Loading...
You are here:  Home  >  अपराध  >  Current Article

गोवा पुलिस तरुण तेजपाल के घर पहुंची…

By   /  November 29, 2013  /  No Comments

    Print       Email
इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

अपनी सहकर्मी का यौन उत्पीड़न के आरोपी तरुण तेजपाल को गिरफ्तार करने गोवा पुलिस की एक टीम उनके घर पहुंच गई है. सात सदस्यों की पुलिस टीम दिल्ली के जंगपुरा में बने तेजपाल के घर के अंदर जा चुकी है. उनके पास तेजपाल के खिलाफ गैरजमानती वारंट है. तेजपाल के घरवाले तो घर में मौजूद बताए जा रहे हैं लेकिन खुद तेजपाल घर में मौजूद हैं या नहीं इस बात की जानकारी नहीं मिली है. फिलहाल पुलिस घर की तलाशी ले रही है.tarun-tejpal

गोवा पुलिस तेजपाल के दफ्तर भी जा सकती है. तेजपाल अगर घर पर न मिले तो गोवा पुलिस तेजपाल के रिश्तेदारों के घर पर छापा भी मार सकती है.

इससे पहले तेजपाल के वकील ने गोवा पुलिस को फैक्स भेजकर जानकारी दी थी कि तेजपाल शुक्रवार को गोवा पुलिस के सामने पेश होंगे. कल गोवा की कोर्ट ने तेजपाल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया था. जिसे लेकर आज गोवा पुलिस दिल्ली पहुंची है.

गोवा पुलिस ने और मोहलत देने से किया इंकार

गोवा पुलिस ने तेजपाल को हाजिर होने के लिए दोपहर 3 बजे तक का समय दिया था. लेकिन इस डेडलाइन से करीब दो घंटे पहले खबर आई कि तेजपाल ने गोवा पुलिस को फैक्स भेजकर शनिवार तक की मोहलत मांगी है. गोवा पुलिस ने तेजपाल को ये मोहलत देने से इनकार कर दिया.

पुलिस उप महानिरीक्षक ओ.पी.मिश्रा ने कहा कि जांच अधिकारी ने समय देने की मांग को स्वीकार नहीं किया. वह कानून के अनुसार काम कर रही है. यह पूछे जाने पर कि क्या तेजपाल को गिरफ्तार किया जा सकता है, उन्होंने संकेत दिया कि यह अगला कदम हो सकता है.

तेजपाल को गिरफ्तार करने की मांग

इस बीच पीड़ित महिला पत्रकार के कानूनी सलाहकर श्याम केसवानी का कहना है कि अगर तेजपाल पूछताछ के लिए गोवा नहीं पहुंचे तो उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए. पेश होने का समन एक इज्जतदार तरीका है. अगर वो पेश नहीं होते हैं तो गोवा पुलिस उनको गिरफ्तार करके ले जाएगी. चोर ने चोरी की और अब वो भाग रहा है. उसको गिरफ्तार करने के लिए वारंट की जरूरत नहीं है.

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
    Print       Email

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

You might also like...

एक जज की मौत : The Caravan की सिहरा देने वाली वह स्‍टोरी जिस पर मीडिया चुप है..

Read More →
Page Reader Press Enter to Read Page Content Out Loud Press Enter to Pause or Restart Reading Page Content Out Loud Press Enter to Stop Reading Page Content Out Loud Screen Reader Support
%d bloggers like this: