/कंट्री क्लब में महिला इंजीनियर से रेप…

कंट्री क्लब में महिला इंजीनियर से रेप…

गुडगाँव के मानेसर स्थित एक होटल में महिला इंजीनियर (26) के साथ दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है. दिल्ली के द्वारका निवासी युवती का आरोप है कि शनिवार को देर रात उसके कमरे में घुसकर एक सहकर्मी ने हवस का शिकार बना लिया. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.Resortcountryclub

सुमित मूलरूप से भिवानी का रहने वाला है. वह गुड़गांव के संजय ग्राम में रह रहा है. पीड़िता उसके साथ ही दिल्ली के महरौली इलाके में एक कंपनी में कार्यरत है. पीड़िता ने मानेसर थाना पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि कंपनी की ओर से शनिवार व रविवार के लिए कंट्री क्लब में सहकर्मियों का ग्रुप आया था. इसमें कई युवक और युवतियां शामिल थीं. सभी के लिए होटल में अलग-अलग कमरे बुक थे. शनिवार शाम कॉकटेल पार्टी का आयोजन किया गया, जो देर रात तक चली.

थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह ने कहा कि सिर चकराने के चलते पीड़िता पार्टी बीच में ही छोड़ अपने कमरे में चली गई. जल्दबाजी में वह कमरा अंदर से लॉक करने को भूल गई. आरोप है कि रात में सुमित कमरे में घुस आया और महिला इंजीनियर के साथ दुष्कर्म किया. पुलिस को दिए गए बयान में पीड़िता ने कहा कि उसे शक है कि उसके कोल्ड ड्रिंक में कोई नशीला पेय पिलाया गया था, जिससे वह होश में नहीं थी. सुबह जब उसे होश आया तो उसने हंगामा किया तो कंपनी अधिकारी मामले को दबाने में लगे रहे. उसके परिजन गुड़गांव पहुंचे तो उसने पुलिस में शिकायत दी. पुलिस ने उसका मेडिकल करा मामला दर्ज कर लिया.

खबर लिखे जाने तक मजिस्ट्रेट के सामने पीड़िता के बयान दर्ज किए जा रहे थे. आरोपी ने पुलिस को बताया कि जो हुआ युवती की मर्जी से हुआ. अब वह उसे ब्लैकमेल करने के लिए सब कर रही है.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.