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कपड़े खोलकर दिखाओ, कहां हुआ है रेप…

By   /  September 25, 2013  /  3 Comments

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उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार के पुलिस वाले असंवेदनशीलता की सारी हदें पार कर चुके हैं. इसकी ताज़ी बानगी मिली है कुशीनगर में हुए एल दुष्कर्म मामले में. पुलिस ने इस दुष्कर्म मामले में रेप केस में कोई कार्रवाई करने की बजाय दुष्कर्म पीडि़ता का ही मजाक बनाने की कोशिश की. एक रेप पीड़िता अपनी फरियाद लेकर जब उनके पास पहुंची तो थानेदार ने कहा कि कपड़े खोलकर दिखाओ, कहां हुआ है रेप.rape victim

पीड़िता का आरोप है कि उसके घर में घुसकर पड़ोस के एक लड़के ने रेप किया और गांव के लोगों ने उस लड़के को पकड़कर पीटा और उसे थाने ले आई, लेकिन पुलिस ने उस लड़के पर कोई कार्रवाई नहीं की.

दूसरे दिन थानेदार ने पीड़िता को थाने में बुलाया और कहा कि कपड़े खोलकर दिखाओ, कहां हुआ है रेप. पीड़िता उलटे पांव भागकर अपने माता-पिता के पास आई और पूरी घटना बयां की. कई दिन बीतने के बाद जब बात मीडिया में आई तो सोमवार को पुलिस अधीक्षक ने पीड़िता को मेडिकल के लिए भेजा.

थानेदार जैसराज यादव जिसने पीड़िता को कपड़े उतारने के लिए कहा था, के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है. उसके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया है.

क्या है मामला

कुशीनगर के थाना नेबुआ नौरंगिया के लौकरिया गांव की दसवीं की छात्रा का आरोप है कि वो शनिवार, 21 सितंबर को अपने घर में अकेले सो रही थी, तभी गांव का एक लड़का 11 बजे उसके घर में घुसा और उससे रेप किया. पीड़िता द्वारा शोर मचाने पर गांववालों ने उसे पकड़ लिया और जमकर पिटाई की. लड़के को थाने ले जाया गया, लेकिन पुलिस ने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की.

दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि पीड़िता ने शिकायत ही नहीं की. गांव के चौकीदार की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है. थानेदार जैसराज यादव ने कहा कि मामला निराधार है.

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

3 Comments

  1. jyas raj yadav droga koa syad yha nhia maluam kia duniya etna agya hogya hia soachakar bata karua droga koa sespended kar dana chahiya droga koa mulyam sarkar ko jya hian jya bharat

  2. mahendra gupta says:

    बेचारे कितने भोले हैं पुलिस अधिकारी अब यह सब तो उनके किसी अपने पारिवारिक सदस्य के साथ होता तो उन्हें पता चलता.यह पुलिस कभी नहीं सुधरेगी.

  3. बेचारे कितने भोले हैं पुलिस अधिकारी अब यह सब तो उनके किसी अपने पारिवारिक सदस्य के साथ होता तो उन्हें पता चलता.यह पुलिस कभी नहीं सुधरेगी.

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