूरे मामले पर सफाई देते हुए अपना पक्ष रखा.

सूत्रों का कहना है कि दुर्गाशक्ति ने माफी भी मांगी है और उन्हें कल तक बहाल भी कर दिया जाएगा.

हालांकि कुछ जानकार कह रहे हैं कि दुर्गा शक्ति की बहाली के पीछे दुर्गा की माफी नहीं, बल्कि प्रशासनिक नियम हैं. दरअसल, नियमानुसार दुर्गा को अब बहाल करना जरूरी है क्योंकि उन्हें ‌निलंबित हुए एक महीने से ज्यादा वक्त ‌बीत चुका है. नियम कहता है कि किसी आईएएस अफसर को एक महीने से ज्यादा दिनों तक निलंबित नहीं रखा जा सकता.

गौरतलब है कि यूपी के प्रमुख सचिव आरएम श्रीवास्तव को इस मामले की पूरी जांच करने को कहा गया था. जानकारी के अनुसार श्रीवास्तव ने अभी अपनी रिपोर्ट नहीं पेश की है.

इसलिए यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि आरएम श्रीवास्तव ने ही दुर्गा से बात करके इस पूरे मामले को शांति से निपटाने का रास्ता निकाला है.

गौरतलब है कि गौतमबुद्धनगर में एक निर्माणाधीन मसजिद की दीवार गिराने का आदेश देने के आरोप में दुर्गा शक्ति को निलंबित कर दिया गया था.

सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने दुर्गा के निलंबन की तारीफ की थी. उन्होंने कहा था कि सरकार ने तत्परता से कार्रवाई करके सराहनीय कार्य किया. मुलायम ने कहा था कि पता नहीं क्यों एसडीएम दुर्गाशक्ति ने पूरे मामले को घुमाया, जिससे वहां सांप्रदायिक शक्तियों को दंगा भड़काने का मौका मिल गया था.

20 अगस्त को भी खबर आई थी कि आईएएस अफसर दुर्गाशक्ति नागपाल का निलंबन जल्द ही खत्म हो सकता है. शासन ने बताया था कि नागपाल को दी गयी चार्जशीट का जवाब मिल गया है और इसका परीक्षण किया जा रहा है. हालांकि उसके बाद कोई फैसला नहीं किया गया था.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.