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पचपदरा और पोखरण, कर रहे कांग्रेस का चीरहरण…

By   /  October 20, 2013  /  2 Comments

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पचपदरा में कांग्रेस के पास उम्मीदवार का टोटा? किस पर खेले दांव असमंजस की स्थिति.. अब तक चुनावों में जो मुख्यमंत्री बालोतरा आया वापस सत्ता में नहीं लौटा…

-भाटी चन्दन सिंह||

MADANP~1

मदन प्रजापत

बाड़मेर राजस्थान में कांग्रेस की सर्वाधिक प्रतिष्ठा की सीट पचपदरा कांग्रेस के लिए गले की हड्डी बन गयी है. पचपदरा में रिफायनरी का शिलान्यास श्रीमती सोनिया गाँधी के हाथो करने के बाद से यह सीट कांग्रेस के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठा की बन गई, साथ ही कांग्रेस रिफायनरी स्थापना को विकास मॉडल के रूप में दर्शा कर राजस्थान भर में चुनाव लड़ रही है.

कांग्रेस इस सीट पर हर हाल में जीत चाहती है, पचपदरा के वर्तमान विधायक मदन प्रजापत के खिलाफ स्थानीय कांग्रेस नेता जबरदस्त लामबंद होकर दिल्ली जयपुर में डेरा जमाये है वाही मदन प्रजापत अपनी टिकट बहाली के लिए पूरा जोर लगा रहे है. पचपदरा के लिए अशोक गहलोत अपने पुत्र वैभव गहलोत के लिए गोपनीय सर्वे करवा चुके है. सर्वे में कांग्रेस को रहत के आसार नज़र नही आये. गहलोत ने कुछ नामो पर चर्चा की मगर उम्मीदवार पचपदरा से लड़ने के इच्छुक नहीं. कांग्रेस सतही स्तर पर मजबूत और लोकप्रिय उम्मीदवार की तलाश में है. अशोक गहलोत की निगाहै सांसद हरीश चौधरी पर ठहरी है मगर हरीश चौधरी बायतु से लड़ने के इच्छुक बताये जा रहे है, ऐसे में पचपदरा से किसे मैदान में उतारे यह कांग्रेस के सामने बड़ा संकट है. ऐसी स्थिति में पचपदरा की पूर्व विधायक और जिला प्रमुख श्रीमती मदन कौर कांग्रेस का बेहतर विकल्प साबित हो सकती है. मदन कौर राजी नहीं होती है तो मदन प्रजापत कांग्रेस की अंतिम पसंद हो सकते है.

भाजपा के अमराराम पहले से बढ़त ले चुके है हालांकि उनके नाम की घोषणा भाजपा ने नहीं की मगर भाजपा के पास दूसरा विकल्प भी नहीं है. रिफायनरी के शिलान्यास के साथ यह किद्वंती जुड़ गयी कि जो मुख्यमंत्री बालोतरा में चुनाव मीटिंग करने अब तक आये वो वापस मुख्यमंत्री नहीं बन पाए. गत चुनावों में वसुंधरा राजे भी बालोतरा आई थी उन्हें इस किदवंती की जानकारी दी तो उन्होंने इसे अंधविश्वास बता कर टाल दिया, आख़िरकार बात सच साबित हुई. इस बार रिफायनरी शिलान्यास के साथ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने चुनावी आगाज़ पचपदरा से किया है. उनकी स्थिति चुनावों के बाद पता चलेगी, बहरहाल कांग्रेस को सशक्त दावेदार की जरुरत है पचपदरा में. भगाराम पंवार एंड पार्टी मदन प्रजापत की जोरदार मुखाफलत कर रहे है. वो किसी भी सूरत में उन्हें टिकट लेने नहीं देना चाहते.

पोकरण साले मोहम्मद की जगह अब्दुला फ़क़ीर की संभावनाए बढ़ी ?

saleh mohammad

आगामी विधानसभा चुनावों में जैसलमेर जिले की पोकरण विधानसभा सीट पर  क्षेत्रीय विधायक सालेह मोहम्मद पर तलवार लटक गई है. साले मोहमद परिवार की जाँच रिपोर्ट प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा तलब करने के बाद राज्य की सियासी गलियारे में हलचल मच चुकी है. राहुल गांधी के फ़ॉर्मूले में साले मोहम्मद पर दो नियम लागू हो रहे हैं, गत चुनाव एक हज़ार मतो से  अंतर से जीते, दूसरा उन पर पाक नागरिक को पनाह देना. गत दिनों एक राष्ट्रीय न्यूज़ चैनल ने गाजी परिवार के छोटे पुत्र के घोटालो पर समाचार भी दिखाया था. कांग्रेस सालेह मोहम्मद को बिठा कर अब्दुलाह फ़क़ीर को उतार सकती है. चर्चा है इस पर स्क्रीनिंग कमिटी की बैठक में चर्चा भी हुई. सालेह मोहम्मद डेरा डाले है. उन्हें टिकट का पक्का आश्वासन नहीं मिल रहा.

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

2 Comments

  1. mahendra gupta says:

    जैसे जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे वैसे ही राहुल का फार्मुल्ला भी हवा होता जा रहा है, अंत में टिकट धरम जाती और संप्रदाय व पैसे के बल पर ही दिया जायेगा.

  2. जैसे जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे वैसे ही राहुल का फार्मुल्ला भी हवा होता जा रहा है, अंत में टिकट धरम जाती और संप्रदाय व पैसे के बल पर ही दिया जायेगा.

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