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नैना साहनी तंदूर काण्ड में सुशील शर्मा को फांसी नहीं होगी….

By   /  October 8, 2013  /  No Comments

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दिल्ली के कुख्यात तंदूर कांड में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अपना फ़ैसला सुना दिया है. जुलाई 1995 के इस मामले में पूर्व यूथ कांग्रेस के नेता सुशील कुमार शर्मा को अपनी पत्नी नैना साहनी की हत्या का दोषी पाया गया था. कोर्ट ने निचली अदालत और फिर हाईकोर्ट से मिली फांसी की सजा को उम्रकैद में तब्दील कर दिया है.tandoo-kand

सुशील शर्मा को जीवन भर अब जेल में रहना होगा. लेकिन, कोर्ट ने साथ में यह भी कहा कि सजा पूरी होने के बाद यदि सरकार चाहे तो शर्मा की रिहाई संभव है. गौरतलब है कि पिछले 18 सालों सो सुशील शर्मा जेल में बंद है. कहा जा रहा है कि शर्मा को बतौर उम्रकैद सजा के 14 साल जेल में बिताने थे. ऐसे में संभव है कि वह रिहाई के लिए अपील करें.

शर्मा को ट्रायल कोर्ट ओर हाई कोर्ट से फ़ासी की सज़ा मिली थी जिसके खिलाफ़ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी.

साल 1995 में बगिया रेस्टोरेंट के तंदूर में एक शव जलाने की कोशिश हुई थी. तब इस घटना की सुर्खियां पूरे देश में गूंजी और इसे ‘तंदूर कांड’ कहा गया. अब 18 साल बाद इस मामले में आख़िरी फ़ैसला आया है.

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

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