/पति पुत्र पैदा नहीं कर पाया तो देवर से सम्बन्ध बनाने का दवाब डाला…

पति पुत्र पैदा नहीं कर पाया तो देवर से सम्बन्ध बनाने का दवाब डाला…

एक विवाहिता ने कोर्ट में अपने पति और सास के खिलाफ उस पर अवैध संबंध बनाने के लिए दबाव डालने का केस दायर किया है. इस विवाहिता ने दर्ज कराए केस में बताया है कि उसे बेटा न होने से पति और सास दोनों खफा थे.rape3

विवाहिता का आरोप है कि उसके पति के बुआ के लड़के सुंदर ने उसके साथ रेप का प्रयास किया, जिसकी शिकायत उसने अपने पति व सास से की. मगर, उन्होंने उल्टा उस पर ही सुंदर से अवैध संबंध बनाने का दवाब बनाया. विवाहिता के मुताबिक यह सब इसलिए किया जा रहा था कि उसके दो लड़कियां हैं और उसके ससुराल वालों को बेटे की चाहत है.

कोर्ट ने विवाहिता की शिकायत पर गौर करते हुए पति, सास व फुफेरे भाई के खिलाफ रेप के प्रयास, दहेज प्रताड़ना व मारपीट करने का मामला दर्ज करने के निर्देश दिए हैं और बीती शाम को थाना कोसली पुलिस ने उक्त धाराओं में मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है.

मिली जानकारी के अनुसार गांव कान्हड़वास निवासी इस युवती का विवाह वर्ष 2008 में गांव खेड़की दौला निवासी सत्यवान के साथ हुआ था. विवाह के बाद जब पहली बेटी हुई तो ससुराल वालों ने उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया. इसके बाद जब दूसरी संतान भी लड़की हुई तो उस पर और अधिक जुल्म होने लगे. ससुराल वालों को लड़के की चाहत थी.

पति सत्यवान व सास पुष्पा देवी ने योजनाबद्ध तरीके से सत्यवान की बुआ के लड़के सुंदर उर्फ बबली से बात की. विवाहिता का आरोप है कि सुंदर ने उसके साथ रेप का प्रयास किया, जिसकी शिकायत उसने जब अपने पति व सास से की तो उन्होंने उल्टा उस पर ही सुंदर से अवैध संबंध बनाने का दवाब बनाया. उसके इनकार करने पर उसकी जमकर पिटाई की गई.

उसने इसकी शिकायत जब थाना कोसली पुलिस में की तो उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई. जिसके कारण उसे अदालत की शरण लेनी पड़ी और तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराना पड़ा. गौरतलब है कि जब दहेज के लिए उसे परेशान किया जा रहा था तो उसने पहले भी पति व सास के खिलाफ मामला दर्ज कराया था, लेकिन बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो जाने के बाद उसे वापस ले लिया गया था.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.