/आप के छह मंत्री रामलीला मैदान में शपथ लेंगे, मंत्री ना बनाये जाने से बिन्नी ने बैठक का बहिष्कार किया…

आप के छह मंत्री रामलीला मैदान में शपथ लेंगे, मंत्री ना बनाये जाने से बिन्नी ने बैठक का बहिष्कार किया…

-हरेश कुमार||

दिल्ली में अब आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार बननी तय हो गई है और इसके लिए अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में सारी तैयारियां शुरू हो गई है. अभी तक आ रही खबरों के अनुसार, केजरीवाल 28 दिसंबर को रामलीला मैंदान में अपने छह मंत्रियों – मनीष सिसौदिया, सौरभ भारद्वाज, गिरीश जोशी, राखी बिरला, सत्येंद्र जैन और सोमनाथ भारती के साथ मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण करेंगे.kejriwal delhi cm

दूसरी तरफ, पार्टी सूत्रों के अनुसार, ऐसी खबर छनकर आ रही है कि मंत्री पद के नाम की घोषणा होते ही पार्टी के अंदर मतभेद शुरू हो गए हैं. लक्ष्मीनगर विधानसभा सीट से पार्टी के विधायक, विनोद कुमार बिन्नी ने मंत्री ना बनाए जाने पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए पार्टी की बैठक का बहिष्कार करते हुए कार्यालय से निकल गए और उन्होंने कल पार्टी के खिलाफ एक बड़ा खुलासा करने का ऐलान भी कर दिया है.

जैसा कि अभी तक आ रही खबरों के अनुसार, पार्टी अपनी तरफ से शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के लिए पहले से चली आ रही परिपाटी के विरुद्ध किसी को भी न्यौता नहीं भेजेगी. पार्टी ने पहले से ऐलान कर दिया है कि उसके विधायक किसी तरह की विशेष सुविधा नहीं लेंगे.

पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसौदिया के अनुसार, पार्टी के द्वारा कल मंत्री के नामों का खुलासा कर दिया जायेगा. अऱविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया फेसबुक पेज पर अपनी सफाई देते हुए कहा है कि हम अल्पमत की सरकार बना रहे हैं और कांग्रेस से इसका कोई लेना-देना नहीं है. हम कांग्रेस पार्टी के भ्रष्टाचार की जांच करवायेंगे. हम सिर्फ आम आदमी के बारे में सोचते हैं और आम आदमी ही इस देश की तकदीर लिखेगा. दूसरी तरफ, कांग्रेस के कार्यकर्ताओँ ने आप को समर्थन देने के खिलाफ पार्टी कार्यालयों पर विरोध प्रदर्शन किया और नारे लगाने के साथ-साथ अरविंद केजरीवाल के पुतले फूंके.

‘आप’ ने दिल्ली के मुख्य सचिव से कहा है कि वह अपनी तरफ से शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के लिए किसी को बुलावा नहीं भेजेगी, अगर वे चाहें तो भेज सकते हैं. इसके अलावा, पार्टी ने विधायकों और उनके संबंधियों को आम लोगों के साथ बैठने का निर्देश दिया है. शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के लिए किसी विधायक को विशेष पास उपलब्ध नहीं कराया जायेगा.

गौरतलब है कि आप ने उप राज्यपाल से मिलकर 28 दिसंबर को सरकार के शपथ ग्रहण की इच्छा जताई है. लेकिन इसका अंतिम निर्णय उप राज्यपाल नजीब जंग, केंद्रीय गृह मंत्रालय से मिले निर्देशों के बाद ही करेंगे. अभी तारीख की घोषणा होनी बाकी है.

इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने किसी तरह की सुरक्षा लेने से इनकार करते हुए भगवान पर भरोसा जताया है. दिल्ली की जनता की नजर आम आदमी पार्टी के द्वारा सरकार के गठन और साफ सुथरे प्रशासन के साथ-साथ बिजली-पानी और भ्रष्टाचार तथा महंगाई से मुक्ति दिलाना है. आप के पास बहुत कम समय है. जैसा कि अगले साल मार्च-अप्रैल तक लोकसभा का चुनाव होने वाला है तो दो महीने पहले से ही आचार सिंहिता लागू हो जायेगी फिर तो कई तरह के प्रतिबंध लग जायेंगे. सो, कम से कम समय में अगर अऱविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आप दिल्ली की जनता का दिल जीतने की कोशिश करेगी. उसे ना तो कांग्रेस से ज्यादा उम्मीद करनी चाहिए और ना ही बाजपा से समर्थन की. वैसे बी किसी को इस सरकार के ज्यादा दिन चलने की उम्मीद नहीं है.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.