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अपराध सिद्ध होने पर भी अयोग्य नहीं ठहराये जा सकेगें सांसद और विधायक…

By   /  September 25, 2013  /  2 Comments

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केंद्र सरकार ने दागी सांसदों और विधायकों को अयोग्य करार देने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैंसले को निरस्त करने वाले अध्यादेश को मंगलवार को मंजूरी दे दी.Indian-Parliament-House-Delhi

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय का प्रस्ताव मंजूर किया गया. इस अध्यादेश से अब उच्चतम न्यायालय का वह आदेश लागू नहीं को सकेगा जिसमें कहा गया है कि दो साल या उससे अधिक की सजा के प्रावधान वाले अपराधों में दोषी पाए गए सांसदों और विधायकों को अयोग्य करार दिया जाएगा.

उच्चतम न्यायालय के फैसले को पलटने के लिए सरकार ने संसद के मानसून सत्र में कानून में संशोधन का प्रस्ताव पेश किया था और जन प्रतिनिधित्व (दूसरा संशोधन) विधेयक 2013 राज्यसभा में पेश किया. लेकिन वह विधेयक पारित नहीं हो सका और इसे संसदीय समिति के विचारार्थ भेजा गया. मगर अब अध्यादेश के ज़रिये इसे लागू कर दिया गया है.

उच्चतम न्यायालय के इस फैसले से संसद के कई सदस्य और राज्य विधानसभाओं में कई विधायक अपनी सदस्यता गवां सकते थे.

इस बीच सूत्रों ने बताया कि भ्रष्टाचार के एक मामले में कांग्रेस सांसद रशीद मसूद के खिलाफ अगले महीने सीबीआई की अदालत द्वारा सज़ा सुना दिए जाने पर वह राज्यसभा की सदस्यता खो सकते थे. उच्चतम न्यायालय के फैसले के अंतर्गत ऐसे मामले में सीट गंवाने वाले वह पहले सांसद होते. मगर अब यह नहीं हो सकेगा.

इसी तरह आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को भी फायदा पहुंच सकता है. सीबीआई अदालत 30 सितंबर को चारा घोटाले में लालू के खिलाफ फैसला सुनाने वाली है.

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

2 Comments

  1. यह है देश को चलने वालों की दूरदर्शिता.अपराधियों के संरक्षण के लिए अपने व आने वाली पीढ़ियों के राजनीतिज्ञों हेतु कितना अच्छा प्रयास.आज यदि सर्वहित का कोई प्रशन होता तो न तो व संसद में इतनी जल्दी पास होता, और न ही कैबिनेट कोई अध्यादेश लती.चारा चोर चोर सरताज लालू कप बचने व अपने ही एक पुराने कांग्रेस भक्त पर यह बचाव नियम लागू हो सके इस हेतु आनन् फानन में अध्यादेश भी लाया गया.अब देश की जनता को अपने कल्याण की ज्यादा अपेक्षा इस बात पर ही जोर दे की इन को चुनाव में ही वोट न दे या फिर सड़कों पर आ क्रांति ल इनको सबक सिखाएं.

  2. stay dharma kai samnya bap hoa ya bata esasy mtalb nhia hia dharm kia eak mryada hia waha kiy bhia ho uskya liya brabar hia jya hiand jya bharat

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