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बॉलीवुड ने अन्ना को सलाम भेजा, महानायक ने कहा, ”मुझे गर्व है उन पर”

By   /  August 29, 2011  /  No Comments

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अमिताभ बच्चन: अन्ना को नमन

जन लोकपाल के लिए अपने आंदोलन से पूरे देश को झकझोर कर रख देने वाले गांधीवादी समाजसेवी अन्ना हजारे का अनशन समाप्त होने पर बॉलीवुड के मशहूर सितारों ने उन्हें बधाई दी है। सुपर स्टार अमिताभ बच्चन, स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर, अभिनेत्री शबाना आजमी समेत अनेक अभिनेताओं और अभिनेत्रियों ने अन्ना को उनकी उपलब्धि पर बधाई संदेश भेजे  हैं।

अमिताभ ने कहा कि यह सबके लिए बडे गर्व की बात है कि अन्ना जैसी हस्ती हमारे देश में हैं। शबाना ने कहा कि अहिंसा के जरिए आंदोलन करने के लिये हम सभी को अन्ना की तारीफ करनी चाहिए। उन्हें भारतीय होने पर गर्व है।

अभिनेत्री बिपाशा बसु ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में जो घटा उससे भारत ने लंबी छलांग लगाई है। अन्ना हमारे सच्चे नेता हैं और उनकी इच्छाशक्ति ने हर किसी की चेतना को जगाया है कि हम भ्रष्टाचार को खत्म कर सकते हैं।

अभिनेता अभिषेक बच्चन ने अन्ना को सलाम करते हुए कहा कि उन्होंने साबित कर दिया है कि एक व्यक्ति भी पूरे देश को शांतिपूर्ण तरीके से एकजुट कर सकता है।

अभिनेत्री रवीना टंडन ने अपने टि्वटर पर लिखा है हजारों साल जियो अन्ना हजारे।

गौरतलब है कि आमिर खान, मनोज तिवारी और ओमपुरी जैसी हस्तियां पहले ही इस अनशन में अपनी उपस्थिति दर्ज़ करा चुकी हैं। इससे पहले अमीषा पटेल भी अन्ना को सैल्यूट भेज चुकी हैं।

हालांकि जब जंतर-मंतर पर अन्ना ने अनशन किया था तब उन्हें अपना समर्थन जताने आए शाहरुख खान और कुछ दूसरे अभिनेता इस बार प्रत्यक्ष तौर पर या ऑन लाईन भी अन्ना से किनारा करते नज़र आए।

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

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