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मै शक्ति पुत्र हूँ…

By   /  December 6, 2013  /  24 Comments

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आशीष सागर  दीक्षित||

बाँदा – मध्य प्रदेश के जिला शहडोल, ब्योहारी स्थित भगवती मानव कल्याण संगठन, आश्रम एवं ट्रस्ट के अधिपति परमहंस योगीराज शक्ति पुत्र महाराज यूँ तो स्वयं को इसी नाम से संबोधित कर रहे है. लेकिन इनके महिमा मंडन की विशाल लीला का दर्शन आप इनकी संस्था वेबसाइट www.siddhashramdhaam.com और इनके माध्यम से संचालित अध्यात्मिक पत्रिका की वेबसाइट www.siddhashrampatrika.com लिंक पर जाकर विस्तार से जान व समझ सकते है.Shri Shaktiputra Ji Maharaj,13

बुंदेलखंड के जिला बाँदा में आने वाले 7 से 8 दिसंबर  2013 को डिग्री कालेज मैदान (सदर) में एक महाकाय पंडाल के नीचे संपन्न होने जा रहा है योगीराज का जलसा! कहने में अतिश्योक्ति नही है कि देश में आस्था और धर्म के नाम पर विभिन्न प्रदेशो के अति निम्नतम वर्ग मसलन खासकर गांवों में बसने वाले व्यथित लोगो को अपने आकर्षण में मन्त्र मुग्ध कर ये सारे संत, कथित स्वामी और बाबा अपना मतलब साध रहे है. इसी कड़ी में देश के अन्य प्रान्तों से होता हुआ खुद को माँ दुर्गा का शक्ति पुत्र घोषित करने वाले स्वयंभू परमहंस का काफिला मध्य प्रदेश से आने वाली 6 दिसंबर बाँदा आ रहा है.

उल्लेखनीय है कि न माँ दुर्गा के उपासक शक्तिपुत्र के शिष्य और साधक उत्तर प्रदेश के कानपुर, फतेहपुर, पूर्वांचल के जनपदों से निकलकर लुधियाना, पंजाब तक जा पंहुचे हैं. बड़ी बात है करीब 4 सैकड़ा इनके साधक लुधियाना से आकर बुंदेलखंड के बाँदा में 24 नवम्बर से जोर शोर की तैयारी में रात दिन एक किये है. स्वामी जी की निजी दो वेबसाइट में अध्यात्म के वो सारे मसाले उपलब्ध है जो अन्य आस्था के व्यापारी वर्गों की एक लम्बी जमात के अस्त्र – शस्त्र होते है. योगीराज की धार्मिक दुकान में आपको सब कुछ मिलेगा! दुर्गा चालीसा, हवन सामग्री, ऑनलाइन पत्रिका अध्ययन, यज्ञ विधि के सारे उपक्रम से सुसज्जित शक्ति पुत्र की दुर्गा महिमा बड़ी ही व्यापक है. उनके ही शब्दों में “मुझे माँ दुर्गा ने स्वयं दर्शन दिए है और ये शक्ति पुत्र नाम उन्ही का दिया है! उनका आदेश है कि सारे विश्व में नशा मुक्ति अभियान चलाकर लोककल्यान कार्य करो! इन गेरुआ वस्त्र धारी योगीराज की शिष्य इस संवाददाता की ममेरी बहिन भी है जो खुद अपने परिवार के साथ जिला कानपुर से आ रही है. सैकड़ो अंध भक्तो का जमावड़ा बाँदा में हो चुका है और प्रशासनिक अमला, नगर पालिका अपने सफाई कर्मी के साथ आयोजन स्थल पर तैनात है. जल निगम के अधिकारी को दो दिवस के पेयजल आपूर्ति की कमान दी जा चुकी है. वैसे तो पारदर्शिता पूर्वक योगीराज ने अपने सत्य परीक्षण और अपने अध्यात्म जीवन का विवरण अपनी आश्रम की वेबसाइट में दे रखा है मगर फिर भी जिस तरह से रोजमर्रा की घटनाओ के बीच एक नए बाबा आस्था, संस्कार, अध्यात्म न्यूज़ चैनल में उत्पन्न हो रहे है उनसे अब भारतीय जनमानस के मध्य तीखी प्रतिक्रिया भी पैदा हो रही है.

सवाल यहाँ ये भी उठता है कि एक योगीराज, सन्यासी और गेरुआ रंगधारी व्यक्ति को संगठन, संस्था, ट्रस्ट बनाने की क्या आवश्यकता आन पड़ी? क्यों उनके माध्यम से राजनितिक पार्टियों की तरह प्रांतीय अध्यक्ष, प्रभारी बनाये जा रहे है? इसके पीछे निहित उद्देश्य का सामने आना भी नितांत ज़रूरी है. आरोप – प्रत्यारोप के प्रलाप में नही पड़कर मै सिर्फ ये ही कहना चाहूँगा कि जो ज्ञान योगीराज अपने साधको और भक्तो को आयोजन या भगवती जागरण के जरिये से दे रहे है क्या यह सब वे अपने निज गृह धाम में नही प्राप्त कर सकते है? कोई एक ऐसी अनोखी उपासना जो आमजन से दूर हो उसकी बात तो समझ आती है मगर इनके शिष्यों के बीच बटकर ऐसा कुछ भी ज्ञान अर्जन नही हुआ जिससे मै इन्हे परमहंस योगीराज श्री शक्ति पुत्र की कथित उपाधि से अलंकारित कर सकूं.

यहाँ ये भी बतलाना लाजमी है कि इन संत के माता – पिता समेत पूरा परिवार ही माँ दुर्गा का स्वयं को अखंड अवतारी उपासक बतला रहा है जो खुद इनकी वेबसाइट का हिस्सा है.

शेष 7 से 8 दिसंबर के आयोजन बाद …..

 

 

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  • Published: 4 years ago on December 6, 2013
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  • Last Modified: December 6, 2013 @ 6:07 pm
  • Filed Under: देश, धर्म

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

24 Comments

  1. kd says:

    Baba ji aap ahinsa ka path apne bhakto ko batana bhoo jate h aaj damoy steson par aapke bhako ne danga kiya h jisme damoy gram ke ek yuvk ko buri tarh peeta h jiske fal swrop fir thana indwar me ho gai h

  2. vimlesh yadav says:

    Mai mila hu shaktiputr se . mujhe nhi pata vo apne ko is nam se kyu bulvate hai. Lekin mera vaha Jana bekar ho gaya. Paiso ka nuksan so alg

  3. Ajay tiwari says:

    Apne mata pita ko ek roti tak nahi denge aur dongi baba ke pairo me padhe rahenge are jisne janm diya hai ohi sab hai bhagwan guro sab kuch

  4. kheman sahu says:

    ab mujhe koi ye batayga ki gaon gaon me chalisa hone k baad jo paisa collect hota hai wo kaha jata hai?

    • Shivam mor says:

      हाँ, बताएँगे भईया जी! ….. चालीसा पाठ होने के बाद जो भी समर्पण(पैसे)होता है वो आश्रम में पूरी जानकारी….यानी ..कि कहाँ पाठ हुआ, किस के घर हुआ, उनका पूरा नाम पता ,कितनी राशि जमा हुई,,,आदि….एक form में लिख कर आश्रम में भेज दी जाती है………………..

      और हाँ……आपकी जानकारी के लिए बता दूँ….ये राशि श्री शक्तिपुत्र जी महाराज अपने निजी जीवन में उपयोग नहीं करते….बल्कि उस अखंड अन्नपूर्णा भंडारे में इस राशि का उपयोग होता है जो निःशुल्क उन हजारों,लाखों माँ के भक्तों के लिए श्री शक्तिपुत्र जी महाराज द्वारा चलाया जा रहा है जो आश्रम में पहुँचते हैं………………….

      और भईया जी!..आप इतनी चिंता न करें..हम तो एक एेसे सद् गुरु से जुड़े हैं……..जिन्होंने विश्व आध्यात्मिक जगत को अपने साधनात्म तपबल की चुनौती दी है…………….और हम आप सभी से,,जिन्होंने सत्य को जाने बिना कुछ तथ्यहीन टिप्पणियाँ की हैं, विनम्र अनुरोध करते हैं कि आप सभी एक बार उस आश्रम में जरूर जाना,,,जहाँ जाते ही तमाम टिप्पणियाँ,,जिज्ञासाएँ शांत हो जाती हैं…….और मन एक अलौकिक शक्ति के प्रभाव से अद्भुत शांति में विचरण करने लगता है!!!!………..

      यदि आप सभी को समाज की फिक्र वास्तव में है……….कि समाज को पाखंडियों से बचाना चाहिए,,,,समाज की अमूल्य भावनाओं को शोषण से बचाना चाहिए,,,,तो एक बुद्धिजीवी की तरह गुरुवर जी की विचारधारा को जाने,समझें……..जिनका लक्ष्य है…..,::—–

      भय,भूख और भ्रष्टाचार से मुक्त समाज का निर्माण करना………
      नशे,मांस से मुक्त ,,,चरित्रवान समाज का निर्माण करना………

      और जिन्होंने अँधियारी क्षेत्र को उजियारी में बदल दिया……केवल अपने साधनात्म तपबल से………. .।आपने ये तो सुना होगा कि फलाँ बाबा का आश्रम तो बड़ी ही शांत जगह पर है,,,बड़ा ही सुंदर और विशाल आश्रम है……..
      मगर कभी सुना है कि एक “ऋषि” ने भयंकर,भयानक जगह को शक्ति तीर्थ में बदल दिया!!!………………..

      ऐसे सद् गुरु को समझने का प्रयास करें.!!!!………………………………..

      वरना टिप्पणियाँ करने के सिवाय कुछ हाथ नहीं आएगा..और भाइयों,,,सत्य को आप कभी पहचान नहीं पाएँगे!!!!!………..

      जय माता की(माँ)जय गुरुवर की!

      • Aman vimal says:

        I like your post
        Jai guru ki
        Jai mata di

      • vimlesh yadav says:

        Jay mata ki, jay guruvr ki. Bhai adhyatmik chunauti de di Lekin vaha k sadhk ko thodi akl na de sake tamij na de sake aur aatm gyan kya khak dege Jo jivn ka labh hai usi se due Kar diya. Agar meri bat Galt hai to vha surf ek sadhak batauye jise gyan mil gaya ho. Ya mata Ji ne darsan diya ho. Ramkrisn parm Hans k sisyo ko phi ma ne darsan diya . kripa karke merit bat k bura mat mane.

  5. Deva Singh Tomar says:

    जैसा की आप अभी कह रहे थे की गुरूजी ने संगठन और संस्था का निर्माण क्यों किया है। और उन्हें एसा करने की क्या जरूरत थी।
    जिस तरह त्रेतायुग भगवान श्री राम ने रावण का वध करने के लिए वनरो की सेना संगठीत की थी । हम जानते हैं की श्री राम अकेले ही बिना किसी सेना के रावण का वध कर सकते थे।ऐ समर्थ उनके अंदर थी ।
    ठीक उसी तरह श्री शक्तिपुत्र जी महाराज के अंदर भी इतनी समर्थता है, की वो अकेले ही इस कलयुग से अधर्म को हटा कर धर्म की स्थापना कर सकते है ,
    लेकिन इससे हमारा स्वयं का ही कर्म पक्ष कमजोर हो जायेगा या खाली रह जायेगा ,
    यही कारण है की गुरु जी ने शक्ति साधको की सेना बनाई है ,जिसे भगवती मानव कल्याण संगठन के नाम से जानते है ।
    इसमें आपकी कोई गलती नहीं है, की आप उनके बारे में बिना कुछ जाने ही कुछ भी प्रकाशित कर रहे है, इसमें गलती तो इस कलयुगी विचार वाले सामाज की है जिसमे ढोंगी बाबाओ के कारण कुछ ऐसे धर्माचार्य जिनके पास कुछ सच्ची शक्तियाँ या समर्थता है , सभी बदनाम होते है।

    गुरु जी कहते है की, तुम भले ही मेरे शिष्य न बनो. तुम्हारा जिसका मन हो उसे अपना गुरु बनालो लेकिन कर्म तो मानवता का करो ।

    जय माता की【 ऊँ 】जय गुरुवर की

    • gagandeep says:

      आज्ञाचक्र पर ध्यान लगाया ओम और माँ का उचारण किया मन ऐकाग्र हो गया मानसिक तनाव दूर हो गया जय माता दी

  6. jeet says:

    originol kisiko milega hi nahi sab………………

  7. shashank gupta says:

    Ek baat puchna chahta hun app sbhi logo se ur media se bhi ki kya app kisiko smjhe bine fajul ki baato mein aker un per vishwas kr lete ho..app k pass apna vivek hai usse use kri phele smjho phir bolo ki kya galat hai ur kya shi hawa mein teer chodna ab band kro.. khud ko to theek trah se smj lo phele phir unhe smjhna.. mein kahu aoo sab dhongi ho galat news dikhate hi to kya yeh khna shi hoga ..bina kisi pustti k.. arope lagana shi nhi

  8. shashank gupta says:

    Bhagvan Ram bahgavan krishna aisa anek udahran hai jo bhagvan the lekin samaj ko sudhrne manavta ka path padane k liye unhe bhi dharti pr ana pada tha..ager gandgi ko saaf krna hai to usme utrna hi padta …vo kya hai na aj kal log phele gandgi krte ur usse saaf krne k liye bhagvan se reqst krte hai ki hey bahgvan ye jamadar kab ayega ur saaf krega

  9. आप क्या कहना चाहते हैं?

  10. Siddhasram me judne se man ko santi mili maa gurubarji ki charno me koti koti naman bandan.

  11. askohram me jane se mere sale nedo varho se sharab mansh chod diya ham gurudeo koi koti naman karte h

  12. यदि सच्चे साधू सन्यासी हैं तो वह निस्वार्थ सेवा क्यों नहीं करते ? उन्हें संगठन बनाने की क्या आवश्यकता आन पड़ गयी ? चुनाव लड़ने की क्या आवश्यकता आन पड़ गयी ? यदि आपके पास दिव्य शक्ति है तो उसी शक्ति से ही जगत का कल्याण करिए न क्यों चुनाव और राजनीति में आ रहे हो ? किसी भी व्यक्ति विशेष को प्रोजेक्ट करने की क्या आवश्यकता है ?

  13. shank says:

    Jaisa ki mein phele bhi kah chuka..is kalchakra mein kuch hi kvel gine chune log rh gyi jo shi raste pr chal rhe hai..ur dusro ko margdershan bhi de rhe hai . hum sbhi jante hai ki rampal jaisi dhoongi baba ki vajah se ajj
    iss yug mein sadhu santoo ka astitv samapt ho jata jaa rha hai ..leken sarre santo ur sadhuo ko galt khna ya un par aroop lgna to galat hoga..To waqt hai hume apne aur DUSRO k shi galt samjhne ka aur EK DUSRE KI HELP krne ka. aur galat k khillaaf awaz uttne k..phir chahe vo koi bhi ho. MEIN APNE GURU JI SRI SHAKTI PUTRA JI MAHARAJ KA SISHYA HUN aur unke dekhaye hue marg pr agrasar hu. mere ur mere jaise kai family nashamukt hui hai.. hum is sanklap ko jan jan mein ujagar krne ki koshis kr rha hai ..ur ah approx. 1lakh se jada log nasha se mukt hokar .kushhal jeevan beeta rha hai. ur ,ata adishakti jagat janne ki anuupam krapa prapt kr rha haii. mein mediadarbar se reqst krta hun ki v bhi is jaan kalyan mein hmra sath de. jai mata di jai gurvar ki.

  14. mahendra gupta ji apne jo kha ki ''shakti putra '' keval app hi kyu bne to mein app se puchna chahta hun ki kya sbhi ko sab kuch mil jta hai..to app prime minister kyu nhi bne ..ab mein kahun app kyu nhi……to mein bas khna ye chahta hun ki sabko sab kuch nhi milta.
    Lekin mein kahta hun app bhi shaktiputra banskte ko…bilkul app kya hum sbhi unke jaise banskte hai lekin uske liye guruji k btye hue marg per chal krr unki di hui sadhna ko apna kr ..MEIN SHASHANK GUPTA appse puchna chahta hun ki mere guruvar n jo SAMAJ KO "NASHAMUKTI " banane k sankalp liya hai to kya ye galt hai. mein aur mere jaise aur ki parivaar nashamukt hue aur unke ghar khusiya ayi hai to ye kya galat hai .
    mein manta hun ki ajkal kuch logo ki vajah se logo ka vishwas uthgya hai .to kya apne mandir jana chodh diya ..diwali pr MAHALAKSHMI JI KI POOJA KRNA BAND KR DIYA nhi na .lekin abhi hai jo hume sahi marg pradan kr rhe hai hai vo hai mere gurvar.

  15. aapne aage ki links aur investigation nahi ki? Kaise-kaise ye babaji logo ko lootate honge….aap please ispar kuch jaldi aur satyaapit samagri pesh kare…inke yahan kitni kitni fees wasooli jati hogi aur kaise kaise …aap kripaya jaanch padtal ko aage badae….

  16. Dhong or pakhand ka ek naya sigufa choda hai asharam ek baad in mahasay ne

  17. mahendra gupta says:

    कहने को भोली जनता को ये ठगते हैं पर वास्तव में हम खुद ही इस हेतु जिम्मेदार हैं.आये दिन इन बाबाओं के ढोंगी होने के सत्य किस्से सामने आ रहें हैं पर हम फिर भी नहीं सम्भलते तो दोष उनका नहीं जाने वालों का ही है.भला माँ दुर्गा उनके पास ही क्यों आएँगी, वे ही शक्ति पुत्र क्यों बने उन्हें यह नाम किसने दिया ये सब जनता को ठगने के स्वयंशम्बू हथकंडे हैं.

  18. कहने को भोली जनता को ये ठगते हैं पर वास्तव में हम खुद ही इस हेतु जिम्मेदार हैं.आये दिन इन बाबाओं के ढोंगी होने के सत्य किस्से सामने आ रहें हैं पर हम फिर भी नहीं सम्भलते तो दोष उनका नहीं जेन वालों का ही है.

    • pannalal dahayat says:

      Mujhe keval ma ki prapti ka upay bataeye guruvar me pradayam aur sadhna ko nahi samajh raha hu jay mata do

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