/अम्बानी पुत्र आकाश अम्बानी का हिट एंड रन, दो मरे, चार घायल…

अम्बानी पुत्र आकाश अम्बानी का हिट एंड रन, दो मरे, चार घायल…

 

 

भारत का कानून अभी भी रईसों कि जेब में है. यकीन नहीं आता तो इस घटना का ब्यौरा देखिये…

घटना 7 दिसम्बर, 2013 रात के लगभग 2 बजे की है, जब नशे में धुत होकर गाड़ी चला रहे मुकेश अम्बानी के पुत्र आकाश अम्बानी की ऑस्टिन मार्टिन (MH-01-BK99) कार पेडर रोड पर एक ऑडी कार (MH14-DN-6666) को टक्कर मार देती है. टक्कर इतनी तेज थी कि तकरीबन चार करोड़ की स्पोर्ट्स कार ऑस्टिन मार्टिन सिर्फ एक कबाड़ के ढेर में बदल कर रह जाती है और ऑडी जिसको कि फोरम रूपरेल चला रहा था, डिवाईडर को तोड़ती हुयी सामने खड़ी प्राइवेट बस में जा घुसती है. इसके बाद नशे में धुत ड्राईवर के नियंत्रण से बहार हो चुकी ऐश्टन मार्टिन पास कड़ी विक्रम मिश्र की हुंडई एलेंट्रा से जा भिड़ती है. मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार इस पूरे घटनाक्रम में पैदा हुयी आपा-धापी का फायदा उठा कर गाड़ी चला रहा मोटा-सा नशे में धुत युवक साथ चल रही दो गाड़ियों की मदद से घटनास्थल से फरार हो जाता है. 1365576934_300x300

अगले दिन फोरम रुपरेल रिपोर्ट दर्ज करवाता है और 55 वर्षीया बंसीलाल जोशी, जो की रिलायंस इंडस्ट्री में ड्राईवर के पद पर कार्यरत है, खुद को प्रस्तुत करता है और दुर्घटना के वक़्त गाड़ी चलाने की ज़िम्मेदारी लेता है. इस घटना में दो लोग के मारे जाने और चार लोग के घायल होने की खबर है जिनकी पहचान पुलिस की मिलीभगत की वजह से अब तक गुप्त ही है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार की गति 100-120 के बीच रही होगी जिसकी ड्राइविंग सीट पर आकाश अम्बानी था जो पूरी तरह से नशे में लग रहा था. इस ऑस्टिन मार्टिन कार के पीछे दो अन्य एस्कोर्ट कारें भी चल रही थी और इस काफिले की गति भी 100-120 के बीच रही होगी. जब तक प्रत्यक्षदर्शी वहां पहुंचते तब तक दोनों कारें वहां से घायलों को ले कर गायब हो चुकी थी और चार करोड़ की बुरी तरह क्षतिग्रस्त ऐश्टन मार्टिन वहां पड़ी हुई थी.

गामदेवी पुलिस वहां पहुंचती है लेकिन घटना की रिपोर्ट एक दिन बाद लिखी जाती है जब फोरम रुपरेल नामक शख्स पुलिस स्टेशन जा कर अपना बयान दर्ज करवाता है  बंसीलाल जोशी रिलायंस इंडस्ट्रीज में बेतौर ड्राईवर काम करते है और उसका कहना है की जिस समय ऑस्टिन मार्टिन कार दुघटनाग्रस्त हुई कार को वही चला रहा था. पुलिस का कहना है कि वो अभी जाँच कर रहे है और अगर  बंसीलाल के बयान, लोकेशन और मोबाइल कॉल रिकॉर्ड में समानता पाई जाती है तो बंसीलाल की गिरफ्तार किया जायेगा.

ambanis-102018पुलिस के अनुसार ऐसा भी हो सकता है जो कारें एस्कोर्ट कर रही थी ऑस्टिन मार्टिन को उन्ही दोनों में से बंसीलाल कोई कार चला रहे हूँ फिर तो मोबाइल रिकॉर्ड और लोकेशन वही होगा. अगले दिन तक बात किसी मीडिया में नहीं आई ना को टीवी चैनल में ना तो अख़बार में हा थोड़ी देर के लिए “ज़ी”, “आई बी एन” और “डी एन ए” के वेबसाइट पर रही जरुर लकिन दबाव और मीडिया मैनेजमेंट के बाद में उसे भी हटा लिया गया. पेडर रोड पर हुई घटना के प्रत्यक्षदर्शी स्मृति मिश्रा ने 11 दिसम्बर को सोशल मीडिया पर फोटोग्राफ्स अपलोड करके इस दुर्घटना के खिलाफ आवाज़ उठाने की मांग की. इसी बीच गामदेवी पुलिस ने दुर्घटना के शिकार लोगो सहित आठ अन्य लोगो का बयान दर्ज किया है.Aston_Martin_hit_and_run_at_Peddar_Road

खबर है कि ऑस्टिन मार्टिन कार रिलायंस समूह के स्वामित्व में है और कुछ समय पहले इसे सचिन तेंदुलकर को गिफ्ट किया गया था, लेकिन कुछ खानापूर्तियों के चलते अभी तक उन्हें नहीं मिल पाई थी. पुलिस ने कंपनी के कुछ कर्मचारियों का बयान दर्ज किया है. घटना पेडर रोड पर प्रभु कुञ्ज के सामने की है हाजी अली की ओर से आ रही तेज गति की ऑस्टिन मार्टिन कार एक औडी से टकरा गयी. टक्कर में दुर्घटनाग्रस्त हुंडई एलेंन्ट्रा में स्मृति मिश्रा बैठी हुई थी उनको थोड़ी चोट आई और साथ बैठी गर्भवती रिश्तेदार की नाक में फ्रैक्चर हो गया जिसके कारन उनको मुश्किलों का सामना करना पड़ा. इस घटना के सिलसिले में भारत नागरिक एक्शन फोरम बम्बई उच्च न्यायालय से अपील की है घटना की जाँच डी सी पी या उससे उच्च रैंक के अधिकारी से करायी जाये. भारत नागरिक एक्शन फोरम ने गामदेवी पुलिस पर आरोप लगाया है कि वो मामले को दबाने और सबूत को नष्ट करके प्रभावशाली लोगो को बचाने की कोशिश कर रहे है.Tweet-Omar
इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चाओं का बाज़ार गर्म है और जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने यहाँ तक लिखा है कि “अगर मुम्बईया दोस्तों की बात मानें तो ऐश्टन मार्टिन घटना के अभियुक्तों के बारे में अगर किसी को नहीं पता तो वो सिर्फ मुंबई पुलिस है.”

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.