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तेजपाल के खिलाफ़ समन जारी..

By   /  November 27, 2013  /  2 Comments

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खोजी पत्रकारिता के लिए मशहूर तहलका पत्रिका के संस्थापक सदस्य और संपादक तरूण तेजपाल पर पुलिसिया शिकंजा कसता जा रहा हैं।अपनी सहकर्मी का यौन उत्पीड़न करने के मामले में गोवा पुलिस ने तेजपाल को पूछताछ के लिए समन जारी किया है।आपको बता दें कि कल पुलिस ने मुंबई में पीड़ित लड़की का बयान दर्ज किया था।अपने प्रगितिशील विचारों,शोषित दबे-कुचले लोगों के हक़ में आवाज़ उठाने के लिए जाने जाते रहें  तेजपाल मुश्किलों के भंवर में फंसते ही जा रहे हैं।गोवा पुलिस ने तेजपाल को हाज़िर होने का फरमान सुनाने के साथ-साथ उनके खिलाफ़ लुकआउट नोटिस भी जारी किया है ताकि वो देश छोड़कर बाहर न जा सकें।गोवा पुलिस ने एहतियातन सभी पुलिस और बंदरगाहों के इमिग्रेशन चेकपोस्ट पर अलर्ट जारी कर दिया है।

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वहीं,मंगलवार को तेजपाल ने उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी।जिस पर उन्हें कोर्ट से किसी भी तरह की राहत नहीं मिली थी।अर्ज़ी में तेजपाल ने गोवा सरकार पर उनके खिलाफ़ राजनीतिक साज़िश रचने का आरोप लगाया था।आज फिर से तेजपाल की अग्रिम जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है।अगर तेजपाल को अदालत से राहत नहीं मिलती है तो उन्हें कभी भी गिरफ्तार किया जा सकता है।

तेजपाल का परिवार डाल रहा हैं दबाव –
जहां मामले का खुलासा होने के बाद तेजपाल के रिश्तेदार की ओर से पीड़िता के परिवार पर मामले को रफ़ा-दफा करने के आरोप पीड़िता के परिवार की ओर से लगाए जा रहें थे वहीं ताज़ा घटनाक्रम में तेजपाल की बेटी आरोपों के घेरे में घिरती नज़र आ रही है।पीड़ित पत्रकार की मां ने तेजपाल की बेटी के खिलाफ़ दबाव डालने को लेकर दिल्ली के पांडव नगर में शिकायत दर्ज कराई है।

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  • Published: 5 years ago on November 27, 2013
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  • Last Modified: November 27, 2013 @ 5:43 pm
  • Filed Under: मीडिया

2 Comments

  1. mahendra gupta says:

    समझ नहीं आता कि इसमें राजनितिक साजिश क्या हो सकती है. स्वयं तेजपाल द्वारा अपने मेल में स्वीकार करने के बाद क्या गुंजाईश रह गयी है. अब वे वकीलों के द्वारा भ्रमित किये जा रहें है.मन कि वे पहले भ ज पा के बंगारू लक्ष्मण कांड को सामने ला चुके हैं पर इस बात को क्यों भूलते हैं कि उन्हें भी कांग्रेस का वरद हस्त प्राप्त है.शायद उन्होंने अपना कारनामा करने के बाद सिब्बल को बताया नहीं उनकी राय नहीं ली. वे इसी ग़लतफ़हमी में रह गए कि कुछ डरा के कुछ भावाभिव्यक्ति कर, कुछ पद का दुरूपयोग कर बच जायेंगे और इसीलिए अपने इस कृत्य कि सजा भी खुद ही मुकर्र कर ली. क्या भ ज पा का कोई नेता ऐसा करता तो वे, कांग्रेस इस बात को स्वीकार कर लेते.यदि मोदी या उनके करीबी द्वारा ऐसा होता तो उनकी क्या प्रतिक्रिया होती.

  2. समझ नहीं आता कि इसमें राजनितिक साजिश क्या हो सकती है. स्वयं तेजपाल द्वारा अपने मेल में स्वीकार करने के बाद क्या गुंजाईश रह गयी है. अब वे वकीलों के द्वारा भ्रमित किये जा रहें है.मन कि वे पहले भ ज पा के बंगारू लक्ष्मण कांड को सामने ला चुके हैं पर इस बात को क्यों भूलते हैं कि उन्हें भी कांग्रेस का वरद हस्त प्राप्त है.शायद उन्होंने अपना कारनामा करने के बाद सिब्बल को बताया नहीं उनकी राय नहीं ली. वे इसी ग़लतफ़हमी में रह गए कि कुछ डरा के कुछ भावाभिव्यक्ति कर, कुछ पद का दुरूपयोग कर बच जायेंगे और इसीलिए अपने इस कृत्य कि सजा भी खुद ही मुकर्र कर ली. क्या भ ज पा का कोई नेता ऐसा करता तो वे, कांग्रेस इस बात को स्वीकार कर लेते.यदि मोदी या उनके करीबी द्वारा ऐसा होता तो उनकी क्या प्रतिक्रिया होती.

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