Loading...
You are here:  Home  >  राजनीति  >  Current Article

रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की यूपी कैबिनेट में वापसी…

By   /  October 11, 2013  /  3 Comments

    Print       Email
इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

उत्तर प्रदेश के डीएसपी जिया-उल-हक की हत्या के मामले में सीबीआई की क्लीन चिट मिलने के बाद बाहुबलि की छवि रखने वाले नेता और निर्दलीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की यूपी कैबिनेट में आज वापसी हो गई है.Raja-Bhaiyya

राज भवन में हुए शपथ ग्रहण समारोह में राजा भैया ने मंत्रिपद की शपथ ली. शपथ लेने के बाद राजा भैया ने मुलायम सिंह को धन्यवाद दिया.

हत्या के आरोप के बारे में उन्होंने कहा कि उन्हें गलत आरोप लगाकर फंसाने की कोशिश की गई थी.

उल्लेखनीय है कि इसी वर्ष मार्च में कुंडा के वलीपुर गांव में ग्राम प्रधान नन्हें यादव की हत्या के बाद हुए बवाल को रोकने गए सीओ जियाउल हक की हत्या कर दी गई थी.

सीओ की पत्नी परवीन आजाद ने तत्कालीन जेल मंत्री एवं कुंडा के विधायक राजा भैया पर हत्या करवाने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया था. हत्या में नाम आने के बाद राजा भैया ने खुद को निर्दोष बताते हुए मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था.

अखिलेश सरकार ने हत्याकांड की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने के आदेश दिए थे. सीबीआई ने जांच के बाद राजा भैया को क्लीन चिट दे दी.

गौरतलब है कि सपा के दिग्गज नेता आज़म खान कुछ दिनों पहले राजा भैया से मिले थे और मुजफ्फरनगर बलवे से नाराज़ ठाकुर समुदाय की नाराज़गी दूर करने के लिए राजा भैया से मदद मांगी थी. माना जा रहा है कि रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को मंत्री बनाने की कसरत इसी सन्दर्भ में हुई है.

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
    Print       Email

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

3 Comments

  1. mahendra gupta says:

    देश का दुर्भाग्य ही है की ऐसे दागी लोग जिस कारण कैबिनेट से बाहर होते हे लगभग उन्ही कारणों से अन्दर आ जाते हैं.राजा भैया के बिना सरकार का ऐसा कौन सा काम है जो नहीं हो सकता,पर मुलायम की मजबूरी है की उनका गुंडाराज इनके बिना नहीं चल सकता इसलिए यह फिर मंत्री पद से नवाजे गयें गए है.लगभग सभी पार्टीज क सफ़र तय कर चुके राजा भैया की ताकत इस की ही मिसाल है.

  2. देश का दुर्भाग्य ही है की ऐसे दागी लोग जिस कारण कैबिनेट से बाहर होते हे लगभग उन्ही कारणों से अन्दर आ जाते हैं.राजा भैया के बिना सरकार का ऐसा कौन सा काम है जो नहीं हो सकता,पर मुलायम की मजबूरी है की उनका गुंडाराज इनके बिना नहीं चल सकता इसलिए यह फिर मंत्री पद से नवाजे गयें गए है.लगभग सभी पार्टीज क सफ़र तय कर चुके राजा भैया की ताकत इस की ही मिसाल है.

  3. Sudha Raje says:

    एक तीर से कई निशाने ।ठाकुर बिखरते हुये दो विधायकों पर रासुका ।एक पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर एक बङा ठाकुर साथ मतलब चार सांसद सीटों पर प्रचार करने को बढ़िया सहयोगी?? कल?? अगर कुछ अघटित घटा प्रतापगढ़ में तो फिर कोऊ आरोप जङकर कह देगा इस्तीफा दो???? और इधर ठाकुर चौबीसी दंगा पर आंदोलन किये जा रही है उसे ठंडा करना है । इलज़ाम कुछ बङे नामों पर है उनको धोना है । मगर ये देर से किया गया फैसला क्या रंग लायेगा ।।।।कब क्या हो जाये यू पी में बस अल्ला जाने या ईश

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

You might also like...

एक क्रांतिकारी सफर का दर्दनाक अंत..

Read More →
Page Reader Press Enter to Read Page Content Out Loud Press Enter to Pause or Restart Reading Page Content Out Loud Press Enter to Stop Reading Page Content Out Loud Screen Reader Support
%d bloggers like this: