Loading...
You are here:  Home  >  अपराध  >  Current Article

पटना में बम धमाके मुजफ्फरनगर दंगे का बदला…

By   /  October 28, 2013  /  1 Comment

    Print       Email
इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

पटना विस्फोट 8 ब्लास्ट 6 मौतें 102 घायल 6 हिरासत में..दो दिन से घर से गायब था इम्तियाज…

आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन ने पटना में बम ब्लास्ट कराया. इसकी साजिश रांची में रची गयी. पटना से गिरफ्तार रांची के इम्तियाज के सिटियो स्थित घर पर छापेमारी में विस्फोटक मिलने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है.patna-serialblasts

बम ब्लास्ट का मास्टर माइंड तहसीन उर्फ मोनू था. उसने पांच साथियों के साथ विस्फोट की साजिश रची. पकड़ा गया इम्तियाज उसके संपर्क में था. साजिश के तार रांची से जुड़े होने के बाद पुलिस ने डोरंडा व बरियातू में भी छापेमारी की.
बम धमाकों के बाद पटना पुलिस ने जिस युवक को गिरफ्तार किया है, उसका नाम इम्तियाज है. वह रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र के सीठियो इलाके का रहनेवाला है. पटना पुलिस द्वारा सूचना दिये जाने के बाद धुर्वा पुलिस ने उसके घर पर छापामारी की. पुलिस इम्तियाज के पिता व भाई को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है.

नीतीश ने किया मुआवजे का एलान, कहा ब्‍लास्‍ट बिहार की परंपरा पर कलंक
डीजीपी राजीव कुमार ने बताया कि इम्तियाज के घर से पुलिस ने एक प्रेशर कूकर, काले रंग का पाउडर (करीब ढाई किलो) और उर्दू में लिखी कुछ धार्मिक सामग्री बरामद किया है.

पटना ने दी दो संदिग्धों की सूचना : रांची जोन के आइजी ने बताया कि इम्तियाज के घर से बरामद काले पाउडर की जांच की जा रही है. पटना पुलिस ने दो और लोगों के नाम बताये हैं, जो रांची के रहनेवाले हैं. दोनों की तलाश में छापेमारी की जा रही है. पुलिस मुख्यालय के प्रवक्ता एडीजी एसएन प्रधान ने बताया कि ब्लास्ट में झारखंड और रांची में रह रहे युवकों का नाम सामने आया है. इनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.patna-bomb-blasts-modi-rally

जब पटना में हुआ बम धमाका तो शिंदे कर रहे थे रज्‍जो की म्‍यूजिक लॉन्‍च
शाहीद और मोहसीन की तलाश : इधर, पुलिस के एक आधिकारिक सूत्र ने बताया कि ब्लास्ट मामले में पुलिस ने बरियातू थाना क्षेत्र में छापामारी की है. डोरंडा थाना क्षेत्र के दरजी मुहल्ला और मणिटोला में भी छापामारी की गयी है.

इन जगहों पर हुई छापेमारी में पुलिस को वे लोग नहीं मिले, जिनकी तलाश थी. पुलिस को इम्तियाज से संपर्क रखनेवाले किसी मो शाहीद और मोहसीन अख्तर की तालाश है.

एनआइए जुटी है छानबीन में

उल्लेखनीय है कि रांची में इंडियन मुजाहिदीन (आइएम) से जुड़े मंजर इमाम और दानिश को पुलिस ने गिरफ्तार किया था. जिसके बाद से लगातार इस तरह की खबरें आ रही थीं कि इंडियन मुजाहिदीन के लिए काम करनेवाले और भी कई युवक रांची में रह कर संगठन के लिए काम कर रहे हैं.

नेशनल इनवेस्टीगेशन एजेंसी (एनआइए) की टीम भी रांची में लगातार छानबीन कर रही थी. टीम मंजर और दानिश से संपर्क रखनेवाले युवकों का पता लगा रही थी. दोनों के संपर्क में किसी भी तरह से आनेवाले हर व्यक्ति से पूछताछ कर विस्तृत जानकारी हासिल कर रही थी. हालांकि एनआइए की टीम ने अब तक आइएम से जुड़े किसी तीसरे व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं किया है.

पटना में चार संदिग्ध पकड़े गये

इससे पहले पटना के गांधी मैदान व पटना जंकशन पर हुए बम धमाकों के सिलसिले में पटना में चार संदिग्धों को पुलिस ने हिरासत में लिया. पुलिस मुख्यालय सूत्रों के अनुसार, बम विस्फोट के दौरान जख्मी हालत में पाये गये रांची के युवक की संदिग्ध भूमिका बम प्लांट करने में थी, तभी वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया.

गांधी मैदान में बिछे थे बम, हर कदम पर डर
उसे जख्मी हालत में तत्काल इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान, शेखपुरा में भरती कराया गया. उसके कान के पास स्प्रींटर लगा है, जिससे वहां छेद हो गया. चिकित्सकों द्वारा उसका ऑपरेशन किया गया है. उसकी हालत चिंताजनक बतायी गयी है.

दो को एसटीएफ व एक को पुलिस ने पकड़ा

सूत्रों ने बताया कि गांधी मैदान इलाके से दो संदिग्धों को स्पेशल टास्क फोर्स ने हिरासत में लिया है, तो एक संदिग्ध व्यक्ति को पटना पुलिस ने हिरासत में लिया है. पुलिस मुख्यालय को उनके पास से कुछ कागजात व मोबाइल व अन्य सामान मिले हैं. पुलिस द्वारा उनके मोबाइल कॉल डिटेल्स निकाले जा रहे हैं. उनकी पहचान को लेकर भी छानबीन की जा रही है. उनसे पूछताछ जारी है.

ब्लॉस्ट के बाद शराब पीने जा रहे थे बांसघाट

दो संदिग्धों को स्पेशल टॉस्क फोर्स ने तब हिरासत में लिया, जब वे ब्लास्ट के बाद शराब पीने के लिए बांसघाट इलाके में जा रहे थे. उनके चेहरे पर किसी प्रकार का तनाव नहीं था. जैसे ही वे पुलिस के हत्थे चढ़े, उनकी हालत खस्ता हो गयी. उन्होंने पुलिस को बरगलाने की कोशिश की.

पूरे राज्य में हाई अलर्ट

सीरियल बम ब्लॉस्ट के बाद पूरे राज्य में हाई अलर्ट कर दिया गया. इसके साथ ही प्रमुख ऐतिहासिक व सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा सख्त कर दी गयी. पटना सचिवालय परिसर व मुख्यमंत्री आवास सहित एयरपोर्ट इलाके को पुलिस ने सील कर दिया है. मुख्य सचिवालय परिसर सहित अन्य स्थानों में जाने वालों की पहचान सुनिश्चित करने के बाद ही सुरक्षाकर्मियों द्वारा अनुमति प्रदान की जा रही थी.

पटना में रांची निवासी सहित चार संदिग्ध पुलिस की गिरफ्त में

– एक का जख्मी हालत में चल रहा आइजीआइएमएस में इलाज

– एक हमलावर की ब्लास्ट में मौत की सूचना

– एक पटना जंक्शन से पकड़ा गया

– ब्लास्ट के बाद दो शराब पीने जा रहे थे बांसघाट

सीठियो (धुर्वा) में इम्तियाज के घर छापा

बरामद सामान :
डेटोनेटर, एक प्रेशर कूकर, काले रंग का पाउडर (ढाई किलो), कांच की गोली, कई सीडी, पेन ड्राइव, तार व उर्दू में लिखी कुछ धार्मिक सामग्री. काले रंग के पाउडर की जांच जारी.

– सीठियो में तौफिक, नुमान और तारिक के घर भी छापा.

– इम्तियाज के पिता कमालुद्दीन व भाई अख्तर हिरासत में, पूछताछ

– सुबह रांची से पटना बस से आये थे आतंकी

पटना : पुलिस मुख्यालय के आलाधिकारी के अनुसार आइएम के दो सदस्य रविवार को रांची से पटना बस स्टैंड में उतरे थे. वहां से वे सीधे पटना जंक्शन के अंतिम प्लेटफार्म के समीप बने शौचालय में चले गये. वहां दोनों ने बम में बैट्री लगायी.

फिर वे उसके कनेक्शन टाइमर से सेट करने लगे. इतने में एक शौचालय में विस्फोट हुआ. एक आतंकी बुरी तरह घायल हो गया. उसके विस्फोट की आवाज सुनते ही दूसरे आतंकी इम्तियाज ने बम को वहीं रख कर भागने लगा. तभी पुलिसकर्मियों की नजरों में वह आ गया. उसे तत्काल हिरासत में ले लिया गया.

फिर, पुलिस द्वारा घायल आतंकी को तत्काल वहां से हटा कर दूसरे स्थान पर इलाज के लिए भेज दिया गया. पुलिस ने शौचालय के पास से दो बम भी बरामद किये. जिनमें से एक बम को डिफ्यूज करने के क्रम में विस्फोट हो गया.

मृतकों की सूची

राजनारायण सिंह, गौरीचक, पटना (65 साल), विकास कुमार (कैमूर), मुन्ना श्रीवास्तव (मीरगंज, गोपालगंज), भरत रजक (सुपौल) दो अज्ञात

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
    Print       Email

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

1 Comment

  1. ये बयान किस का है कि पतन रैली में मुज्जफरपुर का बदल लिया गया है ये बयान जांच कि डिश को भटकने वाला है किस को तकलीफ थी किस को चिंता थी मुजाफरपुर कि सवाल[१] कियया उ प के मुसलमानो जो ई म [पाकिस्तान] के मुसलमानो को जोड़ा जा रहा है [२] देश के सारे मुसलमनो को भारत के लिखाफ खड़े करने कि योजना है [३] यासीन भटकल कि गिरफ़्तारी कि जांच में पुलिस ने जो कुछ भी पूंछा उस के पेट में ये रिस्तेदारी जगह दोस्त आड़ुआड़ी कुछ भी नहीं निकल व पाये उस के पेट में कुछ बचन ही नहीं चाहिए था ये विस्फोटक सामन ये सब कैसे बचा रहा एस से साफ़ है पूंछ तांछ ठीक से हुयी ही नहीं है [३] प्राशासन कि बहुत बड़ी चूक है ही वयवसथ कि ये पूरी दुनिया मई हमारा मज़ाक बना के रखा दिया है ये सेण्टर कि सर्कार ने लोग मर रहे है होम मिनिस्टर फीम देखने गए है लड़कियो के साथ बैठे है शर्म आणि चाहिए एसी सर्कार को लानत भेजता हूँ एस सर्कार को बदला लेना है तो कारन भी तो होने चाहिए कैय कारन थे मोदी से बी ज प से बिहार कि जानत से ये सब बकबास कि भटकने वाली बात है जिन का कोया मतला बी भी नहीं है

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

You might also like...

एक क्रांतिकारी सफर का दर्दनाक अंत..

Read More →
Page Reader Press Enter to Read Page Content Out Loud Press Enter to Pause or Restart Reading Page Content Out Loud Press Enter to Stop Reading Page Content Out Loud Screen Reader Support
%d bloggers like this: