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शोभन सरकार छुपे कैमरे के ज़रिये आये छोटे पर्दे पर…

By   /  October 29, 2013  /  2 Comments

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उन्नाव के किले में हजार टन सोना दबा होने का ख्वाब देखने वाले संत शोभन सरकार अब तक दुनिया की निगाह से छिपे ‌थे. लेकिन अब ऐसा नहीं है. वह कैमरे के सामने हैं और उन्होंने अपने पहले इंटरव्यू में हैरान करने वाली बातें कही हैं.sant-shobhan-sarkar

इंडिया टीवी चैनल ने छिपे हुए कैमरे के सहारे उनसे बातचीत रिकॉर्ड की है.

चैनल के मुताबिक शोभन सरकार न बंगले में रहते हैं, न महंगी गाड़ियों में घूमते हैं और न एयरकंडिशंड कमरे में रहते हैं. उन्हें देखकर यह अंदाजा लगाना मुश्किल है कि हजार टन सोना छिपे होने का ख्वाब उन्होंने देखा है.

न सिर पर बाल, न पैरों में चप्पल

औसत कद-काठी के 51 वर्षीय सरकार ‌सिर पर बाल और दाढ़ी नहीं रखते, न कभी चप्पल पहनते हैं.

खजाने का ख्वाब देखने के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, “हमारे गुरु अब धर्म की स्‍थापना चाहते हैं. यह डौंडिया खेड़ा का सोना नहीं है और न ही आदमपुर का है. आप समझ रहे हैं? यह सब तप का तमाशा है. और कुछ नहीं.”

बाबा साफ कह रहे हैं कि यह तमाशा है, लेकिन अपने अंदाजे पर भी अडिग हैं. उन्होंने कहा, “खजाने कभी खत्म नहीं होते… और न ही कोई उन तक पहुंच पाता है.”

‘सब छिपा है धरती के नीचे’

एक वक्त पर भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था, लेकिन अंग्रेज सब लूट ले गए, इस पर शोभन सरकार ने कहा, “वह कुछ नहीं ले गए. सब कुछ धरती मां की कोख में दबा है. फर्ज कीजिए कि कोई मरने से पहले जमीन में दो मटके गाड़ जाता है. उसकी आत्मा हमेशा उन्हीं मटकों के साथ रहेगी. खजाना आत्मा के साथ रहता है. उसे कोई नहीं ले सकता.”

यह पूछने पर कि उन्होंने अब तक यह बात क्यों छिपाई, उन्होंने कहा, “बेटा, मैं शोहरत का भूखा नहीं कि दुनिया भर में यह सब गाता फिरूं.”

‘सीएम बनेंगे चरणदास महंत’

यह खुदाई चरणदास महंत के दखल देने के बाद शुरू हुई थी. शोभन ने महंत से कहा है कि अगर सोना मिलता है, तो वह छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री बनेंगे.

महंत के खिलाफ मुकदमा दाखिल होने पर उन्होंने कहा, “तो क्या, वे कुछ नहीं कर सकते? मैंने उन्हें बता दिया है कि वह चुनावों के बाद सीएम बनेंगे.”

जब यह सवाल किया गया कि उन्हें तो घेरा गया है, संत सरकार ने कहा, “कोई भी कुछ कर ले, एक बार सोना निकलने दीजिए, चरणदास, चरणदास बने रहेंगे और चिल्लाकर कह सकेंगे कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया. यह सब उनकी अपनी पार्टी के लोग हैं. वे बंटे हुए हैं.”

बाबा यह कहना जारी रखे हुए हैं कि 3 लाख करोड़ का सोना मिलकर रहेगा.

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

2 Comments

  1. mahendra gupta says:

    कई बार व्यक्ति कुछ धारणा अपने ही सोच से बना लेता है और उसका आत्म विश्वास ऐसा पक्काबान जाता है कि वह उससे परे हटकर तथ्य वैज्ञानिक आधार इत्यादि किसी को मैंने कोटाइटर नहीं होता, यही शोभन सरकार के साथ हुआ है.अब जब सछैए का सामना होने को है तब वे गलियां धुंध रहे हैं,जैसे खुदाई सही तरीके से न होना धन टेहरस से पहले पूर्ण होना बताये स्थान से कुछ इर्दगिर्द या हटके होना सही माप में न होना,
    वैसे सरकार में नींय होने में सालों लग जातेहैं पर यह सब कुछ ही दिनों में हो गया,साधू बाबाओं से नफरत करने वाली कांग्रेस व उसकी सरकार चुनावी समय पर वह वह लूटने, कुछ समय तक जनता का ध्यान मूल समस्यों से हटाने के लिए तत्पर भी हो गयी.
    जी एस आई भी खोदने चल पड़ी जो मिल रहा है वह किसी भी पुराने ऐतिहासिक स्थान पर खुदाई में मिल जायेगा.अब वे भी अपनी सरकार द्वारा दवाब में किये गए कार्य से मुहं छिपा अपने स्टेटमेंट बदल रहे हैं. अभी सरकार के पास छह माह का और समय है कानपुर व फतेहपुर में भी यहाँ से ज्यादा सोना मिलने की भविष्य वाणी कि जा रही है वहाँ भी टीम भेज कर काम शुरू करा देना चाहिए मिलेगा तो सत्ता से हाथ धोति सरकार को सहारा मिल जायेगा.

  2. कई बार व्यक्ति कुछ धारणा अपने ही सोच से बना लेता है और उसका आत्म विश्वास ऐसा पक्काबान जाता है कि वह उससे परे हटकर तथ्य वैज्ञानिक आधार इत्यादि किसी को मैंने कोटाइटर नहीं होता, यही शोभन सरकार के साथ हुआ है.अब जब सछैए का सामना होने को है तब वे गलियां धुंध रहे हैं,जैसे खुदाई सही तरीके से न होना धन टेहरस से पहले पूर्ण होना बताये स्थान से कुछ इर्दगिर्द या हटके होना सही माप में न होना,
    वैसे सरकार में नींय होने में सालों लग जातेहैं पर यह सब कुछ ही दिनों में हो गया,साधू बाबाओं से नफरत करने वाली कांग्रेस व उसकी सरकार चुनावी समय पर वह वह लूटने, कुछ समय तक जनता का ध्यान मूल समस्यों से हटाने के लिए तत्पर भी हो गयी.
    जी एस आई भी खोदने चल पड़ी जो मिल रहा है वह किसी भी पुराने ऐतिहासिक स्थान पर खुदाई में मिल जायेगा.अब वे भी अपनी सरकार द्वारा दवाब में किये गए कार्य से मुहं छिपा अपने स्टेटमेंट बदल रहे हैं. अभी सरकार के पास छह माह का और समय है कानपुर व फतेहपुर में भी यहाँ से ज्यादा सोना मिलने की भविष्य वाणी कि जा रही है वहाँ भी टीम भेज कर काम शुरू करा देना चाहिए मिलेगा तो सत्ता से हाथ धोति सरकार को सहारा मिल जायेगा.

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