/नमो के डेढ़ सौ करोड़ के दफ्तर की खबर हटाई टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने..

नमो के डेढ़ सौ करोड़ के दफ्तर की खबर हटाई टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने..

कॉरपोरेट्स से मीडिया के रिश्तों की ख़बरें पुरानी पड़ चुकी हैं. अब तो मीडिया और नरेन्द्र मोदी के बीच पक रही खिचड़ी सामने आ रही है. इसकी बानगी मिलती है टाइम्स ऑफ़ इंडिया की वेब साईट से नरेन्द्र मोदी के डेढ़ सौ करोड़ की लागत से बने भव्य कार्यालय की खबर को हटा लेने से.TOI Modi Office

गौरतलब है कि अरविन्द केजरीवाल द्वारा सरकारी फ्लैट्स लेने की ख़बरों के बीच दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्रियों द्वारा उपयोग में ली जा रही सुविधाएँ भी चर्चा में आईं तो अंग्रेजी एक बड़े अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया की साईट पर नरेन्द्र मोदी के गांधीनगर में डेढ़ सौ करोड़ रुपये की लागत से बने बुलेट प्रूफ कार्यालय की खबर लगाई थी.

मगर जैसे ही यह खबर सोशल मीडिया पर फैली उसके कुछ देर बाद इस खबर को हटा दिया गया. अब इस खबर के लिंक पर क्लिक करने से इन्टरनेट ब्राउज़र इस लिंक पर पहुँचाने में असमर्थता प्रकट कर रहा है. मगर खबर हटने से पहले इस पेज को गूगल कैच कर चुका था. तसवीरों में ब्राउज़र और गूगल कैच दोनों को देखा जा सकता है.

ऐसा भी नहीं था कि यह खबर बेसिर पैर की हो. सच्ची खबर होने के बावजूद इस खबर को हटाने के पीछे कुछ खास कारण ही रहे होंगे वरना ऐसे तो खबर हटती नहीं. जानकारों का कहना है कि नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री बनवाने के लिए जो हजारों करोड़ का विज्ञापन अभियान है उसमें टाइम्स समूह को भी बड़ा हिस्सा मिला है और इस खबर के प्रकाशित होने के बाद मोदी की निगाहें इस समूह की और टेढ़ी हो गईं. इसकी भनक मिलते ही यह खबर आनन फानन में हटा दी गयी. सच्चाई जो भी हो टाइम्स ऑफ़ इंडिया का असल चेहरा तो सबके सामने आ ही गया.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की वेब साईट पर लगी मूल खबर नीचे है जो कि गूगल कैच से ली गई है. गूगल कैच पर इस खबर को यहाँ क्लिक कर देखा जा सकता है..

Rs 150 crore bullet-proof office ready for Narendra Modi

AHMEDABAD: Gujarat chief minister Narendra Modi would shift to his newly-built office in Gandhinagar unofficially dubbed as the ‘North Block’ after ‘kamurtas’ or the inauspicious period ends in mid-January. Incidentally, the Prime Minister’s office is located inside New Delhi’s South Block.TOI Modi Office Cache

The new Rs 150-crore chief minister’s office complex, built in less than a year, has a south block too modeled on New Delhi’s secretariat, where his ministers will have their offices. The complex will be officially called ‘Panchamrut’, meaning that elixir for six crore Gujaratis will flow from here

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मीडिया दरबार के मॉडरेटर 1979 से पत्रकारिता से जुड़े हैं. एक साप्ताहिक से शुरूआत के बाद अस्सी के दशक में स्वतंत्र पत्रकार बतौर खोजी पत्रकारिता में कदम रखा, हिंदी के अधिकांश राष्ट्रीय अख़बारों में हस्ताक्षर. उसी दौरान राजस्थान के अजमेर जिले के एक सशक्त राजनैतिक परिवार द्वारा एक युवती के साथ किये गए खिलवाड़ पर नवभारत टाइम्स के लिए लिखी रिपोर्ट वरिष्ठ पत्रकार श्री मिलाप चंद डंडिया की पुस्तक "मुखौटों के पीछे - असली चेहरों को उजागर करते पचास वर्ष" में भी संकलित की गयी है. कुछ समय के लिए चौथी दुनियां के मुख्य उपसंपादक रहे किन्तु नौकरी कर पाने के लक्खन न होने से तेईस दिन में ही चौथी दुनिया को अलविदा कह आये. नब्बे के दशक से पिछले दशक तक दूरदर्शन पर समसामयिक विषयों पर प्रायोजित श्रेणी में कार्यक्रम बनाते रहे. अब वैकल्पिक मीडिया पर सक्रिय.