/बाहुबली सांसद धनंजय सिंह के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज़…

बाहुबली सांसद धनंजय सिंह के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज़…

उत्तर प्रदेश के जौनपुर के बाहुबली बसपा सांसद धनंजय सिंह की मुश्किलें बढ़ने का सिलसिला चालू है. इस बाहुबली सांसद पर अब एक 42 वर्षीय महिला ने दुष्कर्म का आरोप लगाया है. महिला ने बुधवार देर रात पूर्वी जिले के पांडव नगर थाने में सांसद के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया है.dhanjay singh

पीड़ित महिला रेलवे विभाग में दिल्ली में नौकरी करती है. महिला मयूर विहार के फेज-1 पॉकेट 5 में परिवार सहित रहती है. उसके 8 व 10 साल के दो बच्चे हैं. महिला की शादी 2005 में हुई थी. उसका पति व्यापारी है. उसका आरोप है कि शादी के बाद धनंजय सिंह एक दिन उनके घर दोपहर के खाने पर आया था. इसके बाद से पति की गैरमौजूदगी में वह आता रहा. महिला का कहना है कि धनंजय सिंह उसके साथ जुलाई 2005 से मार्च 2009 तक रिवॉल्वर की नोक पर दुष्कर्म करते रहे. महिला व उसके परिवार को लगातार धमकी मिल रही है. महिला ने पुलिस को बताया कि अभी हाल ही में उसकी गाड़ी को टक्कर भी मारी गई है. पुलिस का कहना है कि महिला काफी घबराई हुई है. वह ठीक से बात भी नहीं कर पा रही है.

गौरतलब है कि घरेलू सहायिका राखी की हत्या के आरोप में सांसद व उनकी पत्नी डॉक्टर जागृति सिंह अभी तिहाड़ जेल में बंद हैं. जागृति सिंह द्वारा पिटाई करने से राखी की सांसद के 175 साउथ एवेन्यू स्थित सरकारी आवास में बीते चार नवंबर की तड़के चार बजे इलाज के बिना तड़प-तड़पकर मौत हो गई थी. मामले में सांसद पर जहां सबूत नष्ट करने, पुलिस को गुमराह करने व जूवेनाइल जस्टिस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. वहीं उनकी पत्नी जागृति सिंह पर हत्या, मारपीट व जूवेनाइल जस्टिस आदि धाराओं के तहत चाणक्य पुरी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.