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लालू यादव की संसद सदस्यता समाप्त…

By   /  October 22, 2013  /  No Comments

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बहुचर्चित चारा घोटाले मामले में पांच साल की सज़ा काट रहे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को लोकसभा ने अयोग्य करार दिया है. इस घोटाले के अन्य दोषी जनता दल यूनाइटेड के सांसद जगदीश शर्मा की सदस्यता भी ख़त्म कर दी गई है.lalu

लोकसभा सचिवालय के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. लालू बिहार की सारण संसदीय सीट से सांसद थे.

इससे पहले कांग्रेस पार्टी के नेता रशीद मसूद की राज्यसभा की सदस्यता सोमवार को समाप्त कर दी गई थी. भ्रष्टाचार के एक मामले में दोषी पाए जाने के कारण मसूद की सदस्यता खत्म की गई थी.

उच्चतम न्यायालय ने गत जुलाई में व्यवस्था दी थी कि किसी नेता को दो वर्ष से अधिक की सज़ा वाले अपराध के तहत दोषी पाए जाने पर उसकी संसद सदस्यता तत्काल समाप्त हो जाएगी.

रांची की विशेष अदालत ने चारा घोटाले के मामले में लालू को पांच साल की क्लिक करें सज़ा सुनाई थी. जगदीश शर्मा को चार साल जेल की सज़ा सुनाई गई थी.

गौरतलब है कि लालू प्रसाद और 44 अन्य लोगों को चाइबासा कोषागार से 90 के दशक में 37.7 करोड़ रुपए निकालने के मामले में अभियुक्त बनाया गया था.

चाइबासा तब अविभाजित बिहार का हिस्सा था.

चाइबासा कोषागार से कथित फ़र्ज़ी बिल देकर 37.7 करोड़ रुपए निकालने का ये मामला जब सामने आया, तो तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने ध्रुव भगत और जगदीश शर्मा की सदस्यता वाली विधानसभा समिति से इसकी जांच कराने के आदेश दिए थे.

इस मामले में शिवानंद तिवारी, सरयू रॉय, राजीव रंजन सिंह और रविशंकर प्रसाद ने पटना हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की थी. पटना हाईकोर्ट ने 11 मार्च 1996 को 950 करोड़ रुपए के कथित चारा घोटाले के मामलों की जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया था.

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

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