/विधायक ने साढ़े चार साल लोगों का इलाज़ किया, अब लोग करेगें इलाज़…

विधायक ने साढ़े चार साल लोगों का इलाज़ किया, अब लोग करेगें इलाज़…

-चन्दन सिंह भाटी||

बाड़मेर, साढ़े चार साल तक अपने विरोधियों का इलाज़ करते रहे क्षेत्रीय विधायक मेवाराम  का अब जनता खुद इलाज़ करने के मूड में है. स्थानीय मतदाताओं का मानना है की इस बार मेवाराम की कारसेवा अच्छे तरीके से कर दी जाये ताकि आगे से कोई विधायक चुने जाने के बाद जनता की कारसेवा करने से पहले दस बार सोचे.MEVARAM

अपनी कार्यशैली को लेकर हमेशा चर्चित रहे क्षेत्रीय विधायक ने अपनी सरकार के चार साल के अब तक के शासन काल में जिन लोगो ने साथ नहीं दिया या जिन लोगो ने उनका विरोध किया विधायक ने उनका बखूबी इलाज़ कर गंगाजी डाला, विधायक ने जसाई और शिवकर की उन धनियों के पाइप लाइन कनेक्शन कटवा दिए जिन्होंने उन्हें वोट नहीं दिए, साथ ही ठेकेदारी से जुड़े प्रभावशाली व्यक्तियों को निष्प्रभावी करने के लिए ठेकेदारों का खूब नुक्सान किया. साढ़े चार साल तक विधायक के सामने चुप रहे. मगर अब यह लोग विधायक के खिलाफ लामबंद हो गए है.

विधायक द्वारा बायतु विधायक कर्नल सोना राम चौधरी को बाड़मेर में एक सामाजिक कार्यक्रम में भाग लेने पर उनके क्षेत्र में हस्तक्षेप नहीं करने की चुनौती दी थी, वहीँ,  तहसीलदार ,पटवारियों के ट्रांसफर के मामले में भी स्थानीय मंत्री से अनबन है ,गत दिनों अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पद पर नियुक्त हुए लखमन राय राठोड को बाड़मेर में पदभार ग्रहण करने से रोका, जिससे दलित समुदाय नाराज हो गया.

अब पूरे इलाके में चर्चा है कि आचार संहिता लगने के साथ लोग विधायक मेवाराम के विरोध में खुलकर सामने आयेंगे. बहरहाल कांग्रेस विधायक जो पिछली बार भाजपा की गोद में बैठ कर जीते थे मगर इस बार भाजपा का साथ मिलने की कोई उम्मीद नहीं है, विधायक उद्घाटनों पर जितना जोर दे रहे है उसी तरह उनके खिलाफ असंतोष जोर मार रहा है.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.