/‘पति-पत्नी’ के साथ अब ‘वो’ भी घर में रह सकेगी…

‘पति-पत्नी’ के साथ अब ‘वो’ भी घर में रह सकेगी…

खंडवा, मप्र: लोक अदालत से आए एक अनोखे फैसले में ‘पति और पत्नी’ के साथ अब ‘वो’ भी घर में रह सकेगी. अदालत ने एक शख्स को आदेश दिया है कि वह बारी-बारी से 15-15 दिन अपनी पत्नी और महिला ‘पार्टनर’ के साथ बिताए.???????????

इस शख्स की पत्नी और उसकी पार्टनर एक ही छत के नीचे रहती हैं. लोक अदालत में गत शनिवार आए इस फैसले के तहत धार्मिक नगरी ओंकारेश्वर के मांधाता निवासी पति बसंत माहूलाल और पत्नी शांति के साथ बसंत के साथ पिछले दस साल से ‘लिव इन रिलेशनशिप’ में रह रही रामकुमारी भी एक ही घर में रहेगी.

लोक अदालत ने उच्चतम न्यायालय द्वारा ‘लिव इन रिलेशनशिप’ को मान्यता देने के मद्देनजर यह फैसला दिया है. उसको अपने ‘पार्टनर’ के मकान, खेत एवं जमीन में आधा हिस्सा भी मिलेगा. इस फैसले में सबसे अनोखी बात तो यह है कि एक कमरे में पति रहेगा, जो घर के बीच में है. वहीं, उसके दूसरी ओर के एक कमरे में पत्नी और दूसरे कमरे में ‘वो’ रहेगी. पति के कमरे का दरवाजा दोनों कमरों में खुलेगा तथा पति का कमरा दोनों की ओर पन्द्रह-पन्द्रह दिन के लिए खुलेगा.

Facebook Comments

संबंधित खबरें:

  • संबंधित खबरें उपलब्ध नहीं

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.