/राजेश और नूपुर को मिली सज़ा-ए-उम्र कैद ….

राजेश और नूपुर को मिली सज़ा-ए-उम्र कैद ….

देश के सबसे चर्चित और सनसनीखेज़ मर्डर मिस्ट्री आरूषि-हेमराज हत्याकांड से जुड़ा फैसला आ चुका हैं।सीबीआई कोर्ट ने डॉक्टर राजेश तलवार और नूपुर तलवार को उम्र कैद की सज़ा सुनाई।अदालत ने कल दोनों को दोषी करार दिया था।

 

talwar

 

ये मामला 15मई 2008 का है जब नोएडा के जलवायु विहार स्थित दंपति आवास पर आरूषि यानी डॉक्टर राजेश और नूपुर तलवार की बेटी अपने कमरे में मृत पाई गई थी।शुरूआत में जांच की सुई कई जगह से हो कर गुज़री।मसलन,जिस हेमराज पर पहले आरूषि का कत्ल करके भाग जाने का शक़ था वही हेमराज बाद में आवास की छत पर मृत पाया गया।बहरहाल,इस दोहरे हत्याकांड के बारे में कुछ जरूरी बातें —-

 

हम आपको सिलसिलेवार तरीके से बताते हैं कि सीबीआई ने अपनी बात रखने के लिए किन-किन तर्कों-तथ्यों का सहारा लिया..

घटना की रात घर में चार लोग मौजूद थे । आरूषि के पिता राजेश,नुपूर,आरूषि,और हेमराज । सीबीआई के मुताबिक इनमें से दो यानी आरूषि और हेमराज मर चुके थे जबकि ज़िंदा थे डॉक्टर राजेश और नुपूर तलवार । पड़ोसियों ने किसी को तलवार दंपत्ति के घर आते-जाते नहीं देखा था ।

हेमराज से संबंध छुपाने के लिए आरूषि के अंग साफ़ किए गए । फॉरेंसिक जांच में भी इसकी तस्दीक हुई ।
जिस कमरे में आरूषि मृत मिलीं उसी कमरे में हेमराज की हत्या की गई । फिर उसे छत पर ले जाया गया । सीढ़ियों पर मौजूद खून के धब्बे सबूत बनें ।
सर्जिकल ब्लेड से दोनों आरूषि और हेमराज का गला काटा गया । दावा किया गया कि जिस सफ़ाई से इस काम को अंजाम दिया गया वैसा कोई डॉक्टर ही कर सकता हैं ।
डायनिंग टेबल पर मिली शराब की बोतल पर खून के धब्बे मिलें । ये खून के धब्बे डीएनए टेस्ट के अनुसार आरूषि के थे ।

 

 सीबीआई के आरोपों को झूठा साबित करने के लिए राजेश और नूपुर ने कौन सी दलीलें दी पढ़े यहां – 

– ऐसा नहीं है कि हत्या वाली रात घर में हम चार ही लोग थे । उन्होंने दावा किया कि उस रात घर में हेमराज के अलावा कृष्णा,राजकुमार और विजय मंडल भी घर में ही थे।

-डीएनए टेस्ट का दावा झूठा है। टेस्ट के लिए जो 56 सैंपल डीएनए टेस्ट के लिए हैदराबाद भेजे गए थे उनमें सभी के लिफाफे फटे हुए थे और केस से जुड़ी चीज़ों से छेड़छाड़ की गई।

-हेमराज की लाश सिर्फ़ दो लोग उठाकर छत पर नहीं ले जा सकते।आरूषि के कमरे में हेमराज की हत्या का कोई सबूत भी सीबीआई नहीं दे पाई।सीबीआई के सात गवाहों ने भी सीढ़ियों पर खून के दावे नकार दिए।

-सर्जिकल ब्लेड6 एमएम का होता है।इससे हड्डी नहीं काटी जा सकती है।एम्स के डॉ.दहिया ने भी कोर्ट में दिए अपने बयान में यही बात कही।

-ये दावा ग़लत है कि खून के जो निशान मिले वो एबी पॉजिटिव थे।हेमराज का ब्लड ग्रुप भी वही था।दहवाज़े पर लगा खून भी एबी पॉजिटिव था।

 
Facebook Comments

संबंधित खबरें:

  • संबंधित खबरें उपलब्ध नहीं