/एक साईट ने फैलाई फ़र्ज़ी खबर कि आसाम में हर साल मनाया जाता है रेप फेस्टीवल…

एक साईट ने फैलाई फ़र्ज़ी खबर कि आसाम में हर साल मनाया जाता है रेप फेस्टीवल…

अमेरिका की एक वेब साईट नेशनल रिपोर्ट ने भारत की छवि पर धब्बा लगाने वाली गॉसिप पर आधारित एक फर्जी खबर प्रकाशित की है… इस खबर को प्रकाशित करने के पीछे उस वेब साईट की मंशा का  तो पता नहीं लग पाया है मगर इससे देश की छवि पर गहरा आघात लगा है..

भारत की छवि पर आघात लगते हुए एक अमेरिकन वेब साईट नेशनल रिपोर्ट नामक वेब साईट के अनुसार आसाम में हर साल रेप फेस्टिवल मनाया जाता है. नेशनल रिपोर्ट के अनुसार यह बलात्कार पर्व इस साल बहुत ही जल्द आयोजित होगा और वहां के स्थानीय पुरुष इस पर्व को मनाने की जोरदार तैयारियों में जुटे हैं. इस बलात्कार पर्व के दौरान सात से सोलह वर्ष की अविवाहित लड़कियों के साथ बलात्कार किये जाने पर कोई पाबंदी नहीं होगी. इस उम्र की सभी लड़कियों के कहीं छिप जाने से ही उन पर आयी यह आफत टल सकती है वरना उन्हें दुष्कर्म का शिकार होना ही पड़ेगा.

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नेशनल रिपोर्ट के अनुसार इस सालाना बलात्कार पर्व के मुखिया मधुबन आहलुवालिया ने पत्रकारों को इस दुष्कर्म पर्व के महत्व के बारे में बताया कि “यह एक हजारों साल पुरानी परंपरा है और हम इस पर्व के ज़रिये लड़कियों से रेप कर उनके भीतर छुपी शैतानी ताकतों को बाहर निकलते हैं, नहीं तो वे बाद में हमें धोखा देंगी तथा हम उन्हें मार डालने को मजबूर हो जायेंगे. इसलिए यह हम सबके लिए बहुत ज़रूरी है.”

वेब साईट का कहना है कि आसाम रेप पर्व की परम्परा 43 ईसा पूर्व से चली आ रही है. इसकी शुरुआत बालकृष्ण तमिलनाडू ने अपने गाँव डूमडूमा में गाँव की सभी लड़कियों से रेप कर की थी. इसके बाद से बालकृष्ण को हर साल रेप फेस्टीवल आयोजित कर याद किया जाता है और जो पुरुष सबसे ज़्यादा लड़कियों के साथ रेप करता है उसे ट्रौफी दी जाती है और उसे “बालकृष्ण” की उपाधि दी जाती है.

नेशनल रिपोर्ट वेब साईट पर आगे लिखा गया है कि चौबीस वर्षीय हरिकृष्ण मजुमदार का कहना है कि उसने पूरे साल अपनी बहन और उसकी दोस्तों से रोज रेप कर इस रेप फेस्टीवल की तैयारी की है और उसे उम्मीद है कि इस साल वही सबसे ज्यादा रेप कर इस वर्ष की “बालकृष्ण” ट्रॉफी जीतेगा.

बारह वर्षीया जैताश्री बताया कि पिछले साल उसे लगा था कि वह दुष्कर्म से बच जाएगी मगर पर्व के आखिरी समय में नौ पुरुष उस पर कूद पड़े और उसके साथ रेप किया. अब जाकर मैं ठीक हुई हूँ ताकि इस साल इस रेप फेस्टीवल में हिस्सा ले सकूँ नहीं तो मुझे पत्थर मार मार कर मार कर खत्म कर दिया जायेगा.

टोरेन्टो से बिजनेस टूर पर आये चौंतीस वर्षीय ब्रायन बार्नेट का कहना है कि “उसे उसकी कम्पनी ने इस रेप फेस्टीवल की कोई जानकारी नहीं दी थी. यहाँ आने पर ही उसे पता चला कि यहाँ रेप फेस्टीवल मनाया जाता है. उसे वापस जाना है, इसलिए वह इस फेस्टीवल में शामिल नहीं हो पायेगा और इसका उसे बहुत अफ़सोस रहेगा.”
इस वेब साईट के अनुसार आसाम के इस रेप फेस्टीवल के बारे में ज्यादा जानकारी पाने और इसमें हिस्सा लेने के लिए इस फेस्टीवल के आयोजकों ने चौबीस घंटे हॉटलाइन फोन की भी व्यवस्था कर रखी है, जिसका नम्बर 0785- 273-0325 है.

अमेरिकन वेब साईट पर फैलाई जा रही यह खबरें मात्र झूठ का पुलिंदा मात्र है जो कि भारत की छवि ख़राब करने के लिए ही नेशनल रिपोर्ट पर प्रकाशित की गई है.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.