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दुष्कर्म में असफल होने पर तेज़ाब फेंका…

By   /  September 27, 2013  /  2 Comments

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सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद देश भर में तेज़ाब की बिक्री बंद नहीं हुई है और अपराधी कहीं भी और कभी भी तेज़ाब खरीद कर महिलाओं पर फेंक रहे हैं तथा अपनी हवस का शिकार न बन पा रही युवतियों पर तेज़ाब बरसा रहे हैं.

acid attack

ताजा मामला बिहार के समस्तीपुर का है. इलाके के रेलवे स्टेशन पर कल देर रात अपराधियों ने एक महिला के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया और जब महिला ने विरोध किया तो उसके ऊपर तेजाब फेंक दिया.

पुलिस सूत्रों बताया कि 30 साल की एक महिला समस्तीपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म सोई हुई थी तभी तीन-चार की संख्या में आए बदमाशों महिला के साथ छेड़खानी शुरू कर दी और उसे जबरन उठाकर कहीं ले जाने लगे. महिला द्वारा विरोध करने पर बदमाशों ने उसके ऊपर तेजाब फेंक दिया जिससे वह गंभीर रुप से झुलस गई. घायल महिला को समस्तीपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटना के बाद से सभी आरोपी फरार हो गए. पुलिस अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है.

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

2 Comments

  1. mawati jia ka demag kam nhia kar rha hia kuchha bhia bolatia hia

  2. jabtak kanuan skat nhia hoga tabtak ya blatkar nhia rukaga dar nam kia koia chiaj nhia hia

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

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