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खुफिया तंत्र की नजर है सपा के असंतुष्टों पर…

By   /  October 8, 2013  /  1 Comment

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आने वाले लोकसभा चुनावों में भीतरघात की संभावनाओं को देखते हुए समाजवादी पार्टी सतर्क हो गयी है और उत्तर प्रदेश में पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त और असंतुष्ट सपा नेता निशाने पर हैं. उनकी गतिविधियों पर खुफिया तंत्र से भी निगरानी कराई जा रही और आपराधिक रिकार्ड भी खंगाले जा रहे हैं.samajwadi-party

सूत्रों के अनुसार सपा प्रदेश भर में लोकसभा चुनाव में कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है, वैसे भी मैनपुरी लोकसभा सीट से खुद पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव चुनाव सांसद है और अगला चुनाव भी वही यहां से वह लड़ने जा रहे हैं.

विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी प्रत्याशियों का जिले में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कुछ नेताओं ने विरोध किया था. जिला पंचायत चुनाव में भी पार्टी की गुटबाजी सामने आई थी.

अब ऐसे नेताओं के बारे में पार्टी ने खुफिया एजेंसियों से भी रिपोर्ट मांगी गई है. खुफिया एजेंसियां भी उनकी हर गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं. जो कार्यकर्ता और नेता स्थानीय और राजनीतिक समीकरणों के चलते असंतुष्ट है, उनकी भी निगरानी की जा रही है.

सूत्रों की माने तो करीब एक दर्जन नेताओं के बारे में यह जांच चल रही हैं तथा उनका आपराधिक रिकॉर्ड भी एकत्र किया जा रहा है.

माना जा रहा है कि इस तरह की गतिविधियां पार्टी में बगावत के स्वर तेज करती है तथा लोकसभा चुनाव में इसका नुकसान हो सकता है. इसलिए पहले ही ऐसे लोगों पर दबाव बनाने और नहीं मानने पर उनके खिलाफ पार्टी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की तैयारी में है.

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

1 Comment

  1. sarkar to thiak hia but kryakrta thiak nhia hia thhagikrtya hia nichakam krtya hia bakia thhiak hia marya samjhasa

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