/देवयानी को निर्वस्त्र कर तलाशी ली थी…

देवयानी को निर्वस्त्र कर तलाशी ली थी…

अमरीकी पुलिस का कहना है कि वीज़ा नियमों में धोखाधड़ी के मामले में गिरफ़्तार भारतीय राजनयिक को निर्वस्त्र करके तलाशी ली गई और उनके साथ वही बर्ताव किया गया जो किसी और क़ैदी के साथ किया जाता है.Devyani-Khobragade-arrest

अमरीकी विदेश विभाग ने भारतीय राजनयिक की गिरफ़्तारी की पूरी प्रक्रिया की जाँच के आदेश दिए हैं.

अपराधियों को अदालत तक ले जाने के लिए ज़िम्मेदार अमरीकी मार्शल सर्विस का कहना है कि देवयानी खोबरागड़े के साथ कोई अलग व्यवहार नहीं किया गया. उनके साथ वही तलाशी प्रक्रिया अपनाई गई जो हर क़ैदी पर लागू होती है.

खोबरागड़े के वकील डैनियल आर्शैक ने बताया कि जिस तरह तलाशी ली गई वो शर्मनाक है.

उनका कहना था, “अमरीकी मार्शल सर्विस के लिए अपराधियों की इस तरह की तलाशी असामान्य नहीं है लेकिन एक राजनयिक के साथ इस तरह का व्यवहार विएना समझौते का उल्लंघन है.”

न्यूयॉर्क की उप वाणिज्य दूत को जिस तरह से हथकड़ी लगाकर गिरफ़्तार किया और जिस तरह से उनकी तलाशी ली गई उस पर भारत ने कड़ा विरोध जताया है.

जांच

अमरीकी विदेश विभाग की प्रवक्ता मैरी हार्फ़ का कहना है कि फ़िलहाल ऐसे कोई संकेत नहीं मिले हैं जो गिरफ़्तारी के बाद नियमों की अवहेलना की ओर इशारा करें.

लेकिन मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरी प्रक्रिया की जांच के आदेश दे दिए गए हैं.

भारत ने अपनी नाराज़गी प्रकट करते हुए दिल्ली में अमरीकी दूतावास के बाहर लगे सुरक्षा नाकों को हटा दिया है और साथ ही अमरीकी वाणिज्य दूतों को दिए जानेवाले विशेषाधिकारों को भी वापस लेने का एलान किया है.

विदेश विभाग की प्रवक्ता ने भारत सरकार से अपील की है कि विएना समझौते के तहत अमरीकी राजनयिकों को सुरक्षा देने की ज़िम्मेदारी को पूरी तरह से निभाया जाए.

उनका कहना था कि राजनयिकों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है और अमरीका भारत के साथ अपने राजनयिकों और वाणिज्य दूतों के अधिकारों और सुरक्षा के लिए बातचीत जारी रखेगा.

उन्होंने बताया कि पिछले दो-तीन दिनों में भारत और अमरीका के उच्च राजनयिकों की कई बार बैठक हो चुकी है और इस मामले का हल निकालने की कोशिश की जा रही है.

लेकिन उनका कहना था कि ये क़ाऩूनी मामला है और उसकी एक अपनी प्रक्रिया होती है.

नई दिल्ली में अमरीकी दूतावास
मैरी हार्फ़ का कहना था कि वाणिज़्य दूतों को गिरफ़्तारी से माफ़ी तभी मिलती है अगर वो मामला उनके सरकारी काम से जुड़ा हो.

उल्लंघन

उन्होंने बताया कि विदेश विभाग ने भारत सरकार को सितंबर में ही इस बात से अवगत कराया था कि न्यूयॉर्क स्थित उप वाणिज्य दूत के ख़िलाफ़ एक भारतीय नागरिक ने ही शोषण का आरोप लगाया है.

उप वाणिज्य दूत खोबरागड़े पर आरोप है कि उन्होंने अपने घरेलू सहायक के वीज़ा आवेदन में ग़लत दस्तावेज़ पेश करवाए और जानबूझ कर ग़लत जानकारी पेश करके वीज़ा हासिल किया.

अमरीकी विदेश विभाग की तरफ़ से अदालत में पेश दस्तावेज़ के अनुसार 2012 में इस सहायक के लिए वीज़ा हासिल करने के लिए जो दस्तावेज़ पेश किए गए उनमें कहा गया कि उसे अमरीकी क़ानून के अनुसार 4500 डॉलर वेतन दिया जाएगा लेकिन असलियत में उसे 600 डॉलर से भी कम वेतन दिया जाता था.

खोबरागड़े पर ये भी आरोप है कि उन्होंने अमरीकी क़ानून के तहत कामगारों को दी जानेवाली दूसरी सुविधाओं का भी उल्लंघन किया.

उनपर वीज़ा धोखाधड़ी और ग़लत बयान देने के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ है और अगर आरोप साबित हो जाते हैं तो पहले आरोप के तहत दस साल और दूसरे आरोप में पांच साल की सज़ा हो सकती है.

अमरीका में इस मामले की अगली सुनवाई 13 जनवरी को होगी.
(बीबीसी के लिए बृजेश उपाध्याय)

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.