/आसाराम ने पहले अपने कपडे उतारे फिर पीड़िता को नग्न किया…

आसाराम ने पहले अपने कपडे उतारे फिर पीड़िता को नग्न किया…

नाबालिग से यौन दुराचार मामले में अदालत में पेश चार्जशीट में दोषी माने गए आसाराम की करतूत का नया राज फ़ाश हुआ है. राजस्थान पुलिस द्वारा पेश की गई चार्जशीट में पीड़िता की दर्दभरी दास्तां का जिक्र करते हुए बताया गया है कि आसाराम ने इशारा करके पीड़िता को कुटिया में बुलाया था. आश्रम में ही समर्पित होकर रहने का लालच दिया. आसाराम के कहने पर छात्रा ने बाहर देखकर बताया कि पिता चले गए हैं व मम्मी बैठी हैं. वह कमरे में लौटी तब तक आसाराम निर्वस्त्र हो चुके थे. इसके बाद छात्रा के कपड़े उतारे और छेड़छाड़ की. साथ ही दुष्कर्म भी किया. एक-डेढ़ घंटे तक जबरदस्ती के बाद किसी को भी नहीं बताने की धमकी देकर उसे छोड़ दिया.asaram-jodhpur

उल्लेखनीय है कि अपने ही गुरूकुल की नाबालिग छात्रा से यौन दुराचार मामले की जांच पूरी होने के साथ ही अब यह स्पष्ट हो गया है कि आसाराम ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया था.

जांच अधिकारी एसीपी (पश्चिम) चंचल मिश्रा ने अदालत में पेश चार्जशीट में माना है कि आसाराम ने पीड़िता के साथ जो कृत्य किया, वह पूरी तरह दुष्कर्म की श्रेणी में आता है. इसी कारण पुलिस ने उनके खिलाफ भादंसं की धारा 376 का जुर्म साबित माना है.

यह था समर्पण और दुष्कर्म का पूरा घटनाक्रम

चार्जशीट में स्पष्ट है कहा गया है कि 15 अगस्त की रात मणाई स्थित हरी ओम कृषि फार्म की कुटिया में आसाराम जानबूझकर देर रात तक सत्संग करते रहे. रसोइए प्रकाश से तीनों को दूध पिलवाया.

छात्रा को कुटिया में पीछे की तरफ बिठा दिया तथा माता-पिता को बाहर जाने के निर्देश दिए. पिता वहां से निकल गए, लेकिन मां रूकी रही. फिर आसाराम ने इशारा करके पीड़िता को अंदर के कमरे में बुलाया.

पलंग पर लेट आसाराम ने पास ही में छात्रा को भी बिठा लिया. फिर उसका हाथ सहलाने लगे. आश्रम में ही समर्पित होकर रहने का लालच दिया. आसाराम के कहने पर छात्रा ने बाहर देखकर बताया कि पिता चले गए हैं व मम्मी बैठी हैं. वह कमरे में लौटी तब तक आसाराम निर्वस्त्र हो चुके थे.

चिल्लाने पर पीड़िता का मुंह बंद कर माता-पिता को मरवाने की धमकी दी. फिर छात्रा के कपड़े उतारे और छेड़छाड़ की. साथ ही दुष्कर्म भी किया. एक-डेढ़ घंटे तक जबरदस्ती के बाद किसी को भी नहीं बताने की धमकी देकर उसे छोड़ दिया. इस कृत्य को दुराचार माना गया है.

जिस्मफरोशी नहीं, कृत्य के लिए स्थानान्तरित किया

पुलिस ने आसाराम, शिवा, शिल्पी, शरदचन्द्र व प्रकाश के खिलाफ आईपीसी की धारा 370 (4) भी जोड़ी है. जिसमें माना गया है कि आरोपियों ने षडयंत्रपूर्वक योजना बनाकर छात्रा को यौन शोषण के उद्देश्य से मणाई स्थानान्तरित किया था. चार्जशीट में जिस्मफरोशी का धंधा करने के आरोप नहीं लगाए गए हैं.

प्रकाश के पास मोबाइल से बात करते थे आसाराम

अनुसंधान में पुलिस ने माना कि प्रकाश के मोबाइल का उपयोग आसाराम ही करते थे. यह सिम ज्ञानसिंह के नाम है. अहमदाबाद आश्रम के योगेश भाटी व निशांत जधवानी के बयानों में यह सामने आया है.

सभी आरोपियों के पास फर्जी सिम

आसाराम जो मोबाइल सिम उपयोग लेते थे वह ज्ञानसिंह के नाम था. गुरूकुल निदेशक शरदचन्द्र के पास दो मोबाइल थे जो नितिन भल्ला व लल्लू यदुवंशी के नाम से हैं. शिल्पी के सिम का धारक देवेन्द्र पंवार हैं. उसके भी बयान पुलिस ने लिए हैं.

मिस कॉल करती थी शिल्पी

छात्रावास की संचालिका शिल्पी छात्रा के परिजनों को मिस कॉल करती थी. फिर परिजन अपने मोबाइल से शिल्पी को कॉल करते थे.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.