/जेल रुपी बैकुंठ अब घोर नरक बना आसाराम के लिए…

जेल रुपी बैकुंठ अब घोर नरक बना आसाराम के लिए…

जेल को बैकुंठ मानने वाले आसाराम के लिय पच्चीस दिन जेल में गुज़ारने के बाद बैकुंठ घोर नरक में तब्दील हो गया है. इसके चलते आसाराम ने अब अन्न-जल त्यागने की धमकी दी है. आसाराम ने कहा है कि यदि उन्हें कुछ दिन और जेल में रहना पड़ा तो वे अन्न-जल ग्रहण नहीं करेंगे.Asaram_in_jail

गुरुवार को जेल में मुलाकात करने पहुंचे अपने बेटे नारायण साई और अन्य संतों से आसाराम ने यह बात कही.

आसाराम के जेल में बंद होने के बाद पहली बार जोधपुर पहुंचे नारायण सांई ने करीब एक घंटे तक अपने पिता से अकेले में मुलाकात की. इधर, जोधपुर जिला अदालत ने छिंदवाड़ा आश्रम की वार्डन शिल्पी को 30 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर सौंप दिया.

वहीं, आसाराम के रसोईये शिवा ने कोर्ट में जमानत याचिका पेश की. अब तक की जांच में आसाराम के राजस्थान में जयपुर, टोंक, पाली, पुष्कर, जोधपुर, भरतपुर में अवैध आश्रम एवं गौशालाएं होने की जानकारी मिली है. इनमें से कुछ को सरकार ने अपने कब्जे में ले लिया, शेष की कार्रवाई जारी है.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.