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अग्निवेश ने ‘ कपिल’ से कहा.. ”अन्ना हैं पागल हाथी..” YOUTUBE पर जारी हुआ वीडियो

By   /  August 29, 2011  /  7 Comments

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कभी अन्ना हजारे के एक निकट सहयोगी रह चुके स्वामी अग्निवेश के यू ट्यूब पर दिखाए जा रहे विवादास्पद वीडियो को लेकर अन्ना हजारे पक्ष के मुख्य सहयोगियों ने उन पर निशाना साधा है। इस वीडियो में वह किसी कपिल से बात कर रहे है और माना जा रहा है कि वे केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल हैं। अग्निवेश कह रहे हैं कि अनशन कर रहे हजारे के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करें।

अग्निवेश ने दावा किया कि यह वीडियो फर्जी है और इससे छेड़छाड़ की गई है। उन्होंने इस बात का खंडन किया कि वह केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल से बात कर रहे थे। अन्ना टीम की सदस्य किरण बेदी ने आरोप लगाया, ‘अग्निवेश को कैमरे पर पकड़ा गया है जिसमें वह कपिल नाम के व्यक्ति से कह रहे हैं, महाराज आप इनको इतना क्यों दे रहे हैं। उन्होंने कहा, सिब्बल साहब, मैंने यह सुना।’

किरण बेदी ने कहा, ‘हम इससे बहुत असहज महसूस कर रहे हैं। केवल अग्निवेश इसका जवाब दे सकते हैं। उन्हें हमें बताना चाहिए कि वह कौन है, जिसके बारे में उन्होंने जिक्र किया।’

अग्निवेश ने कहा, ‘’मेरी निजी जानकारी में कई लोग हैं, जिनका नाम कपिल है। मैं किसी नेता को महाराज कहकर संबोधित नहीं करता हूं। कपिल महाराज कोई भी हो सकता है।’’

अग्निवेश का पूरा फोनालाप कुछ इस प्रकार है:

”जय हो….जय हो जय हो कपिल जी, जय हो महाराज…

बहुत जरूरी है कपिल जी, नहीं तो ये लोग पागल की तरह हो रहे हैं. जैसे कोई हाथी….

हां हां….देखिए जितना कंसीव करती जाती है गवर्नमेन्ट उतना ही ज्यादा सिर पर चढ़ रहे हैं….

बिल्कुल कंसीव नहीं करना चाहिए…..फर्म होकरके कहिए….कोई सरकार को इस तरह से करे तो बहुत बुरी बात है….

हमें शर्म महसूस हो रही है कि हमारी सरकार इतनी कमजोर महसूस कर रही है….

इतनी बड़ी अपील करने के बाद अन्ना फास्ट नहीं तोड़ रहे हैं….

सारी पार्लियामेन्ट ने कह दी और इतने उंचे शब्दों में कह दी…..”

 

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

7 Comments

  1. pankaj soni says:

    agnivesh tum bhale he digvijay singh ke tarah dikhate ho per unke jaise kan mat karo. bhaiya jis desh ne khade hone ke jagha de uske sath gaddhari mat karo . tum bhagva livas me politics mat karo . bhagwan tumahe sadhbuddhi de.

  2. मेरा अग्निबेश जी से बहुत पुराना परिजय है एक बार बह हेलिकोप्टर से ग्वालियर आय उन्होंने जिस कॉलेज में श्री बाजपाई जी पड़े थे बहा सनातन धर्म के बिरुद्ध अप्पति जनक टिप्पड़ी की उनके जाने पर उस कॉलेज में हबन हुआ में इनको एअरपोर्ट पर स्वागत हेतु लेने गया था हमारी गुरु दीदी निर्मला देश पाण्डेय जी भी दी उन्होंने जोड़ने की बात की यह करते कुछ हाई कहते कुछ है इनको जोड़ने का का कम करना चाहहिया हमें जिस ढली में हम कहते हे उसमे कभी छेद न करे इन्होने इस आन्दोलन में एसा किया तो बहुत गलत हे में तो रामलीला मैदान एक दिन भी नया गया दिन भी गया यह सभी लोग बड़े घाग हे इनका किसी गरीब से कोई लेना देना नहीं

  3. pradip shah says:

    गद्दार.

  4. Dr.O.P.Verma says:

    खोजी पत्रकारों के लिए telephone की वार्तालाप का पूरा ब्यौरा और उसकी विश्वशनीयता को हासिल करना मुश्किल नहीं है ,तथ्यों को उजागर करना भी ज़रूरी है ,दूध का ढूध और पानी का पानी होना चाहिए . और अगर मान भी लिया जाए की वार्तालाप वही है तो मेरे विचार से उन्होंने गलत भी नहीं कहा की टीम अन्ना के लोग मदमस्त हाथी की तरह हो गये लगते हैं क्योंकि वे अनर्गल अनापशनाप रूप से मंच पर ऐसा व्यवहार करते पाए गए हैं जो शोभा नहीं देता .सरकार ने शुरू की गलतियों को छोड़कर बाद के अपने आचरण से वाकई संसद की गरिमा को बट्टा लगाने से बचा लिया है .हाँ ये बात ज़रूर है की अब निकम्मे सांसदों को चेत जाना चाहिए और देश हित के मामलों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जायेगी क्योंकि देश का युवा वर्ग अब जागने लगा है

    • surendersingh says:

      अब सरकार तो पागल सी हो गई है जो तब नहीं कर पाई वो सब अब करना चाहती है अब पागलो के जेसे काम कर रही है वो उन सब को जिन्होंने अन्ना का साथ दिया था उनको सदन के खिलाफ बताकर उनकी गरिमा को कुचलना चाहती है अगर फिर कभी अन्ना आन्दोलन करते है तो उनके साथ कोई खड़ा ना सके पर वो ये नहीं जानते की अगर जनता जाग गई तो उनका क्या होगा जो नेता संसद की दुहाई देता है उसे यह नहीं पता की जनता ही उसे बनाती है जो एसा ख्याल रखते है उन नेतावो को संसद के बहार निकाल देना चाहिए

  5. Shivnath Jha says:

    अग्निवेश को सभी पुराने साथी, विशेषकर पत्रकार बंधू जानते हैं, अपने स्वार्थ सिद्धि के लिए वह कुछ भी कर सकते हैं

    • surendersingh says:

      ab to unke hath peer phool gya hai ki ye kya ho gya hai mere shath ager kapil ke baare main btate hai to es baat ki puri jach hone chahiye

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