Loading...
You are here:  Home  >  अपराध  >  Current Article

क्या सज़ा मुकर्रर होगी तलवार दंपति को फांसी या उम्रकैद ?

By   /  November 26, 2013  /  1 Comment

    Print       Email
इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

कल देश ने वो फैसला सुना जो शायद ही वो सुनना चाहता था । चर्चित आरूषि-हेमराज हत्याकांड में आरूषि के माता-पिता को ही सीबीआई कोर्ट ने दोषी करार दिया । आज सज़ा पर दोपहर दो बजे बहस शुरू होगी । उधर,अभी तक डासना जेल से आ रही ख़बरों के मुताबिक तलवार दंपती सज़ा को लेकर तनावग्रस्त हैं । जहां नुपूर तलवार की तबीयत इतनी बिगड़ गई कि डॉक्टरों की टीम को नुपूर की जांच करनी पड़ी और पाया कि नुपूर का ब्लड प्रशेर बढ़ गया था वहीं हाल डॉक्टर राजेश तलवार का भी रहा । आपको बता दें, सोमवार को अदालत ने इस सनसनीखेज़ मामले में आरूषि के माता-पिता को हत्या और अपराध से जुड़े सबूत मिटाने का दोषी करार दिया था । अदालत में आज तय हो सकता है कि तलवार दंपती को क्या सज़ा मुकर्रर होगी । फांसी या फिर उम्रकैद ?

download

हम आपको सिलसिलेवार तरीके से बताते हैं कि सीबीआई ने अपनी बात रखने के लिए किन-किन तर्कों-तथ्यों का सहारा लिया..

घटना की रात घर में चार लोग मौजूद थे । आरूषि के पिता राजेश,नुपूर,आरूषि,और हेमराज । सीबीआई के मुताबिक इनमें से दो यानी आरूषि और हेमराज मर चुके थे जबकि ज़िंदा थे डॉक्टर राजेश और नुपूर तलवार । पड़ोसियों ने किसी को तलवार दंपत्ति के घर आते-जाते नहीं देखा था ।

हेमराज से संबंध छुपाने के लिए आरूषि के अंग साफ़ किए गए । फॉरेंसिक जांच में भी इसकी तस्दीक हुई ।
जिस कमरे में आरूषि मृत मिलीं उसी कमरे में हेमराज की हत्या की गई । फिर उसे छत पर ले जाया गया । सीढ़ियों पर मौजूद खून के धब्बे सबूत बनें ।
सर्जिकल ब्लेड से दोनों आरूषि और हेमराज का गला काटा गया । दावा किया गया कि जिस सफ़ाई से इस काम को अंजाम दिया गया वैसा कोई डॉक्टर ही कर सकता हैं ।
डायनिंग टेबल पर मिली शराब की बोतल पर खून के धब्बे मिलें । ये खून के धब्बे डीएनए टेस्ट के अनुसार आरूषि के थे ।

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
    Print       Email
  • Published: 4 years ago on November 26, 2013
  • By:
  • Last Modified: November 26, 2013 @ 12:57 pm
  • Filed Under: अपराध

1 Comment

  1. aap yah kahan chahte hai ki in dono ko chhod dena chahiye

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

You might also like...

पनामा के बाद पैराडाइज पेपर्स लीक..

Read More →
Page Reader Press Enter to Read Page Content Out Loud Press Enter to Pause or Restart Reading Page Content Out Loud Press Enter to Stop Reading Page Content Out Loud Screen Reader Support
%d bloggers like this: