Loading...
You are here:  Home  >  अपराध  >  Current Article

एक और कथावाचक ने किया शिष्य की नाबालिग पुत्री से दुष्कर्म का प्रयास…

By   /  December 21, 2013  /  2 Comments

    Print       Email
इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..

लगता है कि कुछ कथित संतों ने अब मान-मर्यादा और हिन्दुत्व की इज्जत ताक में रख दी है. अभी आसाराम का मामला ठंडा नहीं पड़ा है और दूसरा कथित संत आसाराम की राह पर चल पड़ा. इस दुष्ट संत का नाम है गोकर्णदास महाराज. आसाराम की राह पर चलते हुए इस कथावाचक गोकर्णदास महाराज ने मथुरा के वृंदावन में अपने शिष्य की नाबालिग पुत्री से सोते समय दुष्कर्म का प्रयास किया. बालिका के विरोध करने पर उसको बांध कर पीटा. घटना के बाद बाबा आश्रम छोड़कर फरार हो गया है. वृंदावन के कथित महामंडलेश्वर गोकर्णदास महाराज के खिलाफ पुलिस ने छेड़छाड व बालकों के प्रति यौन शोषण निवारण अधिनियम (पॉक्सो) के तहत मुकदमा दर्ज किया है.pakhandibaba

पीड़ित किशोरी ने कोतवाली में बताया कि वह गढ़मुक्तेश्वर (हापुड़) की रहने वाली है. बाबा गोकर्णदास उसके पिता का गुरु था. पिता ने पांच माह पहले वृंदावन के एक कॉलेज में पीड़िता का बीकॉम प्रथम वर्ष में एडमीशन कराया. गोकर्णदास के परिक्रमा मार्ग स्थित सियाराम सेवाधाम आश्रम में रहने की व्यवस्था की. पीड़िता का कहना है कि महामंडलेश्वर काफी दिनों से गलत नजरों से देख रहा था. कई बार उसके शरीर से हाथ लगाया लेकिन उसने ध्यान नहीं दिया. इस बीच छेडख़ानी की भी कोशिश की लेकिन वह पिता का गुरु होने की वजह से चुप रही.

गोकर्ण ने 18 दिसंबर को किशोरी के साथ जबरदस्ती की कोशिश की. वह सबको घटना की जानकारी देना चाहती थी लेकिन डर गई. 20 दिसंबर को तड़के कथित महामंडलेश्वर उसके कमरे में घुसा और सोते में उसे पकड़ लिया. जबरदस्ती करने लगा तो उसने विरोध किया. यह देख उसे बंधक बना जमकर मारपीट की. इससे उसके चोटें आई हैं. किशोरी की चीख सुनकर काफी संख्या में परिक्रमार्थी एकत्रित हो गए. लोगों ने वहां हंगामा शुरू कर दिया और आरोपी गोकर्णदास को खरीखोटी सुनाई. कुछ लोग उसकी पिटाई करने को भी उतारू थे. पुलिस को स्थानीय लोगों ने सूचना दे दी.

खुद को फंसता हुआ देख आरोपी गोकर्णदास मौके से फरार हो गया. एक एनजीओ की कार्यकर्ता के सहयोग से किशोरी को थाने तक लाया गया, यहां उसने गोकर्णदास के खिलाफ तहरीर दी. पुलिस ने छेड़छाड व बालकों के प्रति यौन शोषण निवारण अधिनियम (पॉक्सो) के तहत मुकदमा दर्ज किया है. बाद में किशोरी का अस्पताल में प्राथमिक उपचार कराया गया. इसके बाद आश्रम से उसका सामान पुलिस ने निकाला और किशोरी को तराश मंदिर के निकट स्थित अखिल भारतीय महिला परिषद वृद्धा अवस्था आवास परिकल्प परिसर में शिफ्ट कर दिया. कोतवाली पुलिस मामले की जांच कर रही है.

Facebook Comments

इस खबर को अपने मित्रों से साझा करें..
    Print       Email
  • Published: 4 years ago on December 21, 2013
  • By:
  • Last Modified: December 21, 2013 @ 5:27 pm
  • Filed Under: अपराध

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

2 Comments

  1. Kamlesh Kumar Mehra says:

    yense logo to rod par bhaga bhaga kar mara jaye

  2. Rahul hindustan says:

    my

पाठक चाहे आलेखों से सहमत हों या असहमत, किसी भी लेख पर टिप्पणी करने को स्वतंत्र हैं. हम उन टिप्पणियों को बिना किसी भेद-भाव के निडरता से प्रकाशित भी करते हैं चाहे वह हमारी आलोचना ही क्यों न हो. आपसे अनुरोध है कि टिप्पणियों की भाषा संयत एवं शालीन रखें - मॉडरेटर

You might also like...

पनामा के बाद पैराडाइज पेपर्स लीक..

Read More →
Page Reader Press Enter to Read Page Content Out Loud Press Enter to Pause or Restart Reading Page Content Out Loud Press Enter to Stop Reading Page Content Out Loud Screen Reader Support
%d bloggers like this: