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ताउम्र जेल में रह सकते हैं आसाराम…

By   /  October 27, 2013  /  2 Comments

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अपने शिष्य की नाबालिग पुत्री का यौन शोषण करने के आरोप में न्यायिक हिरासत में जेल काट रहे आसाराम ही नहीं सबके दिमाग में कई सवाल गूंज रहे हैं कि अब क्या होगा अब आसाराम का? कितने दिनों तक जेल में ही रह सकते हैं आसाराम? जोधपुर पुलिस क्यों आसाराम के पूर्व सेवादारों को गवाह बना रही है? जोधपुर पुलिस 6 नवंबर को जोधपुर की अदालत में इसका खुलासा करने जा रही है.asaram-jail

सरकारी वकील की मानें, तो आसाराम पर साजिश रचने और दुष्कर्म की धाराओं से लेकर जिस्मफरोशी की धाराएं भी लगाई जा सकती हैं. 6 नवंबर को आसाराम के सारे कारनामों का कच्चा-चिट्ठा चार्जशीट में कोर्ट में रखा जाएगा.

आसाराम के खिलाफ जोधपुर की अदालत में पेश की जाने वाली चार्जशीट में लगने वाली धाराओं की फेहरिस्त काफी लंबी है. धारा 120, धारा 342, धारा 354, धारा 376, धारा 375, धारा 506, धारा 509- ये सभी धाराएं शाहजहांपुर की नाबालिग लड़की के दुष्कर्म के आरोप के मामले में लगी हैं. लेकिन जोधपुर पुलिस आसाराम को उम्रकैद दिलवाने की भी पूरी तैयारी कर रही है. यही वजह है कि नई धारा चार्जशीट में जोड़ी जा रही है, धारा 370. यह नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर, भय, धोखा, दबाव, पावर का दुरुपयोग कर या लालच देकर या अपहरण कर आश्रम में रखने से संबंधित है.

साथ ही आसाराम के पूर्व सेवादारों के बयानों के आधार पर जिस्मफरोशी की धारा भी जोड़ी जा रही है, जिसमें नाबालिग लड़कियों और महिलाओं को जिस्मफरोशी के दलदल में धकेलना, दूसरों के सामने पेश करना है या फिर ऐसी जगह को संचालित करना, जिसमें ये सब होता है.

इस आरोप को साबित करने के लिए जोधपुर पुलिस ने आसाराम के पूर्व सेवादारों के ही पुलिस के सामने दिए बयान को आधार बनाया है. इन पूर्व सेवादारों महेन्द्र चावला, राहुल और राकेश को इस मामले में कोर्ट में गवाही के लिए भी बुलाया जाएगा. इन लोगों ने जोधपुर पुलिस को दिए अपने बयान में कहा है कि आसाराम और उनके बेटे नारायण साईं महिलाओं और लड़कियों का शारीरिक शोषण करते थे और गलत तरीके से अपने कब्जे में रखते थे. इनके खिलाफ मुंह खोलने वाले को सजा दी जाती थी, इसीलिए चार्जशीट में धारा 370 जोड़ी जा रही है.

आसाराम पर नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अपने सेवादार शिवा, वार्डन शिल्पी, गुरुकुल डायरेक्टर शरतचंद के साथ मिलकर नाबालिग को कुटिया में बुलाने की साजिश रचने के लिए धारा 120 लगाई गई है. आसाराम पर इसके बाद धारा 342 लगाई गई, जिसमें नाबालिक पीड़िता को अपनी कुटिया में बंधक बनाने का आरोप है. साथ ही धारा 354 लगी है, जिसमें पीड़िता के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप है. धारा 506 इसलिए लगाई गई है, क्योंकि आसाराम ने पीड़िता को मुंह खोलने पर पूरे परिवार समेत जान से मारने की धमकी दी थी. आसाराम पर 509 की उपधारा 34 लगी है, जिसमें आसाराम पर महिलाओं के बारे में हल्की और भद्दी बातें बोलने का आरोप है.

आसाराम पर सबसे गंभीर आरोप बन रहे हैं धारा 376, धारा 375 और पोक्सो (POCSO) एक्ट की धारा 5 के सेक्शन 6 के तहत. धारा 376 में जहां आसाराम पर दुष्कर्म का आरोप है, वहीं धारा 375 के तहत आसाराम पर बलात्कार के आरोप तय किए गए हैं. संसद में नए एक्ट पोक्सो के तहत आसाराम पर मामला इसलिए दर्ज हुआ है, क्योंकि यह सेक्शन शैक्षणिक या धार्मिक संस्था के प्रबंधन या कर्मचारी के रूप में किया गया है. इन धाराओं के तहत आसाराम दोषी हुए, तो सात साल से लेकर उम्रकैद तक हो सकती है.

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

2 Comments

  1. mahendra gupta says:

    आसाराम ने कब परवाह की है, उन्ही के शब्दों में वह तो बैकुंठ है, और जब हवालात बैकुंठ है तो उनके द्वारा किये गए कार्यों का परिणाम यही है.बहुत कुछ भोग लिया अब यह ही भोगना बाकी था.यदि अब उन्हें वहाँ रहकर सद्गति मिल जायेगी तो उम्र निहाल हो जायेगी.

  2. आसाराम ने कब परवाह की है, उन्ही के शब्दों में वह तो बैकुंठ है, और जब हवालात बैकुंठ है तो उनके द्वारा किये गए कार्यों का परिणाम यही है.बहुत कुछ भोग लिया अब यह ही भोगना बाकी था.यदि अब उन्हें वहाँ रहकर सद्गति मिल जायेगी तो उम्र निहाल हो जायेगी.

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