Loading...
You are here:  Home  >  अपराध  >  Current Article

ऑनलाइन शॉपिंग.. कमाल या कम माल…

By   /  December 5, 2013  /  No Comments

    Print       Email
इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

-नीतीश के. सिंह||

आप इन्टरनेट कितना इस्तेमाल करते हैं? अच्छा ये बताइए इन्टरनेट के माध्यम से खरीददारी कितनी करते हैं? क्या क्या खरीदते हैं ओनलाइन शॉपिंग के पोर्टलों से? और क्या क्या सुविधाएं खरीदते हैं ऑनलाइन?online-reviews-imp-for-300x254

Monthly-Expenditure-300x263घबराइए नहीं! मैं इनके जवाब नहीं मांग रहा..आप खुद को इसका जवाब दीजिये और जानिये आज कल के नए ट्रेंड को, ट्रेंड ऑनलाइन शॉपिंग का. इन्टरनेट में स्पेक्ट्रम बढ़ने के साथ साथ ढेरों ऑनलाइन सर्विसेज मैदान में कूद पड़ी हैं. होम शॉप, जबोंग, मेक माय ट्रिप, फ्लिपकार्ट, शॉप क्ल्युज़, नाप तौल आदि आदि.

ऐसे कितने ऑनलाइन सर्विस पोर्टल हैं जो खरीददारी, आरक्षण से ले कर बिल पेमेंट करवाते हैं, इलाज बताते हैं और न जाने क्या क्या.

Next-6-monthsएक आंकलन के मुताबिक आने वाले एक साल में अस्सी फ़ीसदी से अधिक उपभोक्ता अगले एक साल के अन्दर कम से कम एक बार ऑनलाइन शॉपिंग का उपयोग करने वाले हैं. ये आंकलन ये भी कहता है कि आधे भारतीय उपभोक्ता सोशल मीडिया का सहारा लेते ऑनलाइन शॉपिंग के लिए निर्णय लेने में. फ़िलहाल दो तिहाई के लगभग भारतीय ऑनलाइन सुविधाओं का लाभ निरंतर उठा रहे हैं.Age-graph-11-300x190

 

 

वैसे आपने ऑनलाइन सुविधाओं का चयन क्यों किया? सोचिये!

ट्रैफिक की चिकचिक से निजात, दूकानदार कि सड़ी हुयी शक्ल से राहत, बार्गेन फ्री मार्किट हैं, एक साथ कई दुकानों पर सामान देखने की सुविधा, मनचाहा ब्रांड और मनचाहा सामान अपनी पसंद के अनुसार खोजने और देखने कि छूट और सबसे ऊपर बाज़ार से अधिक सस्ते दाम.nielsen

Recommendations-300x220आंकलन के अनुसार 41% लोग अपनी मासिक आय का  पांच से दस प्रतिशत तक हर महीने ऑनलाइन खरीददारी पर खर्च करता है. इसी रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि अगले दशक में भारत का तीन चौथाई बाज़ार ई-बाज़ार होगा. देश में बढ़ते हुए टेक्नोलॉजी के ज्ञान और इस क्षेत्र में होने वाली अच्छी आमदनी भी व्यापारियों को प्रोत्साहित कर रही है.

मीडिया दरबार से जुड़े लोगों ने स्वयं ऑनलाइन शॉपिंग कि विश्वसनीयता और कार्यप्रणाली जांचने के लिए खरीददारी की है और व्यवस्था को जाना है. आने वाले समय में हम इस विषय पर तफसील से जानकारी और अनुभव साझा करेंगे. किस तरह से काम करता है ई–बाज़ार. क्या सच में रियल मार्केट  से बेहतर है वर्चुअल मार्केट?

पिक्चर एंड डाटा सोर्स : नेलसेन ग्लोबल ऑनलाइन शॉपिंग रिपोर्ट

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
    Print       Email

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

You might also like...

जौहर : कब और कैसे..

Read More →
Page Reader Press Enter to Read Page Content Out Loud Press Enter to Pause or Restart Reading Page Content Out Loud Press Enter to Stop Reading Page Content Out Loud Screen Reader Support
%d bloggers like this: