/चैनल वन के मालिक जा सकते हैं जेल, फर्जी स्टिंग आपरेशन दिखाने का आरोप…

चैनल वन के मालिक जा सकते हैं जेल, फर्जी स्टिंग आपरेशन दिखाने का आरोप…

देश के प्रमुख न्यूज चैनलों के बीच अपनी जगह बनाने की होड़ में लगे चैनल वन न्यूज ने एक स्टिंग आपरेशन को इस कदर प्रसारित किया कि एक IAS को जेल जाना पड़ा लेकिन जब स्टिंग के बारे में गहराई से पता चला तो चैनल के मालिक औऱ संपादक जगह जगह सफाई देते फिर रहे हैं. जी हां, मामला है उत्तरा खंड के अतिरिक्त सचिव गृह जेपी जोशी का जिसने नौकरी का झांसा देने के लिये एक लडकी का पिछले 4 साल से लगातार शारीरिक शोषण किया जब लड़की ने विरोध किया तो उसे जान से मारने की धमकी देते रहे.पीड़ित लडकी ने इसकी गुहार उत्तराखंड के हर उन आला अफसरों से लगाई जो प्रशासन से लेकर सियासत के उच्च पद पर बैठे हैं पर किसी ने इस पीड़िता की एक ना सुनी. तंग आकर पीडिता ने चैनल 1 न्यूज के दफ्तर में आयी और मालिक के सलाहकार गीतांजली शर्मा से मिली.channel-one-logo-n_1

गीतांजली ने पीडिता को चैनल के संपादक नवीन पांडे से मिलवाया जिन्होंने रातों रात चैनल को फर्श से अर्श पर पहुंचाने और खुद को साबित करने के लिये स्टिंग आपरेशन को चैनल वन पर दिखाया लेकिन उन्हें क्या पता था कि चैनल के मालिक के खिलाफ कितने मामले दिल्ली से लेकर मुंबई तक हैं. दरअसल मालिक भी एक नंबर का फर्जी है तथा उस पर हवाला का पैसा इधर उधर करने के आरोप हैं. साथ ही मुंबई के कई कंपनियों से धन उगाही का मामला, अमर सिंह के जरिये रिलाएंस ग्रुप से भी धन उगाही का मामला, एक मामला प्रवर्तन निदेशालय में भी है अगर आप चैनल वन देखते होंगे तो देखा होगा एम एल एम का फर्जीवाड़ा एक प्रोमो चलता है.

कुछ दिन पहले चैनल 1 ने साईं प्रसाद ग्रुप के बारे में एक खबर चलाई उसके बाद पांच करोड़ की मांग की लेकिन फूटी कौड़ी भी हाथ नहीं लगी. साथ ही जब न्यूज एक्सप्रेस ने चैनल वन और उसके मालिक के खिलाफ खंगालना शुरु किया तब मालिक के होश फाख्ता हुए और मामले को ठंढे बस्ते में डाला गया. जब देश के प्रतिष्ठित चैनल तहलका मामले पर कंसंट्रेट थे तब चैनल वन अलग राग अलाप रहा था जेपी जोशी मामले को लगातार कई दिनों तक दिखाया जब तक कि जेपी जोशी गिरफ्तार नहीं हो गये. जेपी जोशी के गिरफ्तारी के पहले चैनल के हुक्मरान ने पैसे की डिमांड की लेकिन जेपी जोशी ने पैसे देने से इंकार कर दिया साथ ही उत्तराखंड में एक एफआईआऱ भी दर्ज कराई कि चैनल वन के तरफ से मामले को दबाने के लिये पैसे की मांग की जा रही है. जेपी जोशी ने ब्लैक मेल का आऱोप भी लगाया.

इसी मामले में चैनल वन के ब्यूरो चीफ को 14 दिन हवालात की हवा खानी पड़ी. अब आप को एक बात और भी बता दें जब चैनल वन पर लड़की लाईव बैठी थी, तब वह लगातार कह रही थी कि मुझे न्याय चाहिये. साथ ही ये भी कह रही थी कि अगर मुझे प्लाट और जीवन यापन के लिये कुछ राशि मिल जाए तो मैं सेटलमेंट कर लूंगी. खैर नवीन और गीतांजली ने तो चैनल को डूबोने का खेल कर दिया लेकिन जब यहां से लड़की उत्तराखंड गयी तो उसने एक निजी चैनल नेटवर्क 10 पर बयान दिया कि चैनल वन की गीतांजली शर्मा और नवीन पांडे ने मुझे बरगलाया और साथ ही मेरे साथ दबाव बनाकर मुझे जेपी जोशी के खिलाफ बोलने के लिये कहा.

हालाकि उत्तराखंड पुलिस पीड़ित भी से लगातार पूछ ताछ कर रही है वहां भी लड़की ने यही बयान दिया जो नेटवर्क 10 पर दिया था. इस के बाद हालात यह बन गए हैं कि कभी भी चैनल वन पर भी रेड पड़ सकती है. हालाकि अब मामला फंसता नजर आ रहा है चैनल वन ने तो वो हर हथकंडे अपनाये जिससे नेम फेम औऱ साथ में धन भी मिले इसके चक्कर में लड़की औऱ जेपी जोशी को खूब बदनाम किया लेकिन मिला कुछ नहीं लड़की ने बयान बदल लिया अब चैनल के मालिक और संपादक कोर्ट कचहरी का चक्कर काट रहे हैं.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.