/शिव ‘राज’ में मतदान से अछूता क्यों रहा पंवार का परिवार ?

शिव ‘राज’ में मतदान से अछूता क्यों रहा पंवार का परिवार ?

 

बैतूल,(संवाददाता): जहां एक ओर मध्यप्रदेश में एक – एक वोट को महत्वूर्ण समझते हुए मतदाताओं को जागरूक बनाने के लिए करोड़ो रू खर्च किए गए । वहीं,दूसरी ओर मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में एक इंसान ऐसा भी हैं जिसके पूरे परिवार का नाम मतदान सूची से गायब कर दिया गया । मध्यप्रदेश ‘गान’ में ‘पुण्य सलिला मां सूर्यपुत्री’ का नाम जोड़ने की मांग को लेकर जन आंदोलन खड़ा करने वाले मां सूर्यपुत्री ताप्ती जागृति समिति के प्रदेश अध्यक्ष ‘रामकिशोर पंवार’ को इस मांग का खामियाजा इस कदर भुगतना पड़ेगा ऐसा तो शायद उन्होंने भी सोचा तक ना होगा । आंदोलन करके अपनी मांग की खातिर लामबंद होने वाले रामकिशोर पंवार को मतदान के अधिकार से ही वंचित रहना पड़ा । समिति के प्रदेश अध्यक्ष रामकिशोर पंवार ने कुछ दिन पहले ही प्रदेश गान में मां सूर्यपुत्री ताप्ती का नाम शामिल न करने की स्थिति में प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ़ नोटा बटन का उपयोग करने की अपील की थी । उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की वादाखिलाफ़ी के मद्देनज़र पूरे बैतूल जिलें में जबर्दस्त मुहिम चला रखी थी । पंवार का आरोप हैं कि इसी वज़ह से राज्य सरकार अपनी हार से इस कदर डर गई कि उसने उनका नाम पूरे परिवार सहित मतदाता सूची से विलोपित कर डाला ।

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मतदान के अधिकार से वंचित पंवार ने बैतूल जिला क्लैक्टर से लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी तक सबको मिलकर मामले की जानकारी दी और कार्रवाई की मांग की लेकिन कहीं भी उनकी एक ना सुनी गई । अपने खिलाफ़ रची गई कथित साज़िश से आज़िज़ आ चुके पंवार अब न्यायलय का दरवाज़ा खटखटाएंगे । फिलहाल, पंवार ने राज्य निर्वाचन और केंद्रिय निर्वाचन आयोग को भी शिकायत भेजी हैं । उल्लेखनीय है कि पीड़ित पंवार बैतूल जिला मुख्यालय के अर्जून वार्ड खंजनपुर की मतदाता सूची के भाग एक में 496 पर दर्ज़ हैं । 10 जुलाई 2013 को उनके पूर्व में जारी मतदाता परिचय पत्र में मतदाता परिचय में जन्म तारीख़ का वर्ष ग़लत छप जाने के बाद फिर से संशोधित मतदाता परिचय पत्र जारी किया गया था । उनकी पत्नी और पुत्र का भी नाम इसी मतदाता वार्ड की सूची से विलोपित किया गया । पंवार के अनुसार मतदाता सूची संशोधन के समय भी बीएलओं को चाही गई जानकारी उपलब्ध करवाई गई लेकिन संशोधन सूची के बाद अचानक पीठासीन अधिकारी की सूची में उनके पूरे परिवार का नाम विलोपित किया गया । यहां तक कि पंवार का दावा है कि अर्जून वार्ड के मतदान केंद्र पर दोनों कांग्रेस-भाजपा एजेंटों की सूची में फोटो सहित उनके पूरे परिवार का नाम दर्ज़ हैं जिसकी तस्दीक बीएलओं ने भी की लेकिन उसके बाद भी उन्हें मतदान से रोका गया । जिस बिन्हा पर उनका दावा है कि ये मामला साज़िश के तहत रचा गया । बहरहाल,न्याय ना मिलने के हालात में पंवार पूरे मामले को लेकर प्रदर्शन करने पर भी विचार कर रहे हैं ।

 

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