/बाड़मेर में महिला वेश में डाले पुरुषों ने वोट…

बाड़मेर में महिला वेश में डाले पुरुषों ने वोट…

बाड़मेर! राजस्थान विधानसभा चुनाव में अनियमितताओं का मामला सामना आया है. शिव विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी के मुख्य चुनाव अभिकर्ता मानवेन्द्र सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त राजस्थान को लिखी एक चिट्ठी में कहा कि विधानसभा क्षेत्र के कुछ पोलिंग बूथों पर फर्जी मतदान किया गया.IMG-20131202-WA0032

उन्होंने अपनी चिट्ठी में आरोप लगाया कि बी एल ओ को चुनाव में हो रही अनियमितताओ से अवगत कराये जाने के बावजूद उन्होंने इस पर कोई उचित कार्यवाही नहीं की. उन्होंने लिखा कि कुछ बूथ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के द्वारा भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट भी की गयी.

2013_12_02_16_23_01_375संवेदनशील मतदान केंद्र होने के कारण  इसकी दिन भर की वीडियोग्राफी जरूरी थी, लेकिन सम्बन्धित अधिकारी को याद दिलाये जाने के बावजूद उन्होंने इस पर कोइ कार्यवाही नहीं की. राजस्थान में हो रहे विधानसभा चुनावों में अनियमितता का यह मामला संवेदनशील शिब विधानसभा क्षेत्र में सामने आया है.

शिकायतकर्ता ने चुनाव अधिकारी से इस प्रशासनिक लापरवाही पर उचित कार्यवाही करने की मांग की है तथा दोबारा मतदान करवाने की अपील की है .

उन्होंने अपनी शिकायत में लिखा है कि पोलिंग एरिया के १०० मीटर के दायरे में भीड़ जमा होना गैरकानूनी है, लेकिन कांग्रेस के फर्जी वोटर महिला वेश में बूथ संख्या 344 रमजान कि गफन तथा हमीरनी में फर्जी वोटिंग करते हुए पकडे गए जिसकी शिकायत तत्काल एरिया मजिस्ट्रेट को भी की गयी.

उन्होंने लिखा है ये सारा विवरण सरकारी दस्तावेज में दर्ज है लेकिन कार्यवाही कोई नहीं हुई. नाराज शिकायतकर्ता ने कहा कि भाजपा के अभिकर्ताओ को बूथ में डराया और धमकाया भी गया.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.