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अरविन्द केजरीवाल मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने मेट्रो ट्रेन से जायेंगे…

By   /  December 27, 2013  /  2 Comments

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नई दिल्ली,  देश की राजधानी दिल्ली के होने वाले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल राज्य के शीर्ष पद पर जाने के बाद भी सादगी नहीं छोड़ेंगे. जी हाँ, शनिवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के लिये राम लीला मैदान वो कार से नहीं बल्कि मेट्रो ट्रेन से जायेंगे. यह साबित करता है कि आम आदमी पार्टी के केजरीवाल मुख्यमंत्री बनने के बाद भी आदमी के ही रहेंगे.Arvind Kejriwal subway train will be sworn in as chief minister

अपने पार्टी कार्यालय के बाहर केजरीवाल ने मीडिया से कहा, “मैं शपथ ग्रहण समारोह में मेट्रो से जाउंगा.” आप के नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि केजरीवाल ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ लेने वाले छह विधायकों को भी रामलीला मैदान पहुचंने के लिए सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने को कहा है.

दिल्ली से लगे कौशांबी में केजरीवाल के आवास के बाहर सिसोदिया ने कहा, “वीआईपी संस्कृति को खत्म करने के लिए हम सार्वजनिक परिवहन का उपयोग कर रहे हैं.” खास बात यह है कि केजरीवाल व उनकी टीम इस समारोह में विशेष कपड़े भी नहीं पहनेंगे. साधारण कपड़ों में वो शपथ ग्रहण समारोह में जायेंगे. यही नहीं केजरीवाल ने कहा है कि इस समारोह में उनके व विधायकों के परिजनों के लिये भी कोई खास सीट प्रबंध नहीं किया गया है.

केजरीवाल की यह सोच भारतीय राजनीति में एक बड़ा बदलाव लाने जा रही है, लेकिन अफसोस यह कि तमाम बड़ी पार्टियां उनका विरोध कर रही हैं. अगर आप यह सोच रहे हैं कि केजरीवाल जिस नदी में तैर रहे हैं, अब उसकी धारा उलटी दिशा में बहना बंद हो गई है, तो आप गलत हैं, सच पूछिए तो धारा और तेज हो गई है. तमाम दलों को अब यह नहीं भा रहा है, क्यांकि अगर सांसद-विधायकों को दिया जाने वाला वीआईपी ट्रीटमेंट बंद हो गया, तो तमाम विधायक, जो सिर्फ रौले मचाने के लिये नेता बने हुए हैं, उनका करियर खत्म हो जायेगा.

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  • Published: 4 years ago on December 27, 2013
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  • Last Modified: December 27, 2013 @ 3:52 pm
  • Filed Under: राजनीति

About the author

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक “मुखौटों के पीछे – असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष” में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.

2 Comments

  1. mahendra gupta says:

    आप कुछ ज्यादा ही सादगी बरतने में आ गयी है, बेचारी कांग्रेस पहले से ही समर्थन दे पछता रही है,अब बहुत कुछ सोचना पड़ेगा और अवसर की तलाश जल्दी ही करनी होगी ताकि समर्थन की ईंट खिसका कर वापस घर बैठाया जाये केजरीवाल को.घोटालों की और हाथ बढ़ाते ही यह सब किया जायेगा, यह कांग्रेसी नेताओं के भाषणों से जाहिर हो ही रहा है.

  2. आप कुछ ज्यादा ही सादगी बरतने में आ गयी है, बेचारी कांग्रेस पहले से ही समर्थन दे पछता रही है,अब बहुत कुछ सोचना पड़ेगा और अवसर की तलाश जल्दी ही करनी होगी ताकि समर्थन की ईंट खिसका कर वापस घर बैठाया जाये केजरीवाल को.घोटालों की और हाथ बढ़ाते ही यह सब किया जायेगा, यह कांग्रेसी नेताओं के भाषणों से जाहिर हो ही रहा है.

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