/लव इज पॉइजन में आइटम नंबर के बहाने अपना बचा खुचा शरीर दिखाएगी पूनम पाण्डेय…

लव इज पॉइजन में आइटम नंबर के बहाने अपना बचा खुचा शरीर दिखाएगी पूनम पाण्डेय…

ट्विटर सनसनी और करीब करीब अपने सभी कपडे उतार अपना हर अंग सार्वजनिक कर चुकने के बाद बॉलीवुड में ‘नशा’ जैसी सुपर फ्लॉप फिल्‍म से डेब्‍यू करने वाली पूनम पांडे साउथ फिल्‍म इंडस्‍ट्री में हाथ आजमाने जा रही हैं. पूनम ने हाल में एक कन्नड़ फिल्म ‘लव इज पॉइजन’ साइन की है और पहली ही फिल्‍म से साउथ में अपना स्‍टारडम दिखा दिया. खबर है कि पूनम ने ‘लव इज पॉइजन’ नाम की फिल्‍म में एक आइटम नंबर के लिए 60 लाख रुपए फीस ली है.Poonam-Pandey

कन्‍नड़ फिल्‍मों में इतना पैसा बड़े-बड़े स्‍टार्स को पूरी फिल्‍म के लिए भी नहीं मिलता. पूनम को इतना पैसा दिए जाने से न सिर्फ फिल्‍म की लीड हीरोइन को जलन हो रही है बल्कि पूरी कन्‍नड़ इंडस्‍ट्री में इस खबर के चर्चे हो रहे हैं. फिल्‍म क्रिटिक से लेकर कन्‍नड़ स्‍टार्स तक सभी निर्माता को पानी पी-पीकर कोस रहे हैं.

इससे पहले कयास लगाए जा रहे थे कि बॉलीवुड की यह हॉट बाला ‘काजल-5’ नाम की फिल्‍म करने जा रही हैं, जो कि दिल्ली गैंगरेप पर आधारित थी,  लेकिन निर्माताओं को इस विषय पर फिल्म बनाने की अनुमति नहीं मिल सकी और कानूनी पचड़े की वजह से यह फिल्‍म शुरू नहीं हो सकी. बहरहाल, पूनम के पास अब कन्‍नड़ फिल्‍म है.

फिल्म ‘लव इज पॉइजन ‘ को डायरेक्ट कर रहे नंदन प्रभु के अनुसार कि पूनम 3 अक्टूबर को बेंगलुरु में एक गाना शूट करने जा रही हैं, जिसे चिनी प्रकाश ने कोरियोग्रॉफ किया है. फिल्म निर्माताओं को पूनम की सफलता पर कोई डाउट नहीं है. उनका मानना है कि ‘नशा’ में काम करने वाली यह बेहद बोल्ड एक्ट्रेस उनकी फिल्म ‘लव इज पॉइजन’ की यूएसपी है.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.