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सपने में दिखा सोना निकालने को आज होगी सरकारी खुदाई…

By   /  October 18, 2013  /  No Comments

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शोभन सरकार के सपने में आये तक एक हज़ार टन सोने को निकालने के लिए उत्तर प्रदेश के उन्नाव के डौंडिया खेड़ा के राव राम बक्स सिंह के किले की बैरिकेडिंग करा दी गई है. ताज़ा जानकारी के अनुसार आज ग्यारह बजे के बाद कभी भी सोना निकालने के लिए खुदाई शुरू हो सकती है.gold-temple-unnao

शुक्रवार को पुरातत्व विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर खुदाई का समय तय किया जाएगा. इससे पहले पूरे दिन पुरातत्व विभाग के अधिकारी मौके पर नापजोख में जुटे रहे. इस बीच किला परिसर में आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है.

मौके पर लगातार बढ़ती तमाशबीनों की भीड़ रोकने के लिए पीएसी तैनात कर दी गई है.

एसपी सोनिया सिंह ने बताया कि खुदाई के दौरान किला परिसर में सिर्फ एएसआई टीम के सदस्य ही मौजूद रहेंगे. जब किला परिसर में स्वर्ण भंडार मिलने की संभावना दिखेगी तो 200 मीटर से ज्यादा के इलाके को नो मैन्स लैंड घोषित कर दिया जाएगा.

बीघापुर तहसील के बारासगवर थाना क्षेत्र अंतर्गत संग्रामपुर ग्राम सभा के डौंडिया खेड़ा में क्रांतिकारी राव राम बक्स सिंह का किला है. शोभन सरकार ने कुछ महीने पहले भारत सरकार को पत्र लिखकर किले में एक हजार टन स्वर्ण भंडार होने की जानकारी दी थी.

इसके बाद भूगर्भ विभाग (जीएसआई) और एएसआई की टीमों ने किले की जांच की थी. जांच में किले के अंदर धातु मिलने की पुष्टि के बाद एएसआई ने 18 अक्तूबर से खुदाई की तिथि नियत की थी.

बृहस्पतिवार को एपी शुक्ला के नेतृत्व में पहुंची एएसआई की टीम के सदस्यों ने किले में लाल व पीले रंग के पोलों से खुदाई के स्थान की मार्किंग की.

टीम ने किला परिसर को चार हिस्सों में बांटा है. इस बीच जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने बताया कि शुक्रवार सुबह दस से ग्यारह बजे के बीच पुरातत्व विभाग की टीम उन्हें सर्वेक्षण की रिपोर्ट देगी, उसके बाद ही तय किया जा सकेगा कि खुदाई किस दिन और किस समय से शुरू की जाए.

इससे पहले अधिकारियों से बातचीत के आधार पर ग्राम प्रधान ने बताया था कि खुदाई शुक्रवार सुबह से होनी है.

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

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