/आप की सरकार को पचा नहीं पा रही भाजपा..

आप की सरकार को पचा नहीं पा रही भाजपा..

नए साल के पहले दिन दिल्ली विधानसभा के सत्र की शुरुआत हो गई है. विधानसभा की कार्यवाही के पहले दिन सभी विधायकों ने शपथ ली. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत विधायक आम आदमी पार्टी के ज्यादातर विधायक टोपी पहने हुए सदन में पहुंचे और शपथ लेने के दौरान भी टोपी पहने रहे. बीजेपी ने इस पर आपत्ति जताई है. बीजेपी नेता विजय जौली ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में इसे नियम के खिलाफ बताया. उन्होंने कहा कि प्रोटेम स्पीकर मतीन अहमद को इस पर ऐक्शन लेना चाहिए था. दिल्ली विधानसभा के पूर्व सचिव उमेश सहगल ने कहा कि उन्हें इस नियम की जानकारी नहीं है.aap in assembly

केजरीवाल के सदन छोड़ने पर भी सवाल

इससे पहले शपथ दिलाने की शुरुआत मंत्रिमंडल के सदस्यों से की गई. सबसे पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और इसके बाद शिक्षा और पीडब्लूडी मंत्री मनीष सिसोदिया व मंत्रिमंडल के बाकी सदस्यों ने शपथ ली. इसके बाद पार्टी के बाकी विधायकों को शपथ दिलाई गई. अरविंद केजरीवाल शपथ लेने के ठीक बाद सचिवालय के लिए निकल गए. केजरीवाल के शपथ के बीच में ही सदन छोड़ने पर भी ऐतराज जताया गया है. जानकारों का कहना है कि सदन की परंपरा होती है कि मुख्यमंत्री नेता प्रतिपक्ष के शपथ लेने तक सदन में मौजूद रहें. केजरीवाल शपथ लेने के बाद जब निकले तो बीजेपी विधायक दल के नेता हर्षवर्धन ने शपथ नहीं ली थी.

विश्वासमत की फिक्र नहीं

विधानसभा से निकलते हुए केजरीवाल ने मीडिया के सवालों के जवाब देते हुए कहा कि विश्वासमत सफल हो या नहीं, हमें इसकी चिंता नहीं है. हम जनता की सरकार चला रहे हैं. उन्होंने कहा कि बिजली कंपनियों के ऑडिट पर फैसला आज लिया जाएगा. बिजली को सब्सिडी देकर सस्ती करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सब्सिडी देना उन्हें भी पसंद नहीं है. इसका कोई स्थायी रास्ता खोजा जाएगा. विधानसभा के इस सत्र में केजरीवाल के सामने कई चुनौतियां हैं. उन्हें गुरुवार को विश्वासमत हासिल करना है. विधानसभा का यह सत्र 7 जनवरी तक चलेगा.

विधायकी हुई पक्की

हंग असेंबली में चुन कर आए जनप्रतिनिधियों के लिए आज राहत और खुशी का दिन था. पहली बार चुनकर आए विधायकों ने पहली बार सदन में बैठने का अनुभव हासिल किया. शपथ लेने के साथ ही विधायक कई अतिरिक्त सुविधाओं और विशेषाधिकार के हकदार हो जाएंगे. विधायक न रहने के बाद भी कई सुविधाएं जारी रहेंगी.

विधानसभा में अब किस दिन क्या होगा

2 जनवरी- सरकार विश्वासमत हासिल करेगी.

3 जनवरी- विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव होंगे.

4 और 5 जनवरी- अवकाश रहेगा.

6 जनवरी- सदन में उप राज्यपाल का अभिभाषण होगा.

7 जनवरी- उपराज्पाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव और चर्चा की जाएगी.

Facebook Comments

संबंधित खबरें:

  • संबंधित खबरें उपलब्ध नहीं

मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.