/नारायण साईं लड़की चुनने से शिकार बनाने तक कोर्ड वर्ड्स करता था इस्तेमाल..

नारायण साईं लड़की चुनने से शिकार बनाने तक कोर्ड वर्ड्स करता था इस्तेमाल..

रेप के आरोपी नारायण साईं की तलाश में पुलिस देशभर में छापेमारी कर रही है. भगोड़ा घोषित किए जाने के बाद भी उसका अभी तक पता नहीं चल सका है. वहीं, नारायण साईं के खिलाफ एक के बाद एक सनसनीखेज खुलासे भी हो रहे हैं. नारायण साईं की पूर्व सहयोगी गंगा ने पुलिस को बताया कि नारायण साईं के आश्रम में लडकियों की सप्लाई के दौरान कोड वर्ड इस्तेमाल किए जाते थे. उसके मुताबिक, साईं के लिए नई लडकी तैयार है के लिए ‘तिलक लगा लिया है’, नई लडकी चुनने के लिए ‘भोग तैयार हो गया है’. लड़की को आश्रम में लाने के बाद उसे नारायण साईं के लिए तैयार किया जाता था. उसके लिए कोड वर्ड इस्तेमाल किया जाता था ‘तिलक मिट ना पाए’. इसके अलावा लड़की के लिए जो संदेश भिजवाए जाते थे उनमें ‘मुंह मत धोना’ जैसे कोड वर्ड का इस्तेमाल होता था.narayan_sai

नारायण साईं पर यह भी आरोप है कि उसकी सेविकाएं आश्रम में आने वाली लड़कियों को सेक्‍सवर्धक दवाएं देती थीं.

इस बीच, नारायण सांई की करीबी साधिका गंगा के फ्लैट से पुलिस को सांई के दस्तखत वाले छह कोरे चैक मिले हैं. ये एक राष्ट्रीयकृत बैंक के हैं. एक सिमकार्ड भी बरामद हुआ है. मंगलवार को अहमदाबाद में गंगा उर्फ धर्मिष्ठा के फ्लैट पर छापा मारने के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की. छापेमारी के दौरान गंगा व उसका पति प्रमोद मिश्रा भी पुलिस के साथ था. उधर, दुष्कर्म मामले में सांई की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई बुधवार को जारी रहेगी. पुलिस ने याचिका का विरोध करते हुए छह गवाहों के बयान अदालत में पेश किए हैं. उसने इन गवाहों को ए-बी-सी-डी के नाम से दर्शाया है. मंगलवार को सरकारी वकील की दलीलें पूरी होने पर सांई के वकील ने अपना पक्ष रखना शुरू किया. बुधवार को बचाव पक्ष की दलीलें होंगी.

नारायण सांई के एक साधक ने सांई के डीएनए टेस्ट की मांग की है. उसने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उसके चाचा सांई के सेवक थे. सांई ने चाचा का विवाह अपनी एक सेविका से करा दिया. विवाह के बाद सेविका ने एक बच्चे को जन्म दिया. साधक को लगा कि यह लड़का उसके चाचा का नहीं बल्कि सांई का है. उसने इंदौर की एक अदालत में आवेदन लगाकर सांई के डीएनए टेस्ट की मांग की. इस पर अभी कोई फैसला नहीं आया है.

इंदौर स्थित फॉर्म हाउस में बुलाई थीं नौ लड़कियां : ए सांकेतिक नाम के गवाह का आरोप है कि-दस साल पहले सांई ने उसे इंदौर स्थित फॉर्म हाउस में बुलाया था. वहां कुछ समय में नौ लड़कियां आईं. सभी फॉर्म हाउस के ऊपरी मंजिल पर चली गईं, जहां सांई थे. गवाह के मुताबिक पूरी रात सांई ने रंगरेलियां मनाईं. तड़के साढ़े तीन बजे सभी लड़कियां चली गईं. इसके बाद सांई ने नीचे आकर कमरा साफ करने का निर्देश दिया. गवाह के मुताबिक जब वह कमरे में गया तो वहां शराब की बोतल, कोल्ड ड्रिंक आदि पड़ी थीं.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.