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दो हज़ार पांच सौ करोड़ का कोई दावेदार ही नहीं…

By   /  December 25, 2013  /  1 Comment

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देश की करीब दो हजार कंपनियों में निवेशकों के 2500 करोड़ रुपये ऐसे हैं, जिसके लिए कोई दावा नहीं कर रहा है.rupee-bundle-pun

कॉरपोरेट अफेयर मंत्रालय के पास ऐसी दो हजार कंपनियों ने अपने निवेशकों का ब्यौरा भेजा है. यह सभी निवेश पिछले सात साल के अंदर निवेशकों द्वारा किए गए हैं.

कॉरपोरेट अफेयर मामलों के मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार अक्टूबर 2013 तक 2097 कंपनियों ने यह जानकारी दी है कि उनके पास 2504 करोड़ रुपये ऐसे जमा हैं, जिसको लेने के लिए कोई दावा नहीं कर रहा है. कंपनियों के पास यह निवेश डिपॉजिट, डिविडेंड और डिबेंचर के रुप में हैं.

मंत्रालय के अधिकारी के अनुसार कंपनियों के पास पड़ी यह राशि निवेशकों द्वारा पिछले सात साल के अंदर निवेश की गई है. ऐसे में मंत्रालय इस तरह की कवायद कर रहा है कि निवेशक कंपनियों से अपने निवेश के लिए दावा कर अपनी पूंजी निकाल सके.

अधिकारी के अनुसार कंपनियों की यह जानकारी मंत्रालय के विभाग आईईपीएफ पर भी अपलोड कर दी गई हैं.

मौजूदा कंपनी कानून-1956 के तहत अगर किसी कंपनी के पास निवेशकों की राशि सात साल से ज्यादा समय से पड़ी है, तो वह कनसॉलिडेटेड फंड ऑफ इंडिया में चली जाती है. इस तरह के करीब 700 करोड़ रुपये फंड में पड़े हैं.

अधिकारी के अनुसार नए कंपनी कानून-2012 में हम इस तरह का प्रावधान कर रहे हैं कि सात साल से ज्यादा समय से पड़ी राशि को भी निवेशक निकाल सके.

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About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

1 Comment

  1. bharat ma kiasia koa chianta nhia hia kiasia koa sabkoa apnya pat ka pda hiy das ka koiya chianta nhia hiay jya hiand jya bharat

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