/प्रेम नाम है मेरा, प्रेम चोपड़ा…

प्रेम नाम है मेरा, प्रेम चोपड़ा…

-संजोग वाल्टर||

“प्रेम चोपड़ा, हिन्दी फिल्मों के शानदार विलन रहे, उन्होंने 320 फिल्मों में अभिनय किया है.ज्यादातर फिल्मों में खलनायक होने के बावजूद अपने सॉफ्ट स्पोकेन ढ़ंग के लिए मशहूर रहे है. प्रेम चोपड़ा की पैदाइश 23 सितम्बर 1935 को लाहौर में पंजाबी परिवार में हुई थी वो छह बच्चों में तीसरे नम्बर पर थे,बटवारे के बाद,चोपड़ा परिवार लाहौर को छोड़ कर शिमला आ बसा, उनके पिता रणवीर लाल चोपड़ा चाहते थे की प्रेम डॉक्टर बने उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि प्राप्त की. फिल्मों में जब प्रेम चोपड़ा आये थे तब विलन के तौर पर प्राण, के.एन.सिंह, एन.ऐ.अंसारी, मदनपुरी, जीवन, तिवारी, अजीत का दबदबा था शायद वो पहली बार फिल्म “वो कौन थी “1964 में वो विलेन बने, हम हिन्दुस्तानी 1960 से उन्होंने अपने फ़िल्मी सफ़र नामे को शुरू किया था.prem chopra 1960 में चौधरी कर्नेल सिंह पंजाबी फिल्म में हीरो बने, हेरोइन थी विमला, फिल्म को नेशनल अवार्ड मिला. पर फिल्म बॉक्स आफिस पर औंधे मुह गिर गयी थे, “मुड मुड के न देख” के बाद वो 1962 में नज़र आये फिल्म “मैं शादी करने चला में” प्रेम चोपड़ा ने कामयाबी के लिए लम्बा संघर्ष किया 1967 में जब उपकार सुपर हिट रही और उन्हें यकीन हो गया कि अब उन्हें नौकरी नहीं करनी पड़ेगी तो उन्होंने “टाइम्स आफ इंडिया” से इस्तीफा दे दिया. प्रेम चोपड़ा ने अभिनेता प्रेमनाथ (राजेंद्र नाथ,नरेन्द्र नाथ) की बहन से शादी की है, राज कपूर प्रेम चोपड़ा के साडू भाई थे, ( शोमैन राज कपूर की पत्नी की बहन), प्रेम चोपड़ा की तीन बेटियां हैं: रकिता, पुनीता और प्रेरणा, पुनीता ने अभिनेता विकास भल्ला से शादी की है, जबकि प्रेरणा चोपड़ा ने अभिनेता शरमन जोशी से शादी की है. दो अनजाने के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का पुरस्कार 1976 के लिए मिला था, साल 2004 मैं  “भारतीय सिनेमा के लीजेंड” का पुरस्कार मिला इनके अलावा “लाइफटाइम एचीवमेंट अवार्ड”, 1998 में इंदिरा गांधी प्रियदर्शिनी पुरस्कार,”लायंस क्लब पुरस्कार,”अशोक पुरस्कार”आशीर्वाद पुरस्कार “और” पंजाबी कला संगम पुरस्कार से भी सम्मानित भी हो चुके हैं,प्रेम चोपड़ा ने 1960 के दशक से लेकर 1990 तक हीरो के साथ जोड़ी बना कर काम किया,मनोज कुमार,देव आनन्द, धर्मेन्द्र, राजेश खन्ना, अमिताभ बच्चन, गोविंदा के साथ काम किया, 1990 के दशक में वो फिल्मों में हास्य और चरित्र भूमिका में नज़र आने लगे और बिंदु का ज़िक्र किये बगैर नहीं रहा जा सकता डोली 1969 में पहली बार बिंदु ने उनके साथ काम किया था दो रास्ते 1969, कटी पतंग 1970 से बनी यह जोड़ी 19993 तक कई फिल्मों में नजर आई इस जोड़ी की आखिरी फिल्म थी 1993 में आंसू बने अंगारे.

“वो कौन थी ” में वो मनोज कुमार के साथ थे शहीद में सुखदेव, पूनम की रात 1965 उपकार 1966, यादगार 1970, पूरब पश्चिम 1971, बेईमान1972, सन्यासी 1975, कार्न्ती 1981, कलयुग और रामायण 1987 क्लर्क, संतोष 1989 में काम किया,फिल्म डोली से राजेश खन्ना के साथ उनकी जोड़ी बन गयी इस जोड़ी ने 19 फ़िल्में की जिनमें 15 कामयाब रही रही थी,

1991 में रिलीज़ हुई घर परिवार इस जोड़ी की आखिरी फिल्म थी, डोली, दो रास्ते 1969, कटी पतंग 1970, दाग A Poem of Love 1973, अजनबी 1973, प्रेम नगर 1974, महा चोर 1975, महबूबा 1976, त्याग1977, आँचल, जानवर, सौतन, मकसद, आवाज़ 1984, शत्रु, ऊँचे लोग, घर परिवार, वापसी, बेबस रही, अमिताभ बच्चन के साथ प्यार की कहानी 1971, रास्ते का पत्थर 1972, गहरी चाल 1973, दो अनजाने 1976, ईमान धरम 1977, त्रिशूल 1978, द ग्रेट गैम्बलर, काला पत्थर 1979, राम बलराम, दोस्ताना (1980) नसीब 1981, खुददार, देश प्रेमी (1982) अँधा कानून, पुकार(1983) मर्द (1985) शहंशाह (1988), देव आनंद के साथ दुनिया (1968), प्रेम पुजारी (1970), हरे रामा हरे कृष्णा (1971), छुपा रुस्तम (1973), डार्लिंग डार्लिंग (1977), देस परदेस (1978), लूटमार (1980), सच्चे का बोल बाला 1989, शशि कपूर के साथ आमने-सामने (1967), एक श्रीमान एक श्रीमती (1969), वचन (1974), दो मुसाफिर (1978), सवाल (1982), बंधन कच्चे धागों का (1983), घर एक मंदिर (1984), शम्मी कपूर के साथ तीसरी मंजिल (1966),  लाट साहेब (1967), पगला कहीं का (1970), सुनील दत्त के साथ मेरा साया (1966), पापी (1977), संजीव कुमार के साथ निशान 1965, आधा दिन आधी रात 1977, हथकड़ी 1982, राजकपूर के साथ अराउंड द वर्ल्ड 1967 दो जासूस 1975 गोपीचंद जासूस 1982, राजेंद्र कुमार के साथ अनजाना (1969) झुक गया आसमान (1968), आप आये बहार आयी 1971, गोरा और काला (1972), जीतेन्द्र के साथ वारिस (1969), हिम्मत (1970), जवाब (1970), कसम खून की, दिलदार 1977, दिल और दीवार 1978, निशाना 1980 रक्षा, शाका 1981, प्रेम तपस्या, मवाली (1983), सरफ़रोश (1985), धर्मेन्द्र के साथ, राजा जानी (1972), कीमत, जुगनू, झील के उस पार 1973, पाकेट मार 1974, ड्रीम गर्ल 1977, फन्देबाज़ 1978, आज़ाद 1978, अलीबाबा और 40 चोर 1980, आस पास 1981, दो दिशाएं 1982, सितमगर 1985, हुकूमत1987, दिलीप कुमार के साथ दास्तान 1972, बैराग 1976, दुनिया 1984, फ़िरोज़ खान के साथ अपराध 1972, काला सोना 1975, जादू टोना 1977, ऋषि कपूर के साथ बोबी 1973, बारूद 1976, राजा 1975, झूठा कहीं का 1979, धन दौलत 1980, दौलत के दुश्मन 1983, नगीना 1986, प्रेम ग्रन्थ 1996, सनी दयोल के साथ बेताब 1983, मंजिल मंजिल 1984, अर्जुन 1985, सवेरे वाली गाडी 1986, जोशीले 1989, विश्वजीत के साथ सगाई 1966, रविन्द्र कुमार के साथ कुंवारी 1966, किशोर कुमार के साथ की हाय मेरा दिल 1968, अजय साहनी समाज को बदल डालो 1970, नूतन के साथ लगान 1971, कबीर बेदी के साथ हलचल 1971, राकेश रोशन के साथ, नफरत 1973, विक्रम, जब अँधेरा होता है 1974, विनोद मेहरा के साथ दो झूठ 1975 सनसनी: The Sensation (1981), विनोद खन्ना के साथ लगाम 1976, एक और एक ग्यारह 1981, नवीन निश्चल के साथ सबूत (1980), मोहनीश बहल तेरी बाँहों में 1984, हेमा मालिनी के साथ राम तेरा देश 1984, जैकी के साथ आज का दौर, 1985 राज बब्बर के साथ हकीकत 1985, प्रेम चोपड़ा की कुछ और फ़िल्में हैं सिकंदरे ऐ-आज़म 1965, थीफ of Baghdad 1977 भवानी जंक्शन, Bond 303, टेलीफोन, राम तेरे कितने नाम, काली बस्ती, 3D Saamri 1985, अविनाश, प्रीति, इलज़ाम, स्वर्ग से सुन्दर, वापसी 1986, हिरासत, हवालात, इन्साफ की पुकार, मजाल, मर्द की ज़बान, वतन के रखवाले 1987, महावीर,चरणों की सौगंध, शुक्रिया, मेरा मुकदर, मेरा शिकार, गुनाहों का फैसला, सागर संग्राम 1988, सिक्का, दाता, दानापानी, जंगबाज़, अभिमन्यु दूध का क़र्ज़, गरीबों का दाता, रखवाला, इंदिरा, दावपेंच, आखिरी बदला, कानून की आवाज़, कानून का कर्ज़, मिटटी और सोना, घराना, मजबूर,1989 , पाप की कमाई, पुलिस पब्लिक, आतिशबाज़, आज़ाद देश के गुलाम, आग का गोला, काली गंगा 1990, इन्साफ का खून फूल बने अंगारे, मस्तकलंदर, वीरता, 1991 घर जमाई, आज का गूंडा राज, तहलका, खिलाडी, त्यागी,बेवफा से वफ़ा, विरोधी,प्रेम दीवाने,मेरे सजना साथ निभाना, खेल 1992 संतान, 15th अगस्त, आजा मेरी जान, इज्ज़त की रोटी, फूल और अंगार, क्षत्रिय, जागृति, आँसू बने अंगारे 1993, Andaz (TV series) आशिक मस्ताने, रघुवीर, जल्लाद, अहंकार, अब इंसाफ होगा, आओ प्यार करें, यार गद्दार, ब्रह्मा, प्रेम योग, बेताज बादशाह, The Law, लाडला, इंसानियत, राजा बाबु, गोपाला, करण, चीता, 1994 दीया और तूफ़ान, ज़माना दीवाना, सपूत, साजन की बाहों में, The don, God and Gun, आजमाईश, जवाब (1995), हम हैं प्रेमी, दानवीर, Sikander (video), नमक, Return of Jewel Thief, मेरा हिंदुस्तान 1996, गुप्त  The Hidden Truth (1997).

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.