/दिल्ली विधानसभा में भाजपा ने अपनाया हमलावर रूख…

दिल्ली विधानसभा में भाजपा ने अपनाया हमलावर रूख…

दिल्ली में सरकार बनाकर इतिहास रचने वाली आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार ने बृहस्पतिवार को विधानसभा में विश्वास मत प्रस्ताव पेश किया. शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने प्रस्ताव पर बहस की शुरुआत की, जो पांच बजे तक चलेगी और उसके बाद वोटिंग कराई जाएगी. दूसरी ओर, कांग्रेस ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि उसके आठ विधायक सरकार के समर्थन में अपना वोट देंगे. इसलिए अब यह लगभग तय हो गया है कि केजरीवाल सरकार बहुमत हासिल कर लेगी.kejriwal02
सिसोदिया ने विश्वास प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव में हालांकि उन्हें पूर्ण बहुमत नहीं मिला, लेकिन जनता ने हमें नैतिक बहुमत दिया है इसलिए उनकी भावनाओं को ध्यान में रखते हमने सरकार बनाई है. उन्होंने कहा कि हमारा मकसद राजनीति में वीआइपी संस्कृति समाप्त कर स्वच्छ और सादगी भरी राजनीति का संदेश देना है.
सदन में भाजपा नेता डॉ. हर्षवर्धन ने चर्चा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि जब आम आदमी पार्टी का गठन हुआ था तो लोगों को एक उम्मीद जगी. राजनीति में शुचिता के हम भी हिमायती हैं. उन्होंने कहा कि लोगों की नजर में सबसे ज्यादा ईमानदार पार्टी को सबसे ज्यादा वोट और सीटें मिली. लेकिन विडंबना है कि सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बावजूद भाजपा विपक्ष में बैठी है. उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने कसम खाई थी कि वह न तो भ्रष्ट पार्टी कांग्रेस से समर्थन लेंगे और न देंगे, लेकिन उन्होंने अपनी कसम तोड़ी. हर्षवर्धन ने कहा कि आखिर क्या वजह ही कि आप ने भ्रष्ट का कांग्रेस से हाथ मिला. उन्होंने केजरीवाल के ऊपर एक-एक कर हमले किए. उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने कहा था कि वो न तो सरकारी बंगला लेंगे और न ही सुरक्षा लेंगे, लेकिन उनकी रामलीला मैदान में सुरक्षा के लिए चार हजार पुलिसकर्मी लगाए गए, उनके लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था है. मुझे यह भी पता है कि केजरीवाल के लिए तिलक मार्ग में दो सरकारी फ्लैट तैयार कराए जा रहे हैं. उन्होंने मेट्रो में उनके द्वारा सवारी करने भी तंज कसा. उन्होंने कहा कि इस दौरान सुरक्षा नियमों को तार-तार किया गया. भीड़ बेकाबू हो चुकी थी जिससे बड़ा हादसा होते-होते बचा. मेट्रो में हम भी सवारी करते हैं, लेकिन फोटो नहीं खिंचवाते. हर्षवर्धन ने कश्मीर में जनमत संग्रह, इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा की शहादत पर सवाल उठाने, बिजली बिल में छूट और मुफ्त पानी को लेकर भी आप सरकार पर जमकर हमला बोला.
उधर, भाजपा के वरिष्ठ विधायक जगदीश मुखी और आप विधायक महेंद्र सिंह धीर ने स्पीकर पद के लिए नामांकन दाखिल कर मुकाबले को रोमांचक बना दिया है. इस बीच, भाजपा अपने सभी 31 विधायकों विश्वास मत के खिलाफ वोट करने के लिए व्हिप जारी किया है. लेकिन कांग्रेस ने अपने विधायकों के लिए कोई व्हिप जारी नहीं किया है.
सदन के आंकड़े
सदन के गणित की बात करें तो अकाली दल के साथ भाजपा के 32 विधायक हैं. इधर आप के 28 विधायक हैं और कांग्रेस के 8 विधायक सरकार को समर्थन कर रहे हैं. जनता दल यूनाइटेड के शोएब इकबाल ने भी आप को समर्थन दिया है. इस प्रकार सदन में सरकार के पक्ष में 37 विधायक हैं, जबकि बहुमत के लिए 36 विधायकों का समर्थन चाहिए.
कांग्रेस के एक विधायक मतीन अहमद को प्रोटेम स्पीकर बना दिया गया है. इसके बावजूद सरकार के पक्ष में 36 मत पड़ने चाहिए. यदि ऐसा ही होता है तो सरकार को कोई खतरा नहीं है.

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.